: सूचना विभाग ने लगाया विज्ञापनों में अड़ंगा : इन चैनलों की जीरो विजिबिलिटी- डीएवीपी : लखनऊ: खुद को बड़े चैनल के तौर पर प्रस्तुत करने वाले पांच न्यूज चैनलों का मामला अब खटाई में पड़ गया है। डीएवीपी की खबर के आधार पर यूपी सरकार के सूचना विभाग ने इन चैनलों का विज्ञापन रोकने का आदेश दिया है। जाहिर है अब इन चैनलों में हड़कंप मचा हुआ है।
सूचना विभाग ने अपनी विज्ञापन सूची से हाल ही में जिन न्यूज चैनलों का नाम काट दिया है, उनमें महुआ न्यूज, लाइव इंडिया, आजाद न्यूज, पी-7 और हमार टीवी शामिल हैं। खबर है कि सूचना विभाग ने यूपी में सूचीबद्ध चैनलों की जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए डीएवीपी से जानकारियां मांगी थीं। लेकिन जो जानकारियां सूचना विभाग को डीएवीपी से मिलीं, वे चौंकाने वाली हैं। पता चला कि इन पांच चैनलों की विजिबिलिटी कम से कम यूपी में जीरो है। इस आधार पर इनको यूपी सरकार द्वारा जारी किये जाने वाले विज्ञापनों पर रोक लगा दी गयी।
उधर महुआ न्यूज के बारे में खबर है कि यूपी से इस चैनल ने फिलहाल खुद को समेट लिया है। महुआ न्यूज के प्रसारण में अब बिहार-झारखंड लिखा जाने लगा है। इस आधार पर भी यूपी में सरकारी विज्ञापनों से महुआ का पत्ता अपने आप ही साफ हो गया है। इस चैनल की रेटिंग बिहार-झारखंड में खासी पतली हो चुकी है। टैम की रेटिंग में पहले दो हफ्ते में तीसरे-चौथे नम्बर पर रहने के बाद अब महुआ न्यूज झारखंड में सबसे नीचे के पायदान पर टिक गया है।
पी-7 की मदर कंसर्न कम्पनी पर हाल ही हुई छापेमारी की कार्रवाई के बाद से यह चैनल भी लगातार पिटता रहा है। वैसे भी यूपी में शुरू से ही इसका आधार न के बराबर रहा है। जबकि हमारा टीवी ने यूपी से अपना बोरिया-बिस्तरा पहले ही समेट रखा था। यही हाल लाइव इंडिया और आजाद न्यूज का भी बताया जा रहा है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद से ही इन चैनलों के लिए लॉबीइंग का दौर और जोड़-तोड़ शुरू हो चुकी है।












abhishek kumar singh
July 12, 2011 at 9:47 am
लगातार बढ़ रहे टी.वी चैनल के कारण न्यूज़ की गुणवता घटते जा रही है. यह एक बहुत अच्छा कदम है |
jasvinder
July 10, 2011 at 5:20 pm
delhi government try to this type of activity.
ek patrkar
July 11, 2011 at 4:00 am
up mahua bin launch huye hi band ho gaya bhai gajab
sandeep
July 11, 2011 at 4:38 pm
महुआ के स्ट्रिंगर तो कई महीने से खबरें नहीं भेज रहे थे , डेड़ सौ रूपए दिहाड़ी के मजदूरों को उनकी ये दिहाड़ी भी नहीं डी जा रही थी , रही सही कसर कुमार शोविर ने महुआ छोड़ कर कर दी, उन्होंने महुआ के स्ट्रिंगर्स को यु एन आई में लगवाया मगर वो भी बंद हो गया >:(
sandeep
July 12, 2011 at 5:49 pm
next should be a2z