
संजय खरे
श्री खरे बुधवार की सायं इंटौजा थाना क्षेत्र में किसी पारिवारिक आयोजन शामिल होने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गए थे। रात करीब 11 बजे निजी कार से लौटते समय कार पलटने से उनकी मृत्यु हो गई तथा परिवार के अन्य कई सदस्य घायल हो गए। श्री खरे का अन्तिम संस्कार गुरुवार को अपरान्ह गोमती तट स्थित भैंसा कुण्ड श्मसान घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार के मौके पर नगर के प्रमुख पत्रकार, प्रेस फोटोग्राफर तथा अन्य लोग भारी संख्या में उपस्थित थे।
श्री खरे ने प्रेस फोटोग्राफर के रूप में अपना करियर दैनिक जागरण से शुरु किया था। वह अयोध्या आन्दोलन के समय दैनिक जागरण में कार्यरत थे। उन्होंने 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा के विध्वंस के समय फोटो कवरेज की थी। इस दौरान वह कारसेवकों के आक्रोश के भी शिकार हुए थे। तदुपरान्त श्री खरे नई दिल्ली से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र पाञ्चजन्य से जुड़े तथा काफी समय पाञ्चजन्य में प्रेस फोटोग्राफर के रूप में कार्य किया। उन्होंने विश्व संवाद केन्द्र की गतिविधियों में योगदान किया। वे विश्व संवाद केन्द्र से सक्रिय रूप से जुड़े थे।
युवा फोटोग्राफर के निधन पर उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) ने प्रदेश कार्यालय में शोक सभा आयोजित करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्री खरे के पत्रकारिता के लिये किये गए योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि श्री खरे उत्साही फोटो पत्रकार थे। शोक सभा में उपजा के प्रदेश महामंत्री सर्वेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष सत्येन्द्र अवस्थी, लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक मिश्र, महामंत्री भारत सिंह, सुशील सहाय, राजेश सिंह, सुनील त्रिवेदी आदि उपस्थित थे।











