यशवंत बने ‘‘आप’’ के सदस्य

अपनी बेबाक कलम और निराली शैली से लोगों को जब तब चौंकाने वाले भड़ास फार मीडिया के संपादक यशवंत सिंह एक बार फिर कुछ नया करने के मूड मे नजर आ रहे हैं। कई मीडिया ग्रुप और मीडिया हाउसों की सात तालों मे बन्द खबरों को पूरी दुनिया मे प्रकाशित करने और इस काम के पारिश्रमिक के रूप मे जेल यात्रा का सुख लूटने वाले यशवंत अब राजनीति की रपटीली राहों पर पैर रख चुके हैं।

पिता को न घसीटें, लिखें कि जांच में कुछ न मिला : स्वतंत्र मिश्रा

सहारा मीडिया के हेड स्वतंत्र मिश्रा ने अपने और अपने पिता के बारे में भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित खबर व दस्तावेजों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है. हालांकि स्वतंत्र मिश्रा और उनके कई लोगों ने भड़ास4मीडिया को बार-बार फोन कर इस खबर को रोक दिए जाने की बातें तरह-तरह के तरीकों से कहीं पर भड़ास4मीडिया का सबसे यही कहना था कि खबर नहीं हटाएंगे क्योंकि खबर के नाम पर कुछ लाइनें हैं, बाकी सब दस्तावेज हैं.

पागल समय में डीडी मिश्र जैसा स्वस्थ होने का मतलब

संभव है डीडी मिश्र जो कुछ कह बोल कर गए, उसे अब आगे न बढ़ाएं. संभव है वे चुप हो जाएं. संभव है वे यूपी सरकार व अपने घर-परिवार के दबाव में आकर नौकरी-पेंशन-रिटायरमेंट-सुरक्षा-दुनियादारी आदि के कारण परमानेंट चुप्पी साधे रहें. लेकिन इससे वो कमतर नहीं हो जाता जो डीडी मिश्र के बयान के जरिए सामने आया. एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर सिस्टम के परम करप्ट हो जाने और दबावों-अराजकताओं के कारण उबल पड़ता है.