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सेबी वालों ने फैसला सार्वजनिक करके गलत किया : सहारा समूह

सहारा ग्रुप को सेबी (सेक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया) द्वारा सहारा के खिलाफ दिए गए फैसले आनलाइन कर सार्वजनिक करना नागवार गुजरा है. सहारा समूह की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी कर सेबी के इस रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई गई है. प्रेस रिलीज में सहारा ग्रुप का कहना है कि सेबी का फैसले को सार्वजनिक करना गलत है. सहारा ग्रुप का ये भी कहना है कि पिछले कई सालों से सरकारी एजेंसियां ग्रुप के साथ नाइंसाफी कर रही हैं.

सहारा ग्रुप को सेबी (सेक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया) द्वारा सहारा के खिलाफ दिए गए फैसले आनलाइन कर सार्वजनिक करना नागवार गुजरा है. सहारा समूह की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी कर सेबी के इस रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई गई है. प्रेस रिलीज में सहारा ग्रुप का कहना है कि सेबी का फैसले को सार्वजनिक करना गलत है. सहारा ग्रुप का ये भी कहना है कि पिछले कई सालों से सरकारी एजेंसियां ग्रुप के साथ नाइंसाफी कर रही हैं.

ग्रुप का दावा है कि पिछले 32 साल में उन्होंने गैर-कानूनी तरीकों से 1 रुपया तक नहीं कमाया है. उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में सहारा ग्रुप पर बाजार से पैसे जुटाने पर रोक लगाई थी. सेबी ने अपनी वेबसाइट पर कोर्ट ऑर्डर की कॉपी लगाई और प्रेस नोट जारी किया था. सेबी ने ऑप्शनली फुली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स से जुटाई रकम को 15 परसेंट ब्याज सहित निवेशकों को लौटाने का सहारा को आदेश दिया था. सहारा द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है-  “For a regulator where the matter is sub-judice, media trial is not warranted and not expected from Sebi as is being done in this case. It was expected of Sebi to simply place the order before the Supreme Court and maintain the sanctity of the order passed by the Supreme Court. Sebi has been vindictive and malicious towards the group for last one-and-a-half years.”

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0 Comments

  1. Ravi Chandra

    June 25, 2011 at 2:01 pm

    EK CHOR KO POLICE NE PAKADA: WOH BOLA MUJHE KYO PAKADA? FAISALA TO JUDGE DEGA. . . . . . . Kya judge chor ko pakadane jayega?

  2. Dinesh Kr. Gautam

    June 25, 2011 at 5:06 pm

    Ise kehate hai khisiyaani billi khamba noche.
    Ek baat samajh me nahi aayi.Jab yahi mamla Lower Court me Sub-Judice tha to…Sahara shree ki chatrachaya me chal rahe media group ne bhi to Judge ke khilaaf ek tarah se media trial ko janam diya tha…aur ab jub khud ki baari aayi to lage naseehat ka paath padhaane.

  3. kumar kalpit

    June 25, 2011 at 10:01 pm

    AAPKA AKHBAR RASTRIYA SAHARA KIISII KE PEECHE PARE TO THEEK KOI AAPKE PEECHE PARE TO GALAT HAI . AAP CHAHATE HO KI AAP HEE KE DONO HANH ME LADDU RAHE ..AISA TBHI SAMBHAV HAI JAB PARTY NA BANO . LEKIN CHIT FAND CO..HONE KE NATEE PARTY BANNA AAPKE MAJBUREE HAI.SHAMAJWADEE PARTY KE SHTTA ME AATEE HEE AAP SHAPAEE HO JATEEN HAI TO BJP KEE AANE PAR BHAPAI ,, SAHARASHRI KE BETOON KE SHADII ME YEK BHEE KOGRESHII NAHII AAYA YAA AAPNE BOOLAYA NAHEE. TABHEE AAPKO SHAMAJH JANA CHAHIYE KII ULATII GINTEE SHROO HO GAEE HAI.. >:(

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