Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

आवाजाही

प्रभात खबर गिरिडीह को झटका, पांच पत्रकार भास्कर गए

प्रभात खबर, धनबाद एडिशन के तहत आने वाले गिरिडीह ब्यूरो से खबर है कि यहां प्रभात खबर के ब्यूरो से पांच पुराने पत्रकारों ने इस्तीफा देकर दैनिक भास्कर के नए बने ब्यूरो को ज्वाइन कर लिया. इसमें अमरदीप कुमार भी हैं जो प्रभात खबर के धनबाद से लांच होने के समय से गिरिडीह में कार्यरत थे. अमरदीप लगभग 18 वर्षों से प्रभात खबर को अपनी सेवा गिरिडीह में दे रहे थे. इस्तीफा देने वाले अन्य चार पत्रकारों के नाम हैं- सतीश जायसवाल, विजय सिन्हा, रामकृष्ण और सुधीर सिन्हा.

प्रभात खबर, धनबाद एडिशन के तहत आने वाले गिरिडीह ब्यूरो से खबर है कि यहां प्रभात खबर के ब्यूरो से पांच पुराने पत्रकारों ने इस्तीफा देकर दैनिक भास्कर के नए बने ब्यूरो को ज्वाइन कर लिया. इसमें अमरदीप कुमार भी हैं जो प्रभात खबर के धनबाद से लांच होने के समय से गिरिडीह में कार्यरत थे. अमरदीप लगभग 18 वर्षों से प्रभात खबर को अपनी सेवा गिरिडीह में दे रहे थे. इस्तीफा देने वाले अन्य चार पत्रकारों के नाम हैं- सतीश जायसवाल, विजय सिन्हा, रामकृष्ण और सुधीर सिन्हा.

सतीश जायसवाल भी 11 साल से प्रभात खबर, गिरिडीह के साथ थे. विजय सिन्हा छह साल से थे. रामकृष्ण पांच वर्ष से थे. सुधीर सिन्हा भी काफी समय से प्रभात खबर से जुड़े हुए थे. बीच में वे हिंदुस्तान गए थे लेकिन फिर लौट कर प्रभात खबर आ गए थे. अब इन पांचों ने दैनिक भास्कर ज्वाइन कर लिया है. प्रभात खबर के गिरिडीह ब्यूरो चीफ चुन्नूकांत सिन्हा हैं जबकि दैनिक भास्कर के गिरिडीह ब्यूरोचीफ अमित राजा हैं. प्रभात खबर से इस्तीफा देने वाले पांचों पत्रकार रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थे. जमे जमाए और अनुभवी पत्रकारों को तोड़कर दैनिक भास्कर ने प्रभात खबर को गिरिडीह में तगड़ा झटका दे दिया है. प्रभात खबर प्रबंधन ने पहले तो इस्तीफा देने वालों को मनाने और लुभाने की कोशिश की लेकिन जब ये लोग नहीं माने तो अब नई भर्तियों की तैयारी चल रही है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. rajesh kumar

    May 3, 2011 at 11:53 am

    Ye to hona hi tha .Prabhat khabar ke giridih prabhari apne manonukul kam karana chehte honge. kyunki unki giridih ke PUNJIPATIYON se kafi yarana hai. jinke liye prabhari AKHABAR ki garima ko bhi takh par rakhne main nahi hichkite hain. yahi wajah raha ki unhe HINDUSTAN akhabar ne nikal bahar kiya tha. kafi samaya tak fakakasi ki jindgi gujarne ke bad unhone goti fit kar PRABHAT KHABAR join kiya .likain yahan bhi yo apni karstani ke liye mashhur rahe.pahle to Prabhat khabar ka chif banane ke liye wo gandhigiri kar Giridih karyalay ke 2 patrakaron ARBIND KUMAR aur PRAVIN RAYko apas main me ladwa diya.taki unka rasta saf ho sake .aur wah chief ban saken. hua bhi yesa. Dhanbad adition ke editor (tatkalin) Dipak Ambast ke sahyog se wah giridih prabhari ban gaye .unhonne kiye patrakaron ko jansa dekar prabhat kabhar join karya. Kudh stable ho gaye to wese patrakaron par dhons jamane lage taki wah Prabhat ko tyag de.huwa bhi wesa. sabse pahle Rajesh kumar ne Prabhat khabar ko Bay Bay kiyi. Fir RaviGopal aur Suraj sinha ne bhi bay bay kar diya.Jamua ke pramod’Gandey ke visnu bhi isi kardi main samil ho liye. kaaran un sabon ne Samjhotawadi patrakarita karne se mana kar diya tha. ab bhi unka yahi silsila jari rahane se hi 5 patrakaron ne Prabhat Khabar ko Bay Bay kiya hai.Yah to aagaj hai jab tak Prabhat khabar ke giridih prabhari CHUNNU KANT range Prabhat Khabar ko yesa jhatka lagta rahega.

  2. surinder singh

    May 4, 2011 at 2:47 am

    badhai ho apka bhaskar parivar mein swagat hai humari duaeen apke saath hai aap din dugni raat chougni taraki karen bhaskar pariwar apko aur apke parivar walo ki reedh ban kar saath dega bas intezar karen aur bhakar par bharosa kar imandari se kaam karte rahen apki tarki apke pair chumegi

  3. roopak kumar

    May 4, 2011 at 2:57 pm

    Dhanbad mein muft ka akhbar bana Bhaskar
    Dainik Bhaskar ka Dhanbad se prakashan shuru hone ke pahale aisa lag raha tha ki koi aisi chij lekar yah aayega, jise logon ne na kabhi dekha ho ya pargha ho. Par, iska aagman itne lijlije dhang se hua ki jin logon ne gift ke lalach mein booking kara li thi, we ab pachhta rahe hain. Aaj se kuchh sal pahale Dainik Jagran bhi isi tarah ke tamjham se aaya tha, lekin aaj tak wah apni do number wali jagah par nak ragad raha hai. Prabhat khabar ka karishma to kabhi nahi dikha. Bhaskar se Dhanbad ke akhbar wale itne dar gaye the ki hoarding-banner lagane ki hod mach gayi. Lag raha tha ki inki bhi launching honewali hai. Albatta hindustan chupchap raha. Launcing ke din breaking lead Hindustan ne di to baki ne ghisi-piti ya routin khabron tak hi apne ko simit rakha. Dhanbad ka yah sanyog hai ki teen akhbaron ke sampadak kabhi na kabhi ek sath rahe hain. Omprakash ashk ke saath Jagran ke sampadak Bhartiya basant kumar kolkata me kam kar chuke hain to Prabhat Khabar ke Anurag Kashyap Dhanbad mein prabhat khabar launch karane Omprakash Ashk ki team ka hissa rah chuke hain. Prabhat Khabar mein Ashk ji ke rahte mujhe bhi kaam karne ka mauka mila. Par wah jis pad par the, usme unse jyada baatchit ka awasar nahi mila. Unki kai khasiyaten hain. kam baolna, mitha bolna, sabki sunna, ek consultant ki tarah sansthan se alag hatkar vyakti ke hit mein salah dena. jitna mgjhe pata hai, uske mutabik main yah dawe ke saath kah sakta hoon ki Ashk ji ke sath kam kar chuke stringer, reporter aur desk ke kai log aaj sampadak hain. Prabhat khabar Patna ke sampadak Swaim prakash stringer hua karte the. Bhaskar ke staniya sampadak raghwendra bhi unke under mein stringer rah chuke hain. Hindustan mein hi Jamshedpur ke sampadak Ajay kumar unke saath chief reporter rahe hain. Prabhat khabar ke kolkata sampadak kaushal kishore unke sub editor rah chuke hain. ab yah sahaj hi anuman lagaya ja sakta hai ki unki ranniti ke aage unke hi chele aur bahar se aaya bhaskar aur uski langadi team kaise mukabla kar sakte the. yah durbhagya hai ki ashk ji koyla fank rahe hain. yah unki sahi jagah nahi hai. Prabhat khabar mein harivansh ji ne unhen apni sari jawabdehi saup di thi. bhadas par hi do sal pahale dekha tha tha ashk ji ka bayan ki paise ke liye Prabhat khabar chhoda. jo aadmi 20 saal ek jagah raha, usne agar jagah chhodi to nishchit hi paise ki koi badi majburi unke samne rahi hogi. baharhal, prasang akhbaron ka tha. abhi halat yah hai ki prabhat khabar sudhar raha hai, jagran burha dikhne laga hai. bhaskar to muft ka akhbar maan liya gaya hai. hindustan jahan tha, wahan ab bhi khada hai. uske do aur gramin sanskarn flop nikle. ek aur nikalne wala hai. aagaj dekh uske bhi anjam ka andaj lag gaya hai.
    roopak, dhanbad (badla naam, kyonki lekhak jagran se juda hai)

  4. Raj kumar

    May 5, 2011 at 4:25 pm

    ये तो होना ही था
    कब तक यू ही खामोश रहे और सहे हम. यह वाक्य गिरिडीह प्रभात खबर कार्यालय के साथ होना ही था. प्रभात खबर से जुड़कर कार्य करने वाले खुद को निर्भीक पत्रकार के रूप मे प्रस्तुत करते रहे है. खाश कर जो पत्रकार कम्युनिस्ट मानसिकता से प्रभावित होते है, वे विंदास तरीके से इससे जुड़कर काम करने का लुत्फ़ भी उठाते है. गिरिडीह मे शुरूआती दौर मे प्रभात खबर से जुड़े रिपोर्टर बेबाक तरीके से सच्चे और प्रमाणिकता से परिपूर्ण खबरों को लिखते थे. लेकिन बदलते समय ने अख़बार नहीं आन्दोलन को गिरिडीह मे बदल कर रख दिया. अभी चुनुकांत गिरिडीह ऑफिस का कार्य भार देख रहे है. अब की हालत पूर्ब की तरह नहीं रही. खबरों के साथ समझोता किया जाने लगा है इनके कार्यकाल में एक भी खबर ऐसी नहीं आई की जो आन्दोलन की संपुष्टि कर सके. प्रभात खबर के पंच लाइन अख़बार नहीं आन्दोलन की झलक पिछले एक वर्षो में गिरिडीह में देखने को नहीं मिली हालाँकि इस दौरान कई ऐसी घटनाये घटित हुई जिसे लहराया जा सकता था और वह प्रभात खबर के पाठको की पसंद भी बन सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. अभी हालिया में अतिक्रमण हटाने का मामला हो या फिर एक युवक के चनक में डूबकर मरने की घटना हो.
    सबसे बड़ी बात है की ३० अप्रैल की रात की रात को जहाँ हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव का कार्यक्रम चल रहा था इस कार्यक्रम को आदिम जनजाति कल्याण विकास समिति ने आयोजित किया था.इस समिति में गिरिडीह प्रभात खबर के ब्यूरो चुन्नुकांत प्रमुख सदस्य है और इस कार्यक्रम को आयोजित करने में अहम् भूमिका भी निभाई.इस कार्यक्रम को यहाँ के आदिम जनजाति बिरहोर के विकास के नाम पर आयोजित किया गया था लाखो का टिकट बिका . जिनके पास पैसा था वे टिकट लेकर कार्यक्रम स्थल के अन्दर पहुचे लेकिन एक गरीब तबका ऐसा भी था जिनके पास पैसा नहीं है लेकिन राजू को देखने की लालसा जरुर थी तभी ये गरीब इस हास्य कलाकार को देखने के लिए गिरिडीह स्टेडियम के चाहरदीवारी पर चढ़ गए इस दौरान पोलिसे के जवानों ने जब इन्हें खदेड़ा तो इनमे से दो युवक स्टेडियम के चनक में जा गिरे एक को पुलिस ने बच लिया लेकिन रोहित कुमार गुप्ता नमक एक गरीब इस चनक से नहीं निकल सका.यह घटना रात के तक़रीबन १०.१५ की है और रोहित को बचाने के पुलिस ने अभियान चले इस घटना की जानकारी कार्यक्रम में मौजूद चुन्नुकांत समेत प्रभात खबर सभी पत्रकारों को लगी लेकिन इस अख़बार के एक भी पत्रकार ने यह जरुरी नहीं समझा की इस बच्चे को बचाने के लिए या फिर स्थित की जानकारी के लिए घटना स्थल पर जाया जाय . हद तो तब हो गयी जब दुसरे दिन के अख़बार में इस घटना की खबर नहीं छपी जबकि दैनिक जागरण में प्रथम पृष्ट पर एस खबर को प्रमुखता से चाप गया.जी हाँ यही है गिरिडीह में प्रभात खबर के ब्यूरो और उनके अधिनस्त पत्रकारों का आन्दोलन जी यही है गिरिडीह में प्रभात खबर का वर्तमान स्वरुप जहाँ सिर्फ मक्खनबाजो की जमात बनकर रह गयी है जहाँ पाठको और आम लोगो की भावना की कोई कदर नहीं और ऐसे है अख़बार नहीं आन्दोलन के पहरू.

  5. Raj kumar

    May 5, 2011 at 4:25 pm

    ये तो होना ही था
    कब तक यू ही खामोश रहे और सहे हम. यह वाक्य गिरिडीह प्रभात खबर कार्यालय के साथ होना ही था. प्रभात खबर से जुड़कर कार्य करने वाले खुद को निर्भीक पत्रकार के रूप मे प्रस्तुत करते रहे है. खाश कर जो पत्रकार कम्युनिस्ट मानसिकता से प्रभावित होते है, वे विंदास तरीके से इससे जुड़कर काम करने का लुत्फ़ भी उठाते है. गिरिडीह मे शुरूआती दौर मे प्रभात खबर से जुड़े रिपोर्टर बेबाक तरीके से सच्चे और प्रमाणिकता से परिपूर्ण खबरों को लिखते थे. लेकिन बदलते समय ने अख़बार नहीं आन्दोलन को गिरिडीह मे बदल कर रख दिया. अभी चुनुकांत गिरिडीह ऑफिस का कार्य भार देख रहे है. अब की हालत पूर्ब की तरह नहीं रही. खबरों के साथ समझोता किया जाने लगा है इनके कार्यकाल में एक भी खबर ऐसी नहीं आई की जो आन्दोलन की संपुष्टि कर सके. प्रभात खबर के पंच लाइन अख़बार नहीं आन्दोलन की झलक पिछले एक वर्षो में गिरिडीह में देखने को नहीं मिली हालाँकि इस दौरान कई ऐसी घटनाये घटित हुई जिसे लहराया जा सकता था और वह प्रभात खबर के पाठको की पसंद भी बन सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. अभी हालिया में अतिक्रमण हटाने का मामला हो या फिर एक युवक के चनक में डूबकर मरने की घटना हो.
    सबसे बड़ी बात है की ३० अप्रैल की रात की रात को जहाँ हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव का कार्यक्रम चल रहा था इस कार्यक्रम को आदिम जनजाति कल्याण विकास समिति ने आयोजित किया था.इस समिति में गिरिडीह प्रभात खबर के ब्यूरो चुन्नुकांत प्रमुख सदस्य है और इस कार्यक्रम को आयोजित करने में अहम् भूमिका भी निभाई.इस कार्यक्रम को यहाँ के आदिम जनजाति बिरहोर के विकास के नाम पर आयोजित किया गया था लाखो का टिकट बिका . जिनके पास पैसा था वे टिकट लेकर कार्यक्रम स्थल के अन्दर पहुचे लेकिन एक गरीब तबका ऐसा भी था जिनके पास पैसा नहीं है लेकिन राजू को देखने की लालसा जरुर थी तभी ये गरीब इस हास्य कलाकार को देखने के लिए गिरिडीह स्टेडियम के चाहरदीवारी पर चढ़ गए इस दौरान पोलिसे के जवानों ने जब इन्हें खदेड़ा तो इनमे से दो युवक स्टेडियम के चनक में जा गिरे एक को पुलिस ने बच लिया लेकिन रोहित कुमार गुप्ता नमक एक गरीब इस चनक से नहीं निकल सका.यह घटना रात के तक़रीबन १०.१५ की है और रोहित को बचाने के पुलिस ने अभियान चले इस घटना की जानकारी कार्यक्रम में मौजूद चुन्नुकांत समेत प्रभात खबर सभी पत्रकारों को लगी लेकिन इस अख़बार के एक भी पत्रकार ने यह जरुरी नहीं समझा की इस बच्चे को बचाने के लिए या फिर स्थित की जानकारी के लिए घटना स्थल पर जाया जाय . हद तो तब हो गयी जब दुसरे दिन के अख़बार में इस घटना की खबर नहीं छपी जबकि दैनिक जागरण में प्रथम पृष्ट पर एस खबर को प्रमुखता से चाप गया.जी हाँ यही है गिरिडीह में प्रभात खबर के ब्यूरो और उनके अधिनस्त पत्रकारों का आन्दोलन जी यही है गिरिडीह में प्रभात खबर का वर्तमान स्वरुप जहाँ सिर्फ मक्खनबाजो की जमात बनकर रह गयी है जहाँ पाठको और आम लोगो की भावना की कोई कदर नहीं और ऐसे है अख़बार नहीं आन्दोलन के पहरू.

  6. rajkumar

    May 11, 2011 at 11:47 am

    yese mai kaise chalega prabhat khabar ka giridih mai aandolan

    cpi ml ke neta mahendra singh ko kon nahi janta hai. hamesha jugharu aur garibo ke haq mai ladne wale mahendra singh suru se hi prabhat khabar ke aandolan mai apni bhumika nibhate rahe. parbhat khabar ne bhi unke aandolan ko ek manch dene ka kaam kiya hai. yahi wajah raha ki prabhat khabar mai chhapi kai khabar bidhan sabha ke patal mai lahrati rahi. lekin haaliya dino mai giridih parbhat khabar giridih mai mahendra singh se jude khabro ki andekhi ki jaa rahi hai. 10 may ko CBI ki team giridih jail pahuchati hai aur mahendra singh hatyakand se jude pahlu par kai naxlio se puchtacha ki. ye khabar bhaskar aur jagran mai chapi lekil parbhat khabar ne is khabar ki andekhi kar di ya yu kahe khabar hi chut gai. isse pata chalta hai ki giridih parbhat khabar se jude reporter kitne jimmewar hai. karyalay parmukh bhi apni jawabdehi se bacha apne adhinasth reporter par hi apni gidak nikal di. isse pahle apharan se jude khabar ko bhi nahi lahraya jaa saka. yase mai giridih parbhat khabar ka aandolan kese logo ke bitch peth sthapit kar payega iska aaklan lagaya jaa sakta hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...