शिक्षा का बढ़ता व्यवसाय, छात्र तथा अभिभावकों का शोषण आम बात है. कुकुरमुत्तों की तरह तमाम छात्रों को बेहतर शिक्षा देने की बजाय बस पैसे उगाह रहे हैं. छात्र एवं अभिभावक सभी परेशान हैं पर भविष्य के डर से लोग सब कुछ देख सुनकर भी चुप रह जाते हैं. टीस बस उनके दिल में ही छिपी रह जाती है.
मीडिया घराने भी शिक्षण संस्थानों से मिलने वाले एड के चलते शिकायतों के बाद चुप्पी साधे रहते हैं, जिससे इनका मनोबल और अधिक बढ़ता जाता है. पर अब अभिभावक अपनी आवाज उठा सकते हैं. वो भी बिना किसी डर और भय के. इसके लिए कुछ युवाओं ने लांच किया है वेबसाइट एजुकेशन जंगल. जिसमें यूनिवर्सिटी, कॉलेज, स्कूल के लूट खसोट को उजागर किया जाएगा. इन पर अंकुश लगाने के लिए इनके खिलाफ आवाज उठाया जाएगा.
इस वेबसाइट के संपादक के अनुसार इस वेबसाइट का मकसद शिक्षा जगत में विभिन्न तरीके से हो रहे शोषण को सबके सामने लाने का है. इसके माध्यम से हम छात्र, शिक्षक, अभिभावकों की आवाज उन जगहों तक पहुंचाएंगे, जिन जगहों तक लोगों की आवाज नहीं पहुंच पा रही है. कारण की पूरा तंत्र मिला हुआ है. संस्थानों से लेकर अधिकारियों तक सब मिलजुलकर बांट खा रहे हैं. शिक्षा के नाम पर बस व्यवसाय हो रहा है कि कैसे भी हो पैसा आना चाहिए. अब कोई भी परेशान छात्र, अभिभावक, शिक्षक अपनी बात हम तक पहुंचा सकता है. जो खबर अब तक बाउंड्री के अंदर थी वो सबके सामने आएगी.












abhishek
July 6, 2011 at 2:56 pm
kyo bhaiyaaa tumhari website mein dum hain ki jagran ke media school jagaran institute of maass communication ke khillaf chap sakogey . agar chaap asako to vaha jakar dekh lo ki 4 lac rupees ;lekar jagaran patrakaar bananey ke naam kitney baccho ko placement de raha hain aur kitno ko yeh kahkar lagvaa raha ki bhaia kevaal 6 month ki intrenship kara do aur mera placement dikha do yeh pakado paissey.
Rahul Singh Mau
July 7, 2011 at 4:58 am
bhadai hooo…rahul
educationjungal
July 7, 2011 at 8:54 am
अभिषेक जी आप पूरी जानकारी हमें मेल करें, खबर जरूर प्रकाशित की जायेगी
educationjungal
July 7, 2011 at 9:11 am
अभिषेक जी आप पूरी जानकारी हमें मेल करें, खबर जरूर प्रकाशित की जायेगी
🙂
शाहू जी
July 8, 2011 at 4:10 pm
एजुकेशन जंगल .. हूँ …याद है न वो ..कानपुर का .. वो सेल्फ फाइनेंस इंस्टिट्यूट ..जंहा एक ऐसी मैडम ..प्रोफ़ेसर है जो पिछले 7 साल में नेट नहीं क्वालीफाई कर पाई है ..और जंहा एक ऐसा … हेड है जिसने 10+2 से ग्रेजू एशन करने में 8 साल लगाये …जंहा ना तो कोई मीडिया लैब है ..ना स्टूडियो है ..अगर याद है तो देर किस बात की ?