Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

खबर फास्ट, देवभूमि, रीयल न्यूज, ओशन टीवी, योर टीवी, पर्ल पंजाबी, बुलंद न्यूज, न्यूज चक्र को लाइसेंस

नई दिल्ली : जल्द ही डिस्कवरी समूह अपने मिलिटरी चैनल को भारत में शुरू करेगा। सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने जिन नए चैनलों को भारत में प्रसारण की अनुमति देने का फैसला किया है, उनमें इस समूह का प्रतिष्ठित मिलिटरी चैनल और इन्वेस्टिगेशन चैनल शामिल हैं। मिलिटरी चैनल सेना, युद्ध और युद्ध के इतिहास पर आधारित चैनल है। ‘किलिंग बिन लादेन’ इस चैनल के ताजा कार्यक्रमों में शामिल है।

नई दिल्ली : जल्द ही डिस्कवरी समूह अपने मिलिटरी चैनल को भारत में शुरू करेगा। सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने जिन नए चैनलों को भारत में प्रसारण की अनुमति देने का फैसला किया है, उनमें इस समूह का प्रतिष्ठित मिलिटरी चैनल और इन्वेस्टिगेशन चैनल शामिल हैं। मिलिटरी चैनल सेना, युद्ध और युद्ध के इतिहास पर आधारित चैनल है। ‘किलिंग बिन लादेन’ इस चैनल के ताजा कार्यक्रमों में शामिल है।

मंत्रालय द्वारा हाल में जिन भारतीय चैनलों को स्वीकृति मिली है उनमें हालांकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों से न्यूज और गैर न्यूज चैनल शुरू करने के आवेदन हैं, लेकिन ज्यादातर आवेदन उन राज्यों या शहरों से न्यूज चैनल शुरू करने से संबंधित हैं जहां पहले से ऐसे चैनल नहीं थे। जरा गौर फरमाइए। हरिद्वार से शुरू होने वाला ‘खबर फास्ट’ और ’देवभूमि,’ आगरा से ‘रीयल न्यूज,’ ‘ओशन टीवी’ और ‘योर टीवी,’ गाजियाबाद से ‘पर्ल पंजाबी,’ पंचकुला (हरियाणा) से ‘बुलंद न्यूज,’ ‘न्यूज चक्र’ आदि। ये उन न्यूज चैनलों के नाम हैं जिन्हें सूचना-प्रसारण मंत्रालय से हाल ही में स्वीकृति दी है। सूचना-प्रसारण मंत्रालय के पास लगभग हर रोज नए चैनल शुरू करने के आवेदन आ रहे हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर क्षेत्रीय भाषाओं में और न्यूज चैनल शुरू करने के आवेदन होते हैं। 47 कंपनियों द्वारा शुरू किए जा रहे 75 चैनलों को हाल में अनुमति मिली है, क्योंकि इनके आवेदन को सभी जरूरी मानदंडों पर खरा पाया गया है। इन प्रस्तावित 75 चैनलों में से 27 न्यूज चैनल हैं।

कुछ महीने पहले ही मंत्रालय ने ‘गंगा’, ‘क्राइम’, ‘कशिश न्यूज’, ‘सुभारती’, ‘अभी तक’, ‘हिप हिप हुर्रे’ जैसे हिन्दी और भोजपुरी भाषा के न्यूज चैनलों को शुरू करने की अनुमति दी थी। पिछले पांच सालों में सरकार ने करीब 500 चैनलों को देश में प्रसारण की अनुमति दी। सिर्फ पिछले साल ही 100 से अधिक नए चैनलों को अनुमति दी गई। देश में चैनलों की विकास दर 200 प्रतिशत से अधिक है जबकि विज्ञापन इंड्स्ट्री सिर्फ 7-8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। फिक्की जैसी संस्थाएं देश के विज्ञापन उद्योग को करीब 27,000 करोड़ रुपए का मानती हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रसारण क्षेत्र की है। देश में करीब 240 क्षेत्रीय न्यूज चैनल हैं। जिन गैर न्यूज चैनलों को सरकार से प्रसारण की अनुमति मिली है, उनमें दिल्ली से लीडर टीवी, गोवा से गुडनेस टीवी, मुंबई से आराधना और हनुमान टीवी शामिल हैं। यूटीवी के प्रस्तावित म्यूजिक और कॉमेडी चैनलों को भी अनुमति मिली है।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित अमिताभ पाराशर की रिपोर्ट

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. Patrakaar

    May 17, 2011 at 5:52 pm

    jald ek aur khulasa hoga jisme channel ko licence dene ke liye rishvat ki baat aaegi….madhu makhi ki tarah channel kholne ka kya matlab unbalanced mat kijiye…varna patrakaar kam honge dalaal zyada honge……information ministry ko smajhna hoga…..

  2. gagan deep mishra

    May 18, 2011 at 6:39 pm

    new news channel khulne se hum jaise youth jo ki journalism me hi apna jeevan samrpan kiye hue hai aur is bheed bhad ke dour me jagah milni muskil ho rahi hai..hume chance mil raha hai….

  3. farid bharti

    May 22, 2011 at 9:12 pm

    Dost aaj desh main jis tarhan se news channel,s ki shuruat ho rahe hai, uske mutabiq koe bhee news channel desh ki janta ki aawaz ke roop main nahein jana jata hai, 1990 main laga tha k tv media print media bara nuksan krega lekin yeh sirf aik soch he bankar reh gaye, aaj bhee janta ki nazar main print media ki aik alg he ahmyat hai.

  4. gaurave

    September 20, 2011 at 4:13 pm

    bahut achi baat kar rahe hai kota raj hamare like koi kam hoto batana gourav 7597477741

  5. gaurave

    September 20, 2011 at 4:13 pm

    bahut achi baat kar rahe hai kota raj hamare like koi kam hoto batana gourav 7597477741

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...