Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

15 को लांच होगा ममता बनर्जी का ड्रीम प्रोजेक्‍ट ‘रेल बंधु’

रेल मंत्री ममता बनर्जी की ड्रीम पत्रिका ‘रेल बंधु’ 15 मई को लांच किया जाएगा. यह पत्रिका राजधानी, शताब्‍दी और दूरंतों के यात्रियों को फ्री ऑफ कास्‍ट उपलब्‍ध कराई जाएगी. फिलहाल इसे हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित किया जा रहा है. इस पत्रिका का संपादक रिंकू घोष को बनाया गया है. इस पत्रिका के प्रकाशन का अधिकार पायनीयर के पास है. इसको 16 अप्रैल को लांच किए जाने की तैयारी थी, परंतु ममता बनर्जी के चुनावों में व्‍यवस्‍त होने के चलते इसे टाल दिया गया था.

रेल मंत्री ममता बनर्जी की ड्रीम पत्रिका ‘रेल बंधु’ 15 मई को लांच किया जाएगा. यह पत्रिका राजधानी, शताब्‍दी और दूरंतों के यात्रियों को फ्री ऑफ कास्‍ट उपलब्‍ध कराई जाएगी. फिलहाल इसे हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित किया जा रहा है. इस पत्रिका का संपादक रिंकू घोष को बनाया गया है. इस पत्रिका के प्रकाशन का अधिकार पायनीयर के पास है. इसको 16 अप्रैल को लांच किए जाने की तैयारी थी, परंतु ममता बनर्जी के चुनावों में व्‍यवस्‍त होने के चलते इसे टाल दिया गया था.

पहले इस पत्रिका को 100 पेज का रखा जाना था, जिसमें 30 पेज विज्ञापन के लिए आरक्षित थे, परन्‍तु नई सूचना के अनुसार इसके पन्‍ने बढ़ाकर 136 पेज कर दिए गए हैं. इस पत्रिका का नाम रखने को लेकर रेल मंत्रालय में लंबी कवायद हुई थी. काफी माथापच्‍ची के बाद इसका नाम अधिकारियों ने ‘रेल दोस्‍त’ प्रस्‍तावित किया था, परंतु रेल मंत्री के हस्‍तक्षेप के बाद इसका नाम बंगाली टोन पर ‘रेल बंधु’ कर दिया गया.

दरअसल, एयर इंडिया की ‘स्वागत’ पत्रिका की तरह रेलवे ने भी एक खूबसूरत पत्रिका अपने रेलयात्रियों को दिए जाने का मन करीब छह महीने पहले बनाया था.  इस पत्रिका को प्रकाशित करने और छापने के लिए पांच कंपनियों ने आवेदन किए थे,  अंतत: इसे प्रकाशित करने का अधिकार पायनीयर को दे दिया गया. फिलहाल इस पत्रिका की एक लाख प्रतियां छापी जाएंगी, परन्‍तु भविष्‍य में इसे अन्‍य क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रकाशित किया जाएगा. यह एक ट्रैवलर पत्रिका होगी, जिसमें हल्‍का-फुल्‍का कंटेंट रहेगा.

पायनीयर के पास इस पत्रिका के सर्वाधिकार सुरक्षित रहेगा. कंटेंट से लेकर लेआउट विज्ञापन सभी के अधिकार इसको प्रकाशित करने वाली कंपनी पायनीय के पास रहेगा. इसमें रेलवे से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा. इस पत्रिका को प्रकाशित करने में आने वाले खर्च को भी पायनीयर ही वहन करेगी. पायनीयर को अपने तीन साल के कांट्रैक्‍ट के लिए रेलवे को प्रति साल डेढ़ करोड़ के हिसाब से साढ़े चार करोड़ रुपये चुकाने होंगे.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. anu sharma

    May 19, 2011 at 10:02 am

    pioneer bhi bangali mamata bhi, railway time se sahi salamat ghar pahucha dy ghar ja kar t v dekh lengy. magazine kon partaa hy. railway ko 1 .5 crore ka chuna laga diya. vivek sahay, lalu , mamta khuda ka image banane me lage hy. yatri chah chat par ya payedaan par travel kare. train me jagah nahi hy magazine kaha padhegy

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...