दुराचार पीड़ित महिला पत्रकार ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज़ कराया

मिर्जापुर। बलात्कार की शिकार महिला पत्रकार ने शनिवार को सीजेएम न्यायालय में सीआरपीसी की धारा 164 का कलमबंद बयान दर्ज कराया। इसके पहले महिला का पुलिस ने जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया था। इस मामले में पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जबकि घटना में प्रयुक्त स्कार्पियों को पुलिस ने सीज कर आरोपी अश्विनी तिवारी को जेल भेज दिया। मजिस्ट्रेट को बयान देने के बाद महिला पत्रकार ने बताया कि उसके साथ बुरा हुआ है। घटना में तीन लोग शामिल थे। एक की पहचान वह कर चुकी है, एक फरार है, और तीसरे को सामने आने पर पहचान लेगी।

पुलिस के साथ पीड़िता
पुलिस के साथ पीड़िता
महिला पत्रकार ने इस दौरान पत्रकारों व समाजसेवियों से मदद की गुहार भी लगाई। हालांकि महिला के इस आरोप को कुछ लोग शक की निगाह से देख रहे है। सवाल खड़ा कर कर रहे है कि अगर महिला अपने बहन के साथ थी तो वह घटना के दिन मां अष्टभुजा दर्शन के लिए साथ क्यों नहीं ले गयी। महिला को अगर लोगों ने जबरदस्ती उठाया तो उसके चिखने-चिल्लाने की आवाज किसी को क्यों नहीं सुनाई दी। घटना के दौरान छीना-झपटी और हाथापाई के दौरान महिला के शरीर पर गंभीर चोट के निशान क्यों नहीं मिले। अंधेरे में महिला ने कार का नम्बर कैसे देख लिया।

शनिवार को सुबह महिला के बताएनुसार कार व चालक को आरोपियों के घर से बरामद कर लिया गया। इतना ही नहीं महिला ने जिस युवक का नाम बताया पुलिस ने चालक के संग उसे भी गिरफ्तार कर लिया। लेकिन चश्में के चक्कर में वह कंफ्यूज हो गई। महिला ने चालक को ही असली अभियुक्त बताकर शिनाख्त कर दी। जबकि जिसे वह असली अभियुक्त कहकर नाम बताया वह शिनाख्त के दौरान बच निकला। मजबूरन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। अब महिला बयान दे रही है कि घटना के दौरान मैने जो नाम बताया वह आपस इसी नाम से एक-दुसरे को पुकार रहे थे।

फिलहाल पुलिस इन सवालों को गंभीरता से लेकर पीड़िता का बयान दर्ज कराने के बाद मामले की तहकीकात में जुट गई है। महिला पत्रकार उत्तराखंड के रुद्रपुर की निवासी है। वह अपनी छोटी बहन के साथ 24 मार्च को नवरात्रि के अवसर पर विशेष कवरेज के लिए विंध्याचल आई थी। दोनों विंध्याचल में ही एक होटल में रुकी थीं। शुक्रवार को सायंकाल, मां अष्टभुजा के दर्शन के लिए निकली थी। महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसे भोर में छोड़ा। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 व संबंधित धाराए दर्ज की है। सूत्र बताते है कि मामला षडयंत्र का हो या अन्य लेकिन कानून के तहत आरोपियों का बचना मुश्किल है।

पुलिस पत्रकार महिला का कलमबंद बयान सोमवार को अवलोकन के लिए खोलेगी। इसके बाद तफ्तीश में जुटेगी। पीड़ित महिला ने कहा है कि आरोपी चाहे जितने भी पहुंच वाले क्यों न हो, वह न्याय मिलने तक संघर्ष करेगी। आरोपियों को जेल भिजवाने व सजा दिलाने के बाद ही चैन से बैठेगी।

 

सुरेश गांधी। संपर्कः sureshgandhi.aajtak@gmail.com
 

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