: पत्रकार एवं आरटीआई एक्टिविस्ट को मिली धमकी : आदरणीय यशवंत जी, मैं आदर्श शर्मा बाहरी दिल्ली से एनएनआई न्यूज एजेंसी के लिए काम करता हूं। साथ ही मैं जनहित में आरटीआई भी लगाता हूं। कुछ दिनों पहले मैं बी-2 ब्लाक, सुलतानपुरी, दिल्ली-86 में स्थित एक पार्क, जिसमें अवैध रूप से कब्जा किया गया है, के खिलाफ आरटीआई लगाया था।
पूर्व में इस पार्क को तोड़ने के लिए दिल्ली नगर निगम रोहिणी जोन से दो बार बुलडोजर आया था, परन्तु कब्जाधारियों के द्वारा दोनों बार इसे मैनेज कर बचा लिया गया। कुछ दिनों पहले पार्क पर कब्जा किये व्यक्ति को यह पता चला कि मैं ही उसके कब्जा के खिलाफ आरटीआई लगया था। कल जब मैं दिनांक 21.6.11 को रोहिणी स्थित अंबेडकर अस्पताल से आरटीआई लगा कर रोहीणी सेकटर-16 स्थित सब रजिस्ट्रार के कार्यालय अपने मित्र एवं पब्लिक संदेश के संपादक संजय सिंह के साथ किसी काम से आया था।
तभी वहां एक लगभग चालीस साल उम्र का एक व्यक्ति आया और गाड़ी रोककर मेरे साथ बदतमीजी करने लगा। उसने खुद का नाम विजय कुमार भारती बताया और बोला कि हां मैंने पार्क कब्जा कर रखा हैं, तू मेरे खिलाफ आरटीआई लगाया हैं, मै तुझे गुंडों से मरवा दूगां। और तुम्हारी लाश बिहार भेज दूंगा। अगर तू जिंदा रहना चहता है तो मेरे खिलाफ आरटीआई लगाना बंद कर दे। मैं मूलतः बिहार का रहने वाला हूं। और दिल्ली के सुलतानपुरी में रहता हूं। मुझे धमकी देने वाला भी सुलतानपुरी में ही रहता है। मैंने इस धमकी खिलाफ सुलतानपुरी थाना में 21.6.11 को आवेदन देकर अपने जान-माल की सुरक्षा का गुहार लगाया हूं। जिसका डीडी न0 56बी डीसीटी है। अतः आपसे निवेदन है कि आप मेरी अवाज को अपने मीडिया र्पोटल में जगह देने का कृपा करें।
आदर्श शर्मा
पत्रकार एनएनआई
मो.न. 09953656903












कमल शर्मा
June 22, 2011 at 12:56 pm
उस गुंडे को बोलना भड़ास पढ़े। पूरा फाड़ देंगे यशवंत जी
amit aggarwal
June 26, 2011 at 10:08 am
पत्रकार एवं आरटीआई एक्टिविस्ट को धमकियाँ और यातनाये :: ये राजधानी दिल्ली में बढ़ाते हुए स्वेत्वस्ना अपराध हैं जो नेताओं और अधिकारियों के द्वारा बढ़ाए जा रहे हैं ! ऐसे अनेक मामले दिल्ली और देश में बढ़ते जा रहे हैं ! ख़ासतौर से दिल्ली में पीड़ितों को आम आदमी को कानून से सहायता नही मिलती हे अतः स्वय ही कुछ करना होगा !
आप राष्ट्रपति से भी सहायता माँगों तो कोई सुनवाई नही होगी ! नीचे से ऊपर तक के सारे पद भ्रष्ट राजनेताओं के भ्रष्ट अधिकारियों के कब्जे मे हो चुके हैं ! दिल्ली पुलिस के पुर्वा आयुक्त ” वाई एस डडवाल ” साहब के द्वारा अंगिनत अपराध कराए जाने के बाद उन्हें बाजे गाजे के साथ विदा किया गया उनके खिलाफ अनेक शिकायतें मैंने कि थी , और राष्ट्रपति को भी कi थी किसी पर कार्यवाही नही हुइ ! देश क! अल्लाह ही मालिक हे !