नमस्कार, मैं आपसे मदद चाहता हूँ. माननीय हाईकोर्ट जबलपुर में पत्रकारों पर फर्जी मामले लादे जाने के विषय में मेरी एक शिकायत के जवाब में सिवनी पुलिस प्रशासन द्वारा कहा गया है कि स्ट्रिंगर पत्रकारों की श्रेणी में नही आते हैं. अर्थात स्ट्रिंगर पत्रकार नहीं होते हैं. ऐसी स्थिति में तो सभी चैनलों में काम करने वाले स्ट्रिंगरों के सामने उनकी पहचान पर प्रश्नचिन्ह लग गया है.
जबकि सारे न्यूज़ चैनल स्ट्रिंगरों को संवाददाता कह कर पुकारते हैं. हर फ़ोनो में संवाददाता कह कर ही सम्बोधित किया जाता है. मेरी आपसे प्रार्थना है कि प्रेस लाइन से जुड़े कानूनविदों से इस विषय पर सलाह लेकर मुझे मार्ग बतायें ताकि पूरे देश में काम कर रहे स्ट्रिंगर भाइयों के हित के लिए मैं माननीय हाईकोर्ट में अपना पक्ष रख सकूं.
राजेश स्थापक
सिवनी
09425426651
09981300822












जयशंकर सुमन
March 31, 2011 at 9:21 am
राजेश जी
स्ट्रिंगर पत्रकार ही होते है , फूल टाइमर की श्रेणी में नही बल्कि अंशकालीन संवाददाता होता है फूल टाइमर पत्रकार को वेतन दिया जाता है जबकि स्ट्रिंगर को चैनलों में खबर के हिसाब से पैसे मिलते है , आपने कहा की सिवनी पुलिस प्रशासन द्वारा कहा गया है कि स्ट्रिंगर पत्रकारों की श्रेणी में नही आते हैं. अर्थात स्ट्रिंगर पत्रकार नहीं होते हैं. ऐसी स्थिति में तो सभी चैनलों में काम करने वाले स्ट्रिंगरों के सामने उनकी पहचान पर प्रश्नचिन्ह लग गया है.जबकि सारे न्यूज़ चैनल स्ट्रिंगरों को संवाददाता कह कर पुकारते हैं. हर फ़ोनो में संवाददाता कह कर ही सम्बोधित किया जाता है.
आप सही सोच रहे है लेकिन चैनल संवाददाता अपने फायेदे के लिए कहते है इससे घबड़ाने वाली बात नहीं है देश में ७० प्रतिशत पत्रकार स्ट्रिंगर ही है और वे कवरेज कर रहे है , आपके पास पहचान पत्र है तो आप शेर है अन्यथा आप चैनल से लेटर और पहचान पत्र बनवा ले , आपको किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी , पत्रकारिता का स्ट्रिंगर एक पार्ट है और इसकी मंजूरी है , चिंता की कोई बात नहीं है
जयशंकर सुमन , फरीदाबाद 09811833296
krishankant
March 31, 2011 at 4:38 pm
स्ट्रिंगर पत्रकार ही होते है , फूल टाइमर की श्रेणी में नही बल्कि अंशकालीन संवाददाता होता है फूल टाइमर पत्रकार को वेतन दिया जाता है जबकि स्ट्रिंगर को चैनलों में खबर के हिसाब से पैसे मिलते है , आपने कहा की सिवनी पुलिस प्रशासन द्वारा कहा गया है कि स्ट्रिंगर पत्रकारों की श्रेणी में नही आते हैं. अर्थात स्ट्रिंगर पत्रकार नहीं होते हैं. ऐसी स्थिति में तो सभी चैनलों में काम करने वाले स्ट्रिंगरों के सामने उनकी पहचान पर प्रश्नचिन्ह लग गया है.जबकि सारे न्यूज़ चैनल स्ट्रिंगरों को संवाददाता कह कर पुकारते हैं. हर फ़ोनो में संवाददाता कह कर ही सम्बोधित किया जाता है.
आप सही सोच रहे है लेकिन चैनल संवाददाता अपने फायेदे के लिए कहते है इससे घबड़ाने वाली बात नहीं है देश में ७० प्रतिशत पत्रकार स्ट्रिंगर ही है और वे कवरेज कर रहे है , आपके पास पहचान पत्र है तो आप शेर है अन्यथा आप चैनल से लेटर और पहचान पत्र बनवा ले , आपको किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी , पत्रकारिता का स्ट्रिंगर एक पार्ट है और इसकी मंजूरी है , चिंता की कोई बात नहीं है our agar jyada paresani ho to hume call karen 9926552056 kk sharma ddnews stringer sagar mp
प्रवीण चौहान
March 31, 2011 at 5:59 pm
राजेश आपको डरने की कतई जरुरत नही है स्ट्रिंगर नाम केवल इसलिए होता है ताकि चैनल को टैक्स में कुछ फायदे हो जाते है या यू कहिये कि चैनल का अपने एमपलाई को पेंमेंट करने का ये एक तरीका है और पुलिस के कहने ना कहने से पत्रकारो को फरक नही पडना चाहिए क्योकि जब हम कोई खबर दिखाते है तो उस पर भी आबजेक्शन होते है और ये वो पुलिस कह रही है जो मरे हुए के नाम पर भी पैसा खा लेती है ………….छोडो इन जैसे छोटे लोगो के मुहं लग कर समय खराब मत करो ……………………………….वैसे मै भी न्यूज चैनल मे हूं कोई भी जरुरत हो तो जरुर काल करना मेरा नं, है 09358631858
sanjay jadhao
September 3, 2011 at 1:53 pm
संजय जाधव…
अरे भाई स्ट्रींगर ही पत्रकार होते है. स्ट्रींगर ये न्यूज़ च्यनल का अहम हिस्सा होते है न्यूज़ च्यानल है ना ओ सब स्ट्रींगरो के भरोसे ही चलाते है . तुम्हे कोई डरने की बात नही. और कों पोलिस वाला है उसके बोस को बताओ. स्ट्रींगर क्या होते है. अपनी खबर से उन्हे पता चलेगा की हमारी ताक़त क्या है. आप के साथ पूरे भारत के स्ट्रींगर है.. अगर आप को कुछ जाड़ा ही तकलीफ़ दी जेया रही हो तो हमे बताओ.. ओके.. 9423722187 संजय जाधव..