रविवार की रात से मनोरंजन और समाचार के स्थानीय केबिल चैनलों का प्रसारण कई शहरों में बंद हो गया. ऐसा शासन की नई नियमावली के कारण हुआ है. दरअसल विगत दिनों शासन ने वीडियो रेग्युलेशन एक्ट की नियमावली में परिवर्तन लाते हुए स्थानीय चैनलों को सिनेमा एक्ट के तहत लाइसेंस देने की योजना बनायी है. इसके तहत स्थानीय चैनल चलाने वाले कंट्रोल रूम को प्रत्येक चैनल के लिए 2400 रुपये लाइसेंस फीस देकर लाइसेंस लेना होगा तथा प्रति चैनल व प्रति स्क्रीन के लिए 100 रुपये प्रति वर्ष की दर से अलग से लाइसेंस शुल्क राजकोष में जमा करना अनिवार्य होगा.
अर्थात केबिल कंट्रोल रूम को प्रति चैनल 2400 रुपये प्रति वर्ष के साथ-साथ अपने नेटवर्क से जुड़े समस्त कनेक्शनधारियों के लिए रुपये 100 प्रति कनेक्शन के दर से लाइसेंस शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा. उदाहरण के लिए फैजाबाद में कागज पर 7200 कनेक्शन हैं. (हालाँकि वास्तव में कनेक्शनों की संख्या 50000 के आस पास बताई जाती है) यहाँ एक केबिल चैनल के प्रसारण के लिए (2400+7200X100) 722400 रुपये प्रति वर्ष की दर से कर देय होगा. प्रदेश सरकार के इस फरमान के बाद यूपी के कई शहरों में स्थानीय चैनलों ने प्रसारण बंद कर दिया है क्योंकि लागू होने वाला यह टैक्स आय से कई गुना ज्यादा है. फैजाबाद में दर्पण (सच का आईना) और साकेत न्यूज़ जैसे कई चैनल बंद हो चुके हैं. इससे शहर के सैकड़ों युवक-युवती बेरोजगार हो गए हैं. ज्ञात हो कि स्थानीय चैनलों का मामला इलाहबाद की लखनऊ बेंच में लंबित भी है. स्थनीय चैनल चलें अथवा नहीं, इस बात का फैसला हाईकोर्ट को करना अभी बाकी है.
आपके शहर में लोकल चैनलों का क्या हाल है. नई नियमवाली के बारे में आपको है कितनी जानकारी. अपनी बात हम तक पहुंचाएं, नीचे दिए गए कमेंट बाक्स के जरिए या [email protected] पर मेल करके.












Naarad
April 26, 2011 at 11:43 am
केबल चैनलों पर शुल्क कम है या ज्यादा, यह अलग से बहस का विषय है, और जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो शासन का ऐसा करना उचित है या अनुचित, यह भी बहस-तलब है, लेकिन जिन सज्जन ने भी यह रपट भेजी है क्या वे यह बताने का कष्ट करेंगें कि जो सैकड़ों युवक-युवतियाॅ बेरोजगार हो गये बताये जारहे हैं, उन्हें कौन सा चैनल कितना वेतन देता था? वैसे तो गिरावट पत्रकारिता में सिर से पैर तक आ गई है लेकिन जो गिरावट इन तथाकथित केबल चैनल के युवक-युवतियों (वैसे इस धंधे में युवतियाॅ न के बराबर ही हैं) ने फैलाई वह आश्चर्यजनक है! कटु सत्य तो यह है कि इन कथित न्यूज चैनल के मालिक संवाददाताओं द्वारा लाई गई प्रत्येक खबर पर उनसे धन उगाही करते हैं तभी वह खबर प्रसारित होती है। बदले में ये कथित संवाददाता बाइट लेने के बाद बड़ी ही बेशर्मी से बाइट देने वाले से ‘ जरा एक मिनट सुनियेगा’ कहकर, उसे बगल ले जाकर धन की माॅग करते हैं और कह भी देते हैं कि जब सम्पादक को हम पैसा देंगें तभी वह खबर चलाऐगा। केबल वालों से शुरु हुआ ये नंग-नाच अब प्रिंट में भी बखूबी पहुॅच गया है। वास्तव में बेरोजगार तो इन केबल चैनलों के मालिक हो गये हैं। जिन युवक-युवतियों को इन्होंने माॅगना सिखाया था वो अपने इस हुनरका इस्तेमाल कहीं और करके अपना भरण-पोषण कर लेंगें।
vineet
April 26, 2011 at 11:50 am
dth ko badhawa dene ke liye ye shashan ki sochi samjhi chal hai. ye galat tarha se thoopi ja rahi hai
santosh jain,journelist,raipur
April 26, 2011 at 2:17 pm
sarkar ko jila aour panchayat lable par cable ke dhande ko auction karna chahiye ,taki Dadao,Netao,aour adhikariyo ki manmani band ho,yaha raipur me cable par news chalane ke liye 2se 3lakh per month dena padta hai,har cabel me kisi na kisi neta ki bhagidari hai, setelite to aour ucha game hai bandhu,isi liye to local cable ki koyee palicy nahi bani aabtak,jago logo jago
kuldeepdev
April 26, 2011 at 2:27 pm
ye lagam jaroori thi kyoki local channel jo roj thane police me raub ganthte the wo kam se kam band ho jayega aur kabil patrakaro ki ijjat bach jayegi… sath hi hazaro rupaye ke bina bill ke liyae ja rahe add par bhi rok lagegi kyoki den enjoy jaisq channel har sal croro ka ghapla karta hai. jo ki cabel par film dikhata hai aur bade bade add mahnge rate par dikhata hai. jiska ki koi lekha jokha nahi hota. sath hi lakho kai kali kamayi karta hai.
amit rai
April 26, 2011 at 4:26 pm
yah bahut dukhad hai ki local lavel par news ko behter tarikay say aam logo kay samanay rakhanay walay lokal channel band ho gaey hai jiskay lieya maywati ki sarkar jimadar hai. suru say hi media say duri bana kar rahnay wali B S P nay tuglki farman jari kar gorakhpur kay 7 local channelo ko band karnay per vivas kar diya hai. gorakhpur may 33000 cable connection hai jiska salana tax 42 lakh per channel hoga jo kisi bhi local channel kay pay kar panay kay bas ki bat nahi. yah law puri tarah say galt ur nindaniya hai.
media jagat may is kanoon ki ninda ki jani chahiye
amit rai
April 26, 2011 at 5:12 pm
Xksj[kiwj “kgj ds lkr yksdy pSuy ljdkj ds bl u;s Qjeku dh otg ls cn gks x;s gSSA fiNys ikWp o’kkZS ls LFkkuh; lekpkj irzks ds lkFk viuh vge igpkku ouk pqds yksdy pSuy vke vkneh dh t:jr cu pqds Fks A ij ljdkj ds fcuk lksps le>s ;g fu;e ykxq dj fn;ka aA vki lHkh dks ;g tkudj gSjkuh gksxh 1988 es to fofM;ks ikyZj dh “kq:vkr gqbZ Fkh rc ljdkj us izfr fofM;ks fLdzu 100 : dk VSDl j[kk Fkk A ij dsfoy ds vk tkus ds okn /khjs /khjs fofM;ks on gsk x;s vksSj vo ,d txg ls gh dsfoy vkijsVj fQYes vksj vU; PksSuy fn[kkus yxs gS mUgh pSuyks es LFkkuh; dsfcy yksdy pSuy Hkh gSa A bu pSuyks dh dekbZ dk eq[; tjh;k LFkkuh; foKkiu gS ftlls PkSuy ekfyd vius deZpkjh;ks dsk osru vksSj vU; [kpZ pykrs gSA ;fn pSuyks dh okr djs rks yxHkx izR;sd “kgj ds yxHkx lHkh jk’Vh; o {ksRzkh; lekpkj pSuy bUgh yksdy pSuyks ls fotqvy ekx dj viuh ukssSdjh opkrs jgs gSA dbS fodykx vkSj fefM;k dh , oh lh Mh Hkh u tkuus okysk dk dke bUgh PkSuyks dh otg ls py jgk FkkA lols oMh lEL;k ;g gS fd vo viu ?kjks es gh “kgj dh fnu Hkj dh [kojks dks tku ysus okys ukxfjdks dsk vxykh lqog sv[kokjsk dk brtkj djuk iMsxk A ;g iqjh rjg ls xyr fu.k;Z gSfd u;s VSDl fu;e ds rgr 2400ykblsl dk vkSj dqy dusD”ku dk xq.kk 100 ;kfu 42yk[k ds yxHkx ,d PkSuy iSlk tek djsxk rHkh og pSuy pyk ik;sxkA D;ksfd bruk iSlk og yk;sxk dgk ls A ljdkj dks fu;e oukus ls igys ;g lkspuk pkfg, Fkk fd yksdy pSuyks dh ekfld vk; fdruh gS vksj mudk ykHk fdruk gSa a
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J.Khan
April 27, 2011 at 6:19 am
शाहजहांपुर में लोकल चैनल के कथित चैनल हेड खुद को उस इतना काबिल मानने लगा था कि जैसे की राष्टरिय चैनल का हेड होा एक छोटे छोटे मोट चैनल के बाद उसे यहां के केबिल चैनल आपरेटर ने 3 हजार की नौकरी दे दीा बस क्या था उसने अनपढ कैमरामैन लगाकर थानों और अधिकारियों पर ऐंथना शुरू कर दी थीा वहीं नासमझ अधिकारी और पुलिस अफसर बेवाक उस पर इन्टरव्यू देते नजर आते थेा इस कथित लोकल चैनल हेड ने शहर में कई चैनल बन्द करवा दियेा अब इन सबको अपनी नानी याद आ रही हैं बेचारा चैनल हेड अब सडक पर आने को लेकर बेहद दुखी हैा ये लगाम बेहद जरूरी है ताकि पत्रकारिता की गरिमा बनी रहेा
slhakar
April 27, 2011 at 5:40 pm
भाई केबिल मालिक अपना लोकल चेंनेल चलाते है और दुसरे रिपोर्टरों से चेंनेल दिखने के लिए हर महीना मोती रकम मागते है सरकार का सही फेसला पत्रकार की गरिमा बनी रहे बेचारे केबिल मालिक ………….
pappupandit
April 28, 2011 at 2:23 pm
मिर्ज़ापुर में एक महिला अधिकारी को उसकी ब्लू फिल्म बनाने का दावा करके धन ऐठने के प्रयास में जेल की हवालात खाने वाला ठग किस्म का टेलर मास्टर लोकल चैनल चला रहा है | उसका समाचार से मतलब कम धन से ज्यादा है | बिना रूपये दिए समाचार नही चलाता | अपने चैनल को चालू रखने के लिए अधिकारियो के साथ एक कैमरा लगा रक्खा है ताकि स्क्रीन पर अधिकारी अपना चेहरा देख कर उसकी पीठ थपथपाते रहे | आखिर नियम कानून की बात व करवाई कलेक्टर साहब व एस,पी. साहब को ही करना है | मामला कोर्ट में होने के बाद भी जमानत पर बाहर आया बन्दा चला रहा है चैनल ………
imran siddique
April 28, 2011 at 4:05 pm
bhai locakl channel chhe jo bhi ho par kafi logo ki rozi roti bhi hai iski vajha se kafi log berozgaar bhi ho sakte hai aap log to dhanvan hai unka kya hoga babu..?
VIRENDRA GUPTA A2Z NEWS CHANNEL
May 4, 2011 at 6:00 pm
LOCAL CHANNEL KI BAAT YEADI KI JAY TO SAMACHAR FLASH KARNE PAR TAMAM NIYAM KANOON KA ULAGHAN KARTEE YE LOCAL CHANNEL KANOON KA DHAJEE TAK GAYAB KARNE ME PICHE NAHEE DEKHAYEE DETEE