“एक दिन पहले चार मंत्री एयरपोर्ट पर स्वामी रामदेव की आगवानी के लिए जाते हैं लेकिन अगले ही दिन ऐसा क्या हो गया कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन के लिए इकठ्ठा हुए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर आधी रात को पुलिस ने लाठिया बरसाई। ऐसा जुर्म आजादी के बाद पहली बार हुआ है।“ यह बात विपक्ष के नेता ने नहीं बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री वसंत साठे ने कहा सीएनईबी के साप्ताहिक कार्यक्रम क्लोज एनकाउंटर में।
वरिष्ठ पत्रकार किशोर मालवीय के साथ खास बातचीत में वसंत साठे ने कठोर लहजे में आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार के लिए बेहद शर्मनाक है। वसंत साठे ने कहा कांग्रेस ने एक ही झटके में आमलोगों के बीच अपना विश्वास खो दिया है और इसकी भरपाई बेहद मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से कांग्रेस और सरकार दोनों की साख गिरी है। वसंत साठे ने कहा कि रामलीला मैदान में आधी रात को जो पुलिस कार्रवाई हुई वह समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाली बात है कि इस मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री को भी टीवी चैनलों से जानकारी मिली। वसंत साठे ने सरकार की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात को जब लोग सो रहे थे तो वहां भड़काऊ भाषण का सवाल कहां से पैदा हो गया और जो कथित भड़काऊ भाषण दिया गया उसे किसने सुना? उन्होंने कहा कि आमलोगों में बेहद असंतोष है और वह इस तरह दबाने से नहीं दबने वाला है। सीएनईबी के इस कार्यक्रम का प्रसारण 12 जून रविवार शाम 7 बजे होगा और इसका दोबारा प्रसारण मंगलवार रात 9:30 बजे होगा। प्रेस रिलीज












धीरेन्द्र
June 12, 2011 at 6:28 pm
कह तो ठीक रहे हैं, लेकिन अब मन्त्री होते तो सुर बदले होते.
dwijendra sharma
June 13, 2011 at 6:42 am
whatever vasant saathe said that is true but he is not in power , not in govt . on 23th of may 2011 congress leader kamal naath was also appreciating raamdev in a programme and he shown his support to raamdev . but after incident of the 4th june 2011 media searched him and wished to talk him. he was invisible . media could not meet him. where had he gone.