इन्दौर के मीडिया में इस समय घमासान मचा हुआ है। तीन नए अखबार लांच होने की तैयारी में हैं और मौजूदा अखबारों के बीच खींचतान बढ़ रही है। इन्दौर के लिए हालांकि यह एक अच्छा संकेत है महानगर बनने की कगार पर खड़े इन्दौर को मीडिया वाले हाथों हाथ ले रहे हैं। इसमें पत्रकारों के भी मजे हैं नौकरियों की कोई कमी नहीं हैं, अवसर ही अवसर हैं।
भास्कर ग्रुप मराठी भास्कर लेकर आ रहा है। इन्दौर में मराठी बोलने वालों की संख्या अच्छी खासी है और भास्कर इसी का फायदा उठाना चाहता है। इधर भास्कर ने ही डीएनए इन्दौर से लांच करने की तैयारी कर ली है। अंग्रेजी के इस अखबार के लिए अच्छी खासी तनख्वाह दी जा रही है। भास्कर इन्दौर में दूसरों के लिए कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहता। रेडियो, टीवी, प्रिन्ट अखबार के साथ ही अब अंग्रेजी अखबार के माध्यम से भी भास्कर अपना वर्चस्व बढ़ा रहा है। भास्कर का यहां मुकाबला फ्री प्रेस से होगा।
इधर टाइम्स ग्रुप ने भी इन्दौर से अपना अंग्रेजी संस्करण लांच करने की तैयारी कर ली है। कुल मिलाकर इन्दौर में नए अखबारों का खासा माहौल बन रहा है। अभी अभी हिन्दी में दबंग दुनिया नामक अखबार निकला है, जिसके प्रकाशक हैं इन्दौर के जाने माने गुटका किंग किशोर वाधवानी। इन्होंने अपने अखबार में सम्पादक बनाया है कीर्ति राणा को और सुना जा रहा है कि अनिल धूपड़ भी नईदुनिया छोड़कर इधर आ गए हैं। अवनीन्द्र जोशी पहले से ही दबंग दुनिया में हैं।
दबंग दुनिया ने प्रचार प्रसार में कोई कसर नहीं रखी है। पूरे इन्दौर में इसके होर्डिग्स लग गए हैं। पत्रकारों को अच्छा खासा वेतन मिल रहा है। इन्दौर में कुकुरमुत्ते की तरह खुल गए मीडिया कालेजों के लिए ये अच्छा संकेत है। अब वे कह सकते हैं कि डिग्री लेने के बाद नौकरी के अवसर बढ़ गए हैं। दबंग दुनिया की प्रतियां इन्दौर में हर जगह बंट रही है इससे हॉकरों को भी फायदा हो रहा है।
इंदौर से अर्जुन राठौर की रिपोर्ट.












कमल शर्मा
June 22, 2011 at 12:53 pm
पत्रकारों के लिए अच्छी खबर है। बेहतर वेतन एवं बेहतर मौके का लाभ उठाए।
ashu
June 22, 2011 at 4:41 pm
bure dore me achhai khbar to ai. patrkaaro ko badhayi
ratana.pandey
June 23, 2011 at 11:00 am
yah aachee baat hai.
rakesh achal
July 3, 2011 at 1:34 pm
इंदौर का अर्थ है “डोर खोलो और इन “हो जाओ. अख़बार इस बात को अच्छी तरह जानते है, इसीलिए दौड़े चले आरहे है
shyamkant baviskar
July 11, 2011 at 11:06 am
es se marahti, angreji aur hindi en tinoh bhashaaon ka mahatva badega. rashtrabhasha ka prachar prasar badhne me bhi madad hogi