
राज किरण
अर्थ जैसी सार्थक व गंभीर फिल्म में काम कर चुके राज किरण पिछले दस सालों से अमरीका के अटलांटा स्थित एक पागलखाने में भर्ती है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इस मुश्किल घड़ी में उनके अपनों ने ही साथ छोड़ दिया है। इन दस सालों के दौरान राज किरण की मौत की भी खबर उड़ी। यह अफवाह खुद राज किरण के दोस्तों ने ही उड़ाई लेकिन सुभाष घई की फिल्म कर्ज में राज किरण के साथ काम कर चुके ऋषि कपूर को इस बात पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने राज किरण का पता लगाने का फैसला किया। कपूर को हालिया अमरीकी यात्रा के समय राज किरण के बारे में पता चला। जब ऋषि कपूर राज किरण के भाई गोविंद मेहतानी से मिले तो पता चला कि राज अटलांटा के पागलखाने में भर्ती है। सूत्रों के मुताबिक किरण राज को उनकी पत्नी और बेटे ने धोखा दिया था। तब से वह डिप्रेशन में चले गए थे। बॉलीवुड के सितारों के इस तरह के हश्र का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहल परवीन बॉबी का भी यही हाल हुआ था। डिप्रेशन की शिकार परवीन की लाश उनके घर से मिली थी।
पिछले डेढ़-दो दशकों से बॉलीवुड में किसी को भी इस शानदार अभिनेता राज किरण की खोजखबर नहीं थी। उनके करीबी दोस्त भी यह मानने लगे थे कि वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन उनके करीबी मित्र ऋषि कपूर और कई फिल्मों में राज के साथ अभिनय कर चुकीं दीप्ति नवल को भी इस पर यकीन नहीं था। उन्होंने सोशल वेबसाइट फेसबुक पर एक संदेश जारी किया जिसमें उन्होंने लिखा, ‘फिल्मी दुनिया के दोस्त की तलाश है। उनका नाम राज किरण है। हमें उनकी कोई खबर नहीं है। आखिरी बार उनके बारे में यह सुना था कि वह न्यूयॉर्क में कैब चला रहे हैं। अगर किसी के पास कोई जानकारी है तो आपसे गुजारिश है कि हमें बताइए।’ अब मीडिया में आई खबर के मुताबिक पिछले दिनों अमेरिका गए ऋषि को उनका पता चल गया है।
ऋषि कपूर बोले, ‘मैं यही सोच रहा था कि राज कहां चला गया? यह सवाल मुझे बारबार परेशान कर रहा था। मैंने राज किरण को खोजने के लिए उनके बड़े भाई गोविंद मेहतानी से संपर्क साधने का फैसला किया। इसके बाद मुझे राज किरण के अटलांटा में होने का पता चला। लेकिन मुझे इस बात पर तसल्ली हुई कि वह जिंदा है। लेकिन राज को एक मानसिक रोग अस्पताल तक सीमित कर दिया गया है। सबसे ज़्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि उनके परिवार ने भी कमोबेश उन्हें छोड़ दिया है।’ ऋषि के मुताबिक राज अपने इलाज का खर्चा खुद उठाते हैं। इसके लिए वह अस्पताल में ही काम करते हैं। ऋषि ने कहा, ‘राज मुझसे उम्र में छोटे हैं, लेकिन मैंने उनके साथ खाली वक्त में खूब मस्ती की है। मैं उनकी कमी महसूस करता हूं।’
बॉलीवुड में राज किरण को जानने वाले मानते हैं कि राज को उनकी पत्नी और बेटे ने छोड़ दिया था। यह मानसिक झटका राज बर्दाश्त नहीं कर पाए। उनका मूड बहुत तेजी से बदलता था और उनका इलाज काफी महंगा होने के चलते लगता है कि परिवार उनका साथ नहीं दे पाया। राज किरण ने घरेलू मुश्किलों के पूरे सिलसिले का सामना किया और अवसाद भरी जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो गए। उनके परिवार में उनके बड़े भाई गोविंद और छोटा भाई अजीत हैं। लेकिन दोनों ही उनके संपर्क में नहीं हैं। जब ऋषि ने गोविंद से राज का फोन नंबर मांगा तो उन्होंने कहा कि उनके पास नंबर नहीं है।
ऋषि ने कहा, ‘मैं फोन पर राज से बात करना चाहता था। लेकिन अब मैं खुद अमेरिका जाऊंगा और उनसे घर लौटने को कहूंगा।’ ऋषि कपूर राज किरण को मुंबई वापस लाना चाहते हैं और उनकी फिल्मों में वापसी भी कराना चाहते हैं। इस बारे में उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि राज को पता चले कि मैं उनकी फिक्र करता हूं। मैं खुद उन्हें रोल दिलाने की कोशिश करूंगा।’
राज किरण के करीबियों का मानना है कि राज बॉलीवुड में काम नहीं कर रहे थे, लेकिन उन्होंने अच्छा निवेश कर रखा था, जिसके चलते उन्हें बीमारी के दौरान आर्थिक दिक्कतों का कम सामना करना पड़ा। राज किरण की यादगार फिल्में कागज की नाव, घर हो तो ऐसा, कारण, कर्ज और अर्थ हैं। लापता होने से पहले उन्होंने सुभाष घई, महेश भट्ट और बी आर इशारा जैसे फिल्मकारों के साथ काम किया था।












anil mittal
May 31, 2011 at 1:40 pm
आग क्या लगी अंजुमन को मेरे .. जिन पत्तो पर था सिरहाना मेरा वही हवा देने लगे
राजकिरण के साथ भी ऐसा ही हो रहा है तभी तो कहते है यहाँ कोई किसी का नहीं जब तक कमाते रहोगे बीवी बच्चे आपको पूछते रहेंगे वरना ????? बागवान देखो सब सम्न्झ में आ जायेगा
आम
May 31, 2011 at 2:46 pm
ये दुनिया बड़ी जालिम है…
संजीव चौहान, दिल्ली
May 31, 2011 at 3:23 pm
सब समय का खेल है। हम समझते हैं कि हम अपने बनाये रास्तों पर चलते हैं…लेकिन यही वो भ्रम है….जो दुनिया के इस मेले में हमें “राजकिरण” बना देता है….हम वो पुतले हैं, जो किसी और के बनाये अनजान रास्तों पर चलते हैं….अगर इंसान ये सोच ले तो शायद कोई और राजकिरण न बने…..लेकिन ये मेरी निजी सोच है…..भला क्यों कोई इस पर विचार करके अपना वक्त खराब करेगा….दुनिया है….भीड़ है….जो चल रहा है, वो चल रहा है, जो भीड़ में गिर जाता है, उसे उठाने वाला कोई नहीं….पूरी की पूरी भीड़ नीचे गिरे हुए के ऊपर से गुजर जाने के लिए बेचैन है….आज औरों के ऊपर से गुजरने वाले भागम-भाग में भूल गये हैं कि दो-चार कदम चलकर वे भी जमीन पर गिरकर, पीछे से आने वाली भीड़ के पांवों तले कुचले जा सकते हैं…संजीव चौहान
shailendra salil
May 31, 2011 at 6:47 pm
तकरीबन 7 साल पहले मुझे पता चला था कि राज किरण दक्षिण भारत के किसी जेल में बंद हैं। हैदराबाद प्रवास के दौरान मैने भी काफी कशिश की थी पर पता नहीं चला था। उम्मीद करते हूं कि ऋषि कपूर राज किरण की घर वापसी में अहम कोशिश करंगे। मुंतजिर…
prem
May 31, 2011 at 7:41 pm
Koi to hai jo kum se kum dost ka pata laga raha hai ..rishi kapoor dosti ka farz to aada kar rahe hai …..Warna Yeh bhi pata nahi chalta ki kaha hai Raj Kiran.
Jasbir Chawla
June 1, 2011 at 12:45 am
Dekhee jamane ki yaari………!>:(
Ajit
June 1, 2011 at 9:06 am
My sincers thanks and salute to Rishi Kapoor Sahab, Who proved that “Humanity is still alive” Rajkiran is lucky to have a friend like him.
rashtriy
June 1, 2011 at 6:35 pm
kuch apne karm bhi hote hain. Raj Kiran ne Dilip Kumar ko KALINGA film ke nirman ke dauran kam pareshan nahi kiya tha. Unki wajah se Dilip Kumar ke nirdeshan mein ba rahi yeh mahtawkanchi film puri nahi ho payee. Raj Kiran ko Dilip Kumar ne kafi achcha role diya tha. jab antim kuch reel baqi the to Raj Kiran ne K.C.Bokadia aur Dilip Kumar ko kafi pareshan kiya aur phir achank gayab ho gaye. Film aaj bhi adhuri hai. hum jaise log dilip Kumar ke niredshan mein banne wali is film ka intezar kar rahe the. aise sainkro qisse hain film duniya ke aur waise sitaron ka anjam kuch isis tarah hota hai
anil pande
June 2, 2011 at 4:24 am
दुनिया है….भीड़ है….जो चल रहा है, वो चल रहा है, जो भीड़ में गिर जाता है, उसे उठाने वाला कोई नहीं….पूरी की पूरी भीड़ नीचे गिरे हुए के ऊपर से गुजर जाने के लिए बेचैन है….BAHUT SAHI LIKHA संजीव चौहान Ne.
Media ke Peshe me to और भी गिरे हुए, जालिम log हैं.
beeru maurya
June 2, 2011 at 8:12 am
raj kiran ko wapas layiye bhai log
brijmohan
June 2, 2011 at 10:00 am
written by Brij mohan
Duniya banane wale kiya tere man me samai kahe ko dunia banai. raj bhai app jaldi India Aoo. hum app ko phir kisi social picture me bade bhai ke rup me dekhana chahte hai.
ashok anurag
June 2, 2011 at 12:57 pm
Raaj kiran ki ek yaadgaar film thi MAAN-ABHIMAAN,…….Raj yaad hai ek geet tum par filmaya gaya tha….TUM ITNA JO MUSKURA RAHEY HO…KYA GAM HAI JISKO CHHUPA RAHE HO…..aaj dekh liya na is ghari tum akeley chah kar bhi muskura nahi saktey…..raj tumhey lautna hoga…..jeena hoga apney liye…..nahi to kitney hi raj kiran u hi gumnami ke andherey me kho jayengey……
ajeet thakur
June 2, 2011 at 2:37 pm
you are so lucky that you have a friend like rishi kapoor ji .otherwise a duniya bahut zalim hai sir ji
धीरज भारद्वाज
June 3, 2011 at 10:48 am
इस खोज अभियान की शुरुआत राज किरण और ऋषि कपूर की पुरानी मित्र व फिल्म अभिनेत्री दीप्ति नवल के फेसबुक पोस्ट – ‘Search for Raj Kiran’ से हुई थी और मेरा मानना है कि उन्हें भी श्रेय दिया जाना चाहिए। बीवी-बच्चों से धोखा खाए राजकिरण को खुशकिस्मत ही माना जाएगा कि उन्हें इतना चाहने वाले दोस्त मिले जिन्होंने उन्हें सात समंदर पार से भी ढूंढ निकाला।
pradeep kumar dixit
June 23, 2011 at 10:28 am
REAILY ITS STREANGE APNO NA DHGAA DIYA AB AUNKP INDIA LAAYA JANA CHAHIYA. RAJKARAN KE ZINDGI YANI KE AGE BHADGEE.
kirti patel
December 28, 2013 at 7:12 am
राज किरण की खोज अभियान की शुरुआत उनके मित्र ऋषि कपूर और दीप्ति नवल से हुई जो उनकी महानता हे में चाहता हु की उनको अपने देस वापस लाके फिल्मो में काम देने की पहल फिल्म इंडस्ट्रीज को जरुर करना चाहिए…..
Premkishan
May 21, 2018 at 3:55 pm
Salute to Rishi sir…