हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लि. का गौरवशाली प्रकाशन और देश का दूसरा सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार हिन्दुस्तान बिल्कुल नए संपादकीय दर्शन और डिजाइन के साथ पाठकों के बीच आ गया है। अखबार का नया डिजाइन अमेरिकी न्यूजपेपर डिजाइनर मारियो गार्सिया ने तैयार किया है। हिन्दुस्तान बाजार में नए सूत्रवाक्य के साथ उतरा है- तरक्की को चाहिए नया नजरिया। इसके पीछे संपादकीय दर्शन यह है कि आज एक आम पाठक अपने चारों ओर तरक्की होते देख रहा है और उसे ऐसे अखबार की जरूरत है जो उसे तरक्की की इस प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाए।
इसलिए खबरों और आलेखों का चुनाव इसी मापदंड पर किया जाएगा कि वे पाठकों की इस मांग को पूरा करती हैं या नहीं। नए हिन्दुस्तान का वादा है कि उसमें खबरों को नए नजरिए से पेश किया जाएगा। यह नजरिया पाठकों को ऐसी जानकारी और सूचनाओं से लैस करता है जो उनके जीवन में काम आए। जो लीक से हटकर हो और जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती हो। नए डिजाइन में हिन्दुस्तान का पहले पन्ने का मास्टहैड खिसककर बाईं ओर आ गया है हालांकि इसका रंग पहले की तरह सिंदूरी ही रखा गया है। इसके अलावा छपाई में सुधार के लिए फोंट साइज बढ़ाया गया है। अखबार में रंगों की भीड़ को पहले से कम करते हुए डिजाइन को बहुत साफ सुथरा बना दिया गया है।
मंगलवार, 12 अप्रैल को हिन्दुस्तान की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर अखबार का नए रंगरूप के साथ मार्केट में उतरने के नए अर्थ हैं। गौरतलब है कि ताजा आईआरएस आंकड़ों के मुताबिक हिन्दुस्तान देश का दूसरा सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बन गया है। इस उपलब्धि के बाद नया डिजाइन हिन्दुस्तान की शोहरत में चार चांद लगाएगा-ऐसी उम्मीद की जा रही है। साभार : हिंदुस्तान












sunit
April 12, 2011 at 5:39 am
[url]http://ramusnewssqr.blogspot.com/[/url]
Sageer khaksar
April 12, 2011 at 8:00 am
Hindustan wakai tarakki ka nya nazaria pesh kar raha hai.best wishes.
manish
April 12, 2011 at 8:34 am
Shahi ji rang rogan se jayda fark nahi padta. niyat thik honi chahiye. apne logon ka character badlo to jane ki ap vastav me hindi patrkarita me kuch karna chahte hain. Dehradun ka resident editor dinesh pathak ke baare me jaanch karakar dekh len. khair vo to aapke ladle hain. apke dehradun nainital dore par vohi to saari mehman navaji karvate hain. fir uttarakhand aapko bhi to pyara hai. karan yahan ka c.m aapke saamne bich jo jata hai. yahn aapke liye koi rok tok bhi nahi hai. yahan rajniti me na to mayawati hai auo n hi mulayam jo aapko milne ke liye 2 maha baad ka samya dete hain. yahan to Nishank hain jo aapko milne khud hi pahunch jate hain.
manish
April 12, 2011 at 9:34 am
नए तेवर और डिजाइन के साथ बाजार में उतरा हिन्दुस्तान
ka pahla din aur page no 14-15 par galti
ek hi artical 2 jagah me.