मैनेजमेंट गुरु अरिंदम चौधरी ने दिल्ली प्रेस की सांस्कृति पत्रिका कारवां पर 50 करोड़ (500 मिलियन) का मानहानि का मुकदमा ठोंका है. कारवां के फरवरी अंक में सिद्धार्थ देब ने एक स्टोरी की थी अरिंदम चौधरी के फिनोमिना के ऊपर. सिद्धार्थ ने कारवां में अरिंदम चौधरी के बारे में तमाम बाते स्रोतों के हवाले से लिखी है. उनका लेख पूरी तरह बातचीत पर आधारित है. इस लेख में अरिंदम पर कई सवाल उठाए गए हैं.
इस लेख में अरिंदम चौधरी के संस्थान आईआईपीएम के बारे में भी कई खुलासे किए गए हैं. मसलन झूठे वादा करने, लैपटॉप न देने आदि के आरोप बातचीत के आधार पर निकाले गए हैं. इस लेख को देखते हुए अरिंदम ने कोर्ट में कहा है कि इस लेख से उनका माहानि हुआ है. अरिंदम ने दिल्ली प्रेस के साथ पेंगुइन इंडिया और गूगल को भी लपेटा है क्योंकि पेंगुइन से अरिंदम पर किताब आने वाली है, जिसके स्रोतो का हवाला लेख में सिद्धार्थ देब ने दिया है.
गौरतलब है कि मैनेजमेंट गुरु के नाम से विख्यात अरिंदम चौधरी आईआईपीएम जैसी बहुप्रचारित मैनेजमेंट संस्थान चलाते हैं. अरिंदम कई भाषाओं की पत्रिका द संडे इंडियन का प्रकाशन भी करते हैं. उन्होंने दो बेस्टसेलर्स ‘द ग्रेट इंडियन ड्रीम’ और ‘काउंट योर चिकेन्स बिफोर दे हैच’ भी लिखे हैं.












मदन कुमार तिवारी
June 28, 2011 at 12:48 pm
असली चेहरा छुपा रहे, नकलि चेहरा सामने आये। अरविंदम चौधरी , महान सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद , स्टाईल गुरु । मेरे मामा के बेटा निकला पढकर मजदुर की तरह एसीसी ने खटाया, बिमार पडा नौकरी छोड दी । चोटी वाले गुरु के संस्थान से भारी रकम देकर पढा था। पुछने पर बोला भैया ठगी बा । अखबार मेम विग्यापन दे दे के ठगतरन स । जय जय हो गुरु अरविंदम की । अब मुकदमा करके अखबार वालों से कुछ उतारो । वैसे गुरु के संस्थान को कही किसी भारतीय संस्था से मान्यता मिली है क्या .
lalit
June 28, 2011 at 12:55 pm
भाई साहब, आलेख भी प्रकाशित करते तो ठीक रहता।
jay chaudhary
June 29, 2011 at 10:03 am
[i][b]साले अरिंदम का सारा काम फर्जी है इसे मेनेजमेंट का दलाल कहिये , गुरु कहकर गुरु शब्द का अपमान है ! IIPM छात्रों से पैसे ऐंठने के लिए किस तरह गलत तथ्यों को विज्ञापित कर करोड़ों-अरबों बना रहे हैं, इसकी बानगी देखने के लिए करियर्स360 डॉट कॉम नामक वेबसाइट पर जाइए। इसमें अरिंदम चौधरी और आईआईपीएम वालों के झूठ का सच बताया गया है। कैसे ये छात्रों को भरमाते हैं, इसके बारे में विस्तार से समझाया गया है। ये किस किस्म के लुभावने विज्ञापन बड़े-बड़े अखबारों में छपवाते हैं और इन विज्ञापनों के पीछे की असली हकीकत क्या है, इसे इस साइट पर एक रिपोर्ट में बखूबी दर्शाया गया है।[/b][/i]
Pushpendra mishra
June 29, 2011 at 3:49 pm
Wah bhai sahab gajab ka kahar dhaya hai……Manch ke bhasan aour akhbar me chhpne wale vikshapan to bade manmohak hote hai ….lekin uske pichhe ki kahani to bhogane wala janta hai wah re bhai jo tumne parde ke pichhe ki kahani dekhai …………….Bahdhai ho …………..
Anil Pande
June 30, 2011 at 3:14 pm
ठग गुरु अरिंदम चौधरी Anna Hazare Ke Saath Bhi Ek TV Programme Me Baith Gaya Tha.
YE CHOR KAHIN BHI मेनेज Kar Lete Hain.
कमल शर्मा
July 1, 2011 at 10:29 am
यह बहुत बड़ा गुरु घंटाल है। इसके पीछे मीडिया को पूरी तरह लगा दो।यह खुद भाग जाएगा। मेरे पर भी इस टिप्पणी को लेकर एक दावा कर देना गुरु घंटाल जी। 20-25 रुपए मेरे से भी मिल जाएंगे1