हिंदुस्तान वाराणसी से एक खबर है कि हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप की मालकिन शोभना भरतीया तीन अप्रैल को वाराणसी आ रही हैं। उनका यह आगमन पूजा-पाठ के सिलसिले में हो रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर सहित कुछ मंदिरों में उनकी पूजा का कार्यक्रम फिक्स है। चार अप्रैल को वह दिल्ली के लिए उड़ जाएंगी। उनके आगमन को देखते हुए जगतगंज स्थित हिंदुस्तान कार्यालय में बरसों पड़ा झाला आदि झाड़कर रंग-रोगन चल रहा है।
हो सकता है वह एकबारगी अपने किराए के भवन की विजिट ही कर लें। शोभना भरतीया का यह पहला वाराणसी दौरा होगा। ऐसे समय में जबकि दैनिक हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स के आम कामगारों में वाराणसी में रहने के बावजूद पूजा पाठ के प्रति रूझान कम और एक दूसरे को नीचा दिखाकर संस्थान से भगाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, ग्रुप की मालकिन के पूजन-अर्चन दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। साभार : पूर्वांचलदीप












राजा लहुराबीर
April 1, 2011 at 5:53 pm
कवन लंडचटा कहता है कि काशी के हिन्दुस्तान दफ्तर में पूजा-पाठ का चलन कम हो गया है।
बडे बदतमीज हैं यह लोग जो गलत जानकारियां छापते रहते हैं। और आप जसवंत भैया, गजब ही कर देते हैं। तनी बतावा के ई जानकारी कवन लंडूरा देहले बाडी। मजाक बना देहल गयल बा काशी औरि ओकरा के संस्कृति के।
अच्छा, तनी बताईं के हिन्दस्तान में लंडचटाई के बजाय कुछ औरौ काम होत बा का। भुर्रा, पद्दन और बकचोदन के नगरी बन गइल बा जगतगंज में ई अखबार के आफिस। जो जितना चाट पायेगा गोली, उसकी होली उतनी ही बढिया मनायी जा चुकी है यहां। दफ्तर में मालिक या संस्थान के हित की बात नहीं, अब तेल लगाओ डाबर का और नाम मिटा तो—का ही जलवा तारी है। मालकिन अब अगर आ भी गयीं तो वो भी मणिकर्णिका घाट वाली उसी इमारत की काली बना दी जाएंगी, इसका पूरा प्रबंध भुर्रा और पद्दन पार्टी कर ही चुकी है। बहुत पहले ही।
अरे शिव की नगरी में मालकिन आ रही हैं तो उनकी हालत क्या होगी, इसका जायजा लेने के लिए मणिकर्णिकाघाट के पहले वाली गली में बने मंदिर के सामने वाले मकान के दुमंजिले पर बने काले पत्थर की काली-शिव की मूर्ति पर एक निगाह डाल लीजिए। बिलकुल टनाटन चढी दिखायी देती हैं काली माता हमारे महादेव पर।
तो आओ मालकिन, आओ। शिव की नगरी पर चढ जाओ। मजा तो आ ही जाएगा तुमको भी
मदन कुमार तिवारी
April 2, 2011 at 3:25 am
शोभना भारतिया के गया आने और पिंडदान करने की भी सुचना है , अच्छा है, एक पंथ दो काज ।
shravan shukla
April 2, 2011 at 5:12 pm
RAZA…tanik apan bhasha pe control rakha… e shayad kashi ke bhasha na hoi…