उपजा से जुड़े पत्रकारों ने की उपनिदेशक सूचना इलाहाबाद के निलंबन की मांग

इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन उपजा से जुड़े पत्रकारो ने इलाहाबद कमिश्नर से मिलकर जनसंपर्क विभाग में तैनात उपनिदेशक सूचना आर.पी द्विवेदी को निलंबित करने की मांग की है.
इस संबंध में कमिश्नर को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें उपनिदेशक सूचना द्वारा पत्रकारों के साथ किये जा रहे पक्षपात पूर्ण व्यवहार व सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को मीडिया तक पहुंचाने से रोकने के बारे में जांच की मांग रखी गयी है. कमिश्नर ने कहा कि वह जल्द ही इस मामले में कठोर कार्रवाई करेंगे.
उन्होंने उपनिदेशक सूचना की कार्यप्रणाली जानकर आश्चर्य जताया और कहा कि सरकारी पदों पर बैठा व्यक्ति यदि ऐसा व्यवहार कर रहा है तो यह मामला काफी गंभीर है. उपजा इलाहाबाद इकाई के जिलाध्यक्ष राजीव चंदेल ने कमिश्नर से कहा कि उप निदेशक सूचना इलाहाबाद के कार्यव्यवहार से यहां मीडियाकर्मी त्रस्त हैं. मीडियकर्मियों के प्रति उनके पक्षपातपूर्ण रवैये के कारण आम जनता के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रहीं लाभकारी व कल्याणकारी योजनाएं मीडिया तक समुचित ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं. इस वजह से बड़ी संख्या में आम-आवाम सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी से वंचित है. पत्रकारों का कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों, कमिश्नर, डीएम के दौरे, प्रेस कॉफ्रेंस, प्रेस रिलीज, जनकल्याणकारी योजनाओं व जीओ के बारे में जनसंपर्क विभाग पत्रकारों को सूचना नहीं दे रहा है. मीडियाकर्मियों द्वारा फोन करने के बाद कुछ पत्र-पत्रिकाओं को जानकारी दी जाती है. इस मामले में ज्यादातर मीडियकर्मियों के साथ पक्षपात व भेद-भावपूर्ण बर्ताव किया जा रहा है. 
इसके अलावा अखबारों की कटिंग विभागवार प्रेषित नहीं की जाती है. जिन विभागों की गलत कार्यप्रणाली व उसमें व्याप्त घोर भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए मीडियकर्मी खबरें लिख रहे हैं, उससे उस विभाग के खिलाफ जांच न बैठ जाए, इसके लिए जनसंपर्क विभाग में बैठे उपनिदेशक सूचना मैनेज करने का काम कर रहे हैं. विभागों की कार्यप्रणाली व भ्रष्टाचार उजागार करने वाली खबरों की कटिंग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचने से रोकने के लिए उपनिदेशक सूचना ने बकायदा सेंडिकेट बना रखा है.
जिसके माध्यम से वह अपने चहेते अधिकारियों को बचाने का काम करते हैं, तथा ईमानदारी से कार्यकरने वाले विभागाध्यक्षों के खिलाफ आधारहीन खबरें लिखने के लिए अफवाह उड़ाने का कार्य करते हैं. 
संगठन मंत्री नागेंद्र सिंह ने कहा कि उपनिदेशक सूचना के तानाशाहीपूर्ण रवैये के कारण जनसंपर्क विभाग में सभी अखबारों की फाइलें नहीं लगायी जाती हैं, इसके लिए भी मीडियाकर्मियों को काफी परेशान होना पड़ता है. पिछले कई सालों से यहां तैनात उपनिदेशक सूचना पत्र समूहों व पत्रकारों के बीच पक्षपात व भेदभाव पूर्ण व्यवहार करते हैं तथा पत्रकारों के बीच राजनीति करने का काम कर मीडियाकर्मियों को आपस में लड़वाने का भी काम कर रहे हैं. 
उपजा के मंत्री रवि सिंह ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों, वीवीआइपी व वीआइपी कार्यक्रमों के कवरेज के लिए पास जारी करने में भी उपनिदेशक सूचना द्वारा मीडिया कर्मियों के बीच भेदभाव व पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है. एक पत्र समूह के ही कई पत्रकारों का पास जारी कर दिया जाता है, जबकि अन्य पत्र-पत्रिकाओं, चैनल के पत्रकारों को पास जारी करने की वजाय उन्हें जनसंपर्कविभाग से भगा दिया जाता है. कई बार तो पास जारी करने में धन उगाही करने की शिकायत सामने आ चुकी है.
कमिश्नर को ज्ञापन सौंपने वाले उपजा पदाधिकारियों में जिलाध्यक्ष राजीव चन्देल, महांमंत्री कुन्दन श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष शशिकांत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष परवेज आलम, उपाध्यक्ष अनुराग तिवारी, पंकज सिंह, संगठन मंत्री नागेन्द्र सिंह, मंत्री अमरदीप चौधरी, भूपेश सिंह, रोहित शर्मा, आय-व्यय निरीक्षक उमाशंकर गुप्ता आदि सम्मिलित थे. 
 
राजीव चंदेल 

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