भड़ास4मीडिया पर खबर पढ़ी कि आजाद न्यूज़ के नाम लोग ठगी कर रहे हैं. मुझे ऐसे ही एक ठग के बारे में याद आ गया तो आप लोगो के साथ शेयर कर रहा हूं. इनका नाम है रामानुज पटेल. वैसे तो पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय विद्या भवन न्यू डेल्ही से की है, परन्तु इनका मुख्य पेशा मीडिया के नाम पर ठगी करना है. मेरी मुलाकात रामानुज पटेल से 2009 में हुई. मैं उनको दूसरे पत्रकारों के भांति पत्रकार समझा था.
ये मेरी बड़ी बेबकूफी थी. रामानुज पटेल, पटेल टीवी के नाम पर लोगो को एप्वाइंट करके मोटी रकम वसूलते थे. इनका ऑफिस पहले भोपाल में था, उसके बाद नोएडा के सेक्टर दो में बनाया. रामानुज पटेल पहले कभी इलेक्शन भी लड़ चुके हैं. ऐसा सुना जाता है. मैं भी ऑफिस देखने गया क्यों कि मुझे रामानुज पर शक था. उसकी बातों में हेर-फेर की बू आती थी. ऑफिस नोएडा में दूसरी मंजिल पर था. लोगों को दिखाने के लिए 4 फ़ोन भी लगाये गए थे. रामानुज के साथ दूसरा बंदा था वह पैर से लगड़ा था. वह भी अपने नाम के आगे पटेल लगता था. पटेल जी ने बातों-बातों में बताया कि ये हमारे चैनल के लिए पैसों की जुगाड़ करेंगे.
ऑफिस में एक फ़ोन आया तो फ़ोन गलती से मैंने पकड़ लिया. फ़ोन पर दूसरी तरफ से आवाज आयी.. साले हरामखोर, मेरी गाड़ी ले गया कब वापस करेगा. साले वो लंगड़ा कहां है. मैं बोला अरे गाली क्यों देते हो भाई? वह बोला आप नहीं जानते हैं ये साला लंगड़ा पेपर लीक के मामले अभी जेल से छूटा है. फिर मैंने पूछा भाई तूने गाडी क्यों दी? तो वह बोला अरे (गाली).. रामानुज (बीप..बीप) आया था. उसके भरोसे गाड़ी दे दी. मैं मामला समझ चुका था ये साले पटेल टीवी के नाम पर ठगी कर रहे हैं. जब मेरी मुलाकात लंगडे़ से हुई तो मैंने कहा भाई साहब एक फ़ोन आया था, वह आपको गाली दे रहा था तो वह हंस पड़े बोले, गंगवार जी हम अपना ऑफिस बदल कर ग्रेटर नॉएडा कर रहे हैं. वह अपना सामान लेकर भागने लगे. आप लोग भी ऐसे पत्रकारों से बच कर रहें.
लेखक सुशील गंगवार वेब जर्नलिस्ट हैं.












मदन कुमार तिवारी
May 6, 2011 at 7:21 am
सुशील भाई आप बच गये यही गनीमत है । मुम्बई भी ठगो की नगरी है जरा बचकर रहियेगा ।
renu
May 7, 2011 at 12:03 pm
i got to knw dey r fraud at d time dey called us to meet,,,and d way dey bhaving,,,koi nahi god will balance there deed….:)