पीपुल्‍स से इस्‍तीफा देकर प्रजासत्‍ता में संपादक बने सुशील दुबे

वरिष्‍ठ पत्रकार एवं पीपुल्‍स समाचार, इंदौर में समाचार संपादक के पद पर कार्यरत सुशील दुबे ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे अब नए प्रकाशित होने वाले दैनिक अखबार प्रजासत्‍ता के साथ जुड़ गए हैं. उन्‍हें अखबार का संपादक बनाया गया है. वे 20 फरवरी को अपनी नई जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे. भाषा पर गहरी पकड़ रखने वाले सुशील दुबे ने पत्रकारों की लंबी फौज तैयार की है, जो तमाम अखबारों में वरिष्‍ठ पदों पर कार्यरत हैं.

सुशील दुबे पिछले 33 सालों से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. वे पीपुल्‍स समाचार के अलावा दैनिक भास्‍कर, नवभारत, चौथा संसार, दैनिक जागरण, राज एक्‍सप्रेस समेत कई संस्‍थानों में वरिष्‍ठ पद पर रह चुके हैं. श्री दुबे की गिनती मध्‍य प्रदेश के जाने माने पत्रकारों में की जाती है.

पीपुल्‍स समाचार, इंदौर : रमन रावल बने नए आरई, प्रबंधन से नाराज यूनिट हेड छुट्टी पर

: इस बार पत्रकारों को दीपावली पर नहीं मिली मिठाई : वरिष्‍ठ पत्रकार रमन रावल को पीपुल्‍स समाचार, इंदौर का स्‍थानीय संपादक बना दिया गया है. ग्रुप एडिटर एनके सिंह से विवाद के बाद स्‍थानीय संपादक प्रवीण खारीवाल ने इस्‍तीफा दे दिया था, तभी से यह पद खाली चल रहा था और अस्‍थाई रूप से राधेश्‍याम धामू इसकी जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. पीपुल्‍स समाचार ज्‍वाइन करने से पहले रमन रावल चौथा संसार में संपादक के पद पर कार्यरत थे. रमन रावल पिछले तैंतीस साल से इंदौर में ही पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्‍कर में सीनियर पदों पर रहे. भास्‍कर टीवी के प्रधान संपादक रहे. नई दुनिया में भी वरिष्‍ठ पदों पर काम कर चुके हैं. 

पीपुल्‍स समाचार, इंदौर से दूसरी खबर यह है कि यूनिट हेड श्रीराम कृष्‍ण मैनेजमेंट के रवैये से नाराज होकर छुट्टी पर चले गए हैं. चर्चा के अनुसार उनकी नाराजगी का कारण दिवाली पर दिया गया अत्‍यधिक विज्ञापन टार्गेट है. पर सूत्रों का कहना है कि वो मैनेजमेंट के गलत नीतियों से पहले ही नाराज चल रहे थे, उस पर यह विज्ञापन टार्गेट ने घी का काम कर दिया. चर्चा है कि वे प्रदेश टुडे से जुड़ सकते हैं. प्रदेश टुडे प्रबंधन ने पहले भी उनकी निकटता रही है. कहा जा रहा है कि अगर वे प्रदेश टुडे ज्‍वाइन करते हैं तो यह उनके लिए घर वापसी जैसी होगी.

पीपुल्‍स समाचार, इंदौर से तीसरी खबर यह है कि इस बार दीपावली पर पत्रकारों को एक मिठाई तक नहीं दी गई. इससे पहले पत्रकारों को दिवाली के मौके पर प्रबंधन द्वारा मिठाई दी जाती थी, परन्‍तु इस बार यह परिपाटी टूट गई. प्रबंधन के इस रवैये से पीपुल्‍स समाचार के पत्रकार अंदर से खिन्‍न हैं. हालांकि दूसरे अखबारों में भी इसको लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं कि पीपुल्‍स की औकात अब अपने पत्रकारों को मिठाई देने की भी नहीं रही.