: गांडीव प्रबंधन को कहा मार्च का पूरा वेतन दें : अपर लेबर कमिश्नर डी के कंचन ने वाराणसी के सांध्य दैनिक गांडीव की मालकिन रचना मोंगा को साफ शब्दों में सोमवार को कह दिया कि पहले मार्च महीने की पूरी सेलरी कर्मचारियों को दें फिर बात होगी। ज्ञात हो कि रिकवरी सर्टिफिकेट के पूर्व की नोटिस पर सुनवाई हो रही थी।
श्री कंचन ने मालकिन रचना मोंगा से साफ पूछा कि अबतक आपने इस मामले पर क्या किया है। वेतन रजिस्टर बनने के बाद भी सैलरी पार्ट पेमेंट में क्यों पेमेंट हो रही है। अंतरिम मामले में तो पार्ट पेमेंट माना जा सकता है। पहले अंतरिम लगाकर मार्च का पूरा वेतन दीजिए फिर बात कीजिए। वेतन रजिस्टर के हिसाब से पाई-पाई दर्ज होना चाहिए। यही नहीं जिन डेढ़ दर्जन कर्मचारियों का कम्प्लेन आया है उनका स्टेटस भी दीजिए। हर एक को कितना बकाया देना है, एक एक की कितनी किश्त बनेगी एक-एक बिंदु पर रिपोर्ट हर कर्मचारी का लेबर दफ्तर को चाहिए। समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के मंत्री अजय मुखर्जी दादा और काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त पप्पू भी मौके पर थे। दादा ने बताया कि श्री कंचन आज बेहद सख्त थे।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा वाराणसी से प्रकाशित आई-नेक्स्ट की ओर से अंकुर चढ्ढा, निशात अली और एक वकील लेबर आफिस में श्री कंचन के सामने प्रस्तुत हुए। दादा ने श्री कंचन को संबोधित करते हुए पूछा कि जब आई-नेक्स्ट के खिलाफ आरसी पूर्व की नोटिस जारी हुई थी तो आई-नेक्स्ट की ओर से प्रारंभिक आपत्ति कैसे स्वीकार की गयी। इस पर श्री कंचन ने कहा कि नहीं इसे सुनवाई के लिए स्वीकार किया गया है, जिसपर अभी सुनवाई हो रही है।
श्री कंचन ने आई-नेक्स्ट से आए लोगों से पूछा कि डेढ़ साल से एप्लीकेशन पड़ा है, आप लोग अबतक कहां थे और आई नेक्स्ट से अंकुर चढ्ढा, निशात अली और आपके साथ आए व्यक्ति का क्या संबंध? चढ्ढा, निशात अली तो जागरण के हैं जो बराबर आते रहते हैं। पहले आई-नेक्स्ट की ओर से अथारिटी लेटर लाइये अन्यथा आरसी के पूर्व जारी की जाने वाली नोटिस में दी गयी अंतरिम की पूरी रकम तुरंत जमा करें। जागरण से आए लोगों ने अनुनय विनय किया कि एक डेट दे दीजिए पर श्री कंचन ने कुछ नहीं सुना। उन्होंने साफ कहा कि अंतरिम का एरियर जमा करें उसके बाद ही कुछ होगा और सुनवाई खत्म हो गयी है। आपके खिलाफ आरसी के पूर्व जारी आदेश स्टैंड करेगा। जागरण से आए लोग अनुनय विनय करते रहे पर श्री कंचन ने कुछ नहीं सुना। इतना आदेश होने पर दादा और पप्पू श्री कंचन के कक्ष से बाहर निकल आए। साभार : पूर्वांचलदीप












satish Dwivedi
April 3, 2011 at 11:59 am
dost pahle version la late to thik rahta.news puri tarah union ki bhasha me ha. satish dwivedi Kanpur