पटना के सरकारी तथा गैर सरकारी विभागों के अंदरुनी तथा एक्सक्लूसिव खबरों पर पकड़ रखने वाले पटना के सीनियर जर्नलिस्ट विनायक विजेता ने अपनी नई पारी शुरू कर दी है. उन्होंने पटना से प्रकाशित होने वाला दैनिक सन्मार्ग ज्वाइन किया है. उन्हें स्पेशल करेस्पांडेंट बनाया गया है. इसके पहले विनायक हिंदुस्तान, पटना को सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं. उन्होंने पिछले साल जून में हिंदुस्तान से इस्तीफा दे दिया था तथा प्रथम इम्पैक्ट के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे थे.
विनायक विजेता ने अपने करियर की शुरुआत सन 1989 में दैनिक आज के साथ सासाराम से की थी. इसके बाद जहानाबाद जिले में पीटीआई और आज को अपनी सेवाएं दीं. फिर मगध टाइम्स नाम से अपना अखबार निकाला. 97 में नेशनल मैगजीन डेमोक्रेटिक वर्ल्ड ज्वाइन कर लिया तथा बिहार के ब्यूरो प्रमुख बने. सन 99 में मुंबई के ब्यूरोचीफ रहे. इसके बाद प्रथम प्रवक्ता बिहार में सीनियर रिपोर्टर रहे. 2003 में स्थानीय चैनल न्यूज लाइन के एडिटर बने. 2004 में हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया था.
हिंदुस्तान, पटना के संपादक रह चुके सुनील दुबे के सन्मार्ग ज्वाइन करने के बाद से ही संभावना जताई जा रही थी कि विनायक विजेता अपनी नई पारी सन्मार्ग से शुरू कर सकते हैं, परन्तु दुबे जी की तबीयत खराब हो जाने के बाद इस पर विराम लग गया था. बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने विनायक विजेता को अपनी टीम का हिस्सा बना लिया. उनके जिम्मे पुलिस मुख्यायल और सीबीआई समेत कई बीट रहेगी.












मदन कुमार तिवारी
April 13, 2011 at 5:17 pm
मेरी बधाई । कोशिश किजिये सन्मार्ग को एक अच्छा अखबार बनाने की फ़िलहाल बिहार में आम लोग इसके नाम से भी परिचित हैं। अखबार तभी आगे बढता है जब बिना भय के छापे दुर्भाग्य से वर्तमान में बिहार में एक भी अखबार इस तरह का नही है ।
rajeev verma, patna
April 14, 2011 at 7:49 am
vinayak bhi , bahut-bahut badhi
sunkar achha laga ki aap ek bar fir se patarkarita me sakriya ho gai. chota akhbar hi sahi mujehe viswas hai ki aap chand dino me hi ye proof kar dooge ke kisi news peper se kisi patarkar ka nam nahi hoto balki kisi patarkar ki reportig se news paper ka nam hota hai. aap jab tak hindustan me the hum sub aapko niymit padhte the. sat aath month se aapke kalam ke kami khal rahi thi. aab fir se wo tever dekhne ko milega.
aapke ujwal bhvisya aur aapki lekhni me dum aur tewer bani rahe iski kamna.
bhawesh
April 15, 2011 at 7:53 am
अखबार पर साफ़ असर दिख रहा है. अब इंतज़ार है दुबे सर का.
umesh
April 19, 2011 at 9:35 am
chaliye der se hi sahi phir se patrakarita main aaye. bas behtar karke dikhaiye