प्रेस विज्ञप्ति
समाजवादी पार्टी से निलंबित आगरा के सांसद राज बब्बर ने कहा है कि उन्होंने पार्टी के महासचिव अमर सिंह को लेकर जो भी कहा, उसका उन्हें कोई पछतावा नहीं है. सांसद ने कहा कि अमर सिंह के साथ पहले भी उनके संबंध कामकाजी थे और आज भी कामकाजी संबंध बना हुआ है. स्टार न्यूज के साप्ताहिक कार्यक्रम जो कहूंगा, सच कहूंगा में दीपक चौरसिया के साथ बातचीत में बब्बर ने कहा कि एसपी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कर्म में अनुशासन व बोलने की आजादी का मंत्र दिया था पर आज पार्टी में बोलने की आजादी नहीं है व काम में अनुशासन खत्म हो रहा है. उन्होंने कहा कि 3 साल पहले उन्होंने यही बात कही थी, जिन्हें ये बात अच्छी नहीं लगी, उन्होंने मुझे निलंबित करा दिया.
वो पहले भी समाजवादी थे, आज भी समाजवादी हैं और आगे भी समाजवादी विचार वाले रहेंगे. राज ने कहा कि अमर सिंह मेहनती हैं और बहुत काम करते हैं लेकिन वो इसे सार्थक तरीके से करें तो एसपी को बहुत फायदा होगा. कांग्रेस से नजदीकी बनाकर चल रहे बब्बर ने कहा कि वो ऐसी कई बातें एसपी प्रमुख के सामने विस्तार से रखना चाहते थे लेकिन उन्हें निलंबित करने और दो-दो समितियां
बनाने के बाद भी कोई कारण बताओ नोटिस नहीं मिला. नोटिस के इंतजार में ही उन्होंने एसपी से इस्तीफा नहीं दिया. लेकिन अब चुनावी राजनीति का समय आ गया है इसलिए वो कांग्रेस के साथ हैं और फतेहपुर सीकरी से लड़ रहे हैं. फतेहपुर सीकरी की जनता के बीच वो पहले से खड़े हैं, दूसरा उम्मीदवार एसपी ने दिया है. बब्बर ने कहा कि यूपीए सरकार के विश्वासमत के बाद कांग्रेस से सहमति लेकर वो फतेहपुर सीकरी की जनता के बीच गए और वहां के लोगों ने उन्हें चुनाव लड़ने का आदेश दिया है.
तारीफ के जवाब में भेजा था गुलदस्ता : अमर सिंह को उनके जन्मदिन पर गुलदस्ता भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि गुलदस्ता भेजने से 6-7 दिन पहले मथुरा में किसानों की हत्या के विरोध में एक सभा के दौरान अमर सिंह ने उनकी बहुत तारीफ की थी. राज ने बताया कि अमर ने उस दिन उन्हें पुराना साथी कहा था और जवाब में उन्होंने साफ किया था कि साथी नया और पुराना नहीं, अच्छा या बुरा होता है. उन्होंने कहा कि जब अमर ने सार्वजनिक मंच पर उनके काम की तारीफ की तो जन्मदिन पर गुलदस्ता भेजने और फोन करके बधाई देने में उन्होंने कोई हिचक नहीं महसूस की. उन्होंने इससे इनकार किया कि गुलदस्ता भेजने का उनके चुनाव लड़ने से जुड़ा कोई राजनीतिक मतलब था. जब उन्हें बताया गया कि अमर सिंह ने कहा है कि बब्बर ने फूल के साथ कांटे भी भेजे तो राज ने कहा, जैसी जिसकी भावना, वैसी उसकी सोच.
नेतृत्व हाईजैक, बुनियाद रखने वालों का ऑपरेशन : राज बब्बर ने कहा कि उन्होंने एसपी में रहते हुए नेतृत्व को हाईजैक करने की प्रवृति के खिलाफ कहा था जो स्थिति बनी हुई है. इसके कारण पार्टी की बुनियाद रखने वाले नेताओं का ऑपरेशन शुरू हो गया. मेरे बाद बेनी प्रसाद वर्मा और अब आजम खां के साथ वही हो रहा है. उन्होंने कहा कि एसपी में सिर्फ एक आदमी नेता है और वो मुलायम सिंह यादव हैं. बब्बर ने कहा कि वो अमर सिंह को नेता नहीं मानते. अमर का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के बराबर कुछ लोगों की तस्वीर पार्टी के कार्यक्रमों में लगाई जा रही थी, इसका भी उन्होंने विरोध किया था. उन्होंने कहा कि सांसद के रूप में उन्होंने आगरा के लिए हवाई अड्डा, स्टेडियम और गंगाजल की बड़ी योजनाएं मंजूर करवाई थी लेकिन बाद में इन योजनाओं को अमर सिंह की अध्यक्षता वाले यूपी विकास बोर्ड की तरफ से सैफई ले जाने की बात उठाई गई. मुझे इन योजनाओं के सैफई जाने की कोशिशों से दुख नहीं था लेकिन जिस तरीके से यह किया गया, उससे तकलीफ हुई.
उम्र के हिसाब से फिल्मों का चुनाव : राज बब्बर ने कहा कि जब वो एसपी में शामिल हुए थे उस वक्त वो 63 फिल्मों में काम कर रहे थे. अब वो अपनी उम्र के हिसाब से फिल्में चुनते हैं और इसका भी ख्याल रखते हैं कि सांसद के रूप में उन पर जो जवाबदेही है, उसमें फिल्म से कोई बाधा न हो. उन्होंने बताया कि मधुर भंडारकर के साथ वो आगे भी फिल्म करेंगे. हिमेश रेशमिया के साथ उनकी दो फिल्में शुरू हो रही हैं जिसकी शूटिंग वो चुनाव के बाद करेंगे.











