मुंबई से प्रकाशित होने वाले दैनिक हमारा महानगर के पत्रकार मुश्किल में हैं. प्रबंधन ने पत्रकारों को कई फरमान सुना दिया है. पत्रकार वैसे ही अपने इंक्रीमेंट से नाखुश चल रहे हैं, दूसरे नए फरमानों ने उन्हें नाराज कर दिया है. हमारा महानगर प्रबंधन तीन साल के बाद अपने यहां कार्यरत पत्रकारों के वेतन में बढ़ोतरी किया है. पत्रकारों को उम्मीद थी कि ठीक ठाक इंक्रीमेंट होगा, परन्तु प्रबंधन ने सबलोगों के वेतन में मात्र एक हजार रुपये की वृद्धि की.
इस इंक्रीमेंट से नाखुश कर्मचारियों को प्रबंधन ने अब स्कूल प्रमाण पत्र जमा करने का फरमान जारी कर दिया है. पुराने कर्मचारियों को प्रमाण पत्र जारी करने को कहा गया है. पिछले दस-पंद्रह साल से काम करने वाले कुछ कर्मचारी इस फरमान के बाद परेशान हैं. इन लोगों का कहना है कि इन्होंने नौकरी ज्वाइन करने के समय ही प्रमाण पत्र दिया था, फिर प्रमाण पत्र की क्या जरूरत आन पड़ी. कई लोगों का प्रमाण पत्र भी इधर उधर हो गया है. ऐसे कर्मचारी इस फरमान से परेशान और दुखी हैं.
खबर यह भी है कि प्रबंधन अब पत्रकारों को नॉन क्रिमिनल सर्टिफिकेट लाने का फरमान जारी करने वाला है. पत्रकारों को भी अब सुरक्षा रक्षकों की तरह पुलिस से नॉन क्रिमिनल सर्टिफिकेट लाकर प्रबंधन के पास जमा करना होगा. महानगर के पत्रकारों पर निगरानी भी रखी जा रही है. उन पर विजिलेंस की नजर बनी हुई है.












Pareshan Patrakar
June 27, 2011 at 6:49 am
Mere bhai, non-criminal certificate dene mein koi harz nahi hai…sanch ko aanch nahin. Lekin samasya yeh hai ki in kagjaton ke liye hamen 2-4 dinon ka notice dene wala management hamari mangon par bahra kyon ho jata hai !
jk
June 27, 2011 at 4:16 pm
patrkaro ko non criminal certificate mangana matlab aaj ki patrikarita ko aapradh jagat se jodana…or patrkaro ke piche bijelenc lagana sabse badi bat hai …aakhir patarkar ek jagh par rahenge tab to kucha fayada hai unhe to din bhar ghumna padta hai to bijalence kaha kha unke piche rhegi