अपने को राजा कहलावाने का शौक पालने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पॉजीटिव मीडिया ग्रुप के चेयरमैन मतंग सिंह के नक्षत्र सही नहीं चल रहे हैं. कांग्रेस में दोबारा शामिल होने की का जश्न अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि पहले उनके ग्रुप के फोकस और हमार टीवी पर पड़े छापा, फिर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी के उनके कांग्रेस में शामिल होने की खबरों को गलत करार देने के बाद सारा नशा उतर गया है.
खबर है कि कई चीजों का शौक रखने वाले फोकस और हमार टीवी के मालिक मतंग सिंह की कांग्रेस में वापसी की कहानी में टिवस्ट आ गया है. कुछ दिन पहले ही कांग्रेस कार्यालय में असम राज्य के प्रभारी एवं बड़ाबोले दिग्गी राजा ने अपने चेम्बर में मीडिया के सामने मतंग सिंह की कांग्रेस में वापसी की घोषणा की थी. मीडिया वालों के सामने दिग्गी राजा ने आगामी लोकसभा चुनाव में उनका सहयोग लेने का एलान किया था. खबर यह भी फैलाई गई थी कि मतंग सिंह सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर चुके हैं. चर्चा ही खबरों को चलवाने के लिए मीडिया में काफी पैसा भी बांटा गया था.
कांग्रेस में वापसी के एलान के तीन-चार दिन बाद ही ईडी, आईडी और सीबीआई की टीम ने मतंग सिंह के स्वामित्व वाले मीडिया हाउस पाजीटिव ग्रुप पर छापा मारा. नोएडा के सेक्टर चार में स्थित फोकस और हमार टीवी के कार्यालय समेत गोलमार्केट स्थित कार्यालय पर भी टीम ने छापा मारा था. सुबह से लेकर शाम तक चली कार्रवाई में जांच टीम ने एक एक फाइल, एक एक कम्प्यूटर खंगाल डाला. सुबह छह बजे से शुरू होकर शाम आठ बजे तक चली कार्रवाई के बाद जांच टीम अपने साथ तमाम महत्वपूर्ण कागजात लेकर गई. सूचना है कि जांच टीम के हाथ कुछ अहम कागजात भी लगे हैं जो मतंग सिंह के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं.
माना जा रहा है कि यह कार्रवाई कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी और पीएफ में हेरफेर की शिकायत के साथ यह संदेश देने के लिए भी किया गया था कि कांग्रेस में मतंग सिंह की वापसी की कहानी सही नहीं है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भी कल मतंग सिंह के कांग्रेस में वापस होने से साफ इनकार कर दिया. पत्रकारों द्वारा कांग्रेस में उनकी वापसी तथा उनके स्वामित्व वाले मीडिया हाउसेज पर छापा की कार्रवाई पर पूछे गए सवाल पर मनीष तिवारी ने कहा कि मतंग सिंह को कांग्रेस में शामिल नहीं किया गया है और ना ही उनकी जानकारी में मतंग सिंह की दुबारा पार्टी में वापसी हुई है.
नरसिम्हा राव सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके मतंग सिंह को सन 2000 में उस समय कांग्रेस से निकाल दिया गया था जब वे नरसिंह राव के पक्ष में सोनिया गांधी के खिलाफ लोगों को लामबंद कर रहे थे. तब कांग्रेस हाईकमान ने मतंग सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाकर निकाल दिया था. मतंग सिंह इसके पहले भी कई बार विवादों में घिर चुके हैं. एक साल पहले उनके ही चैनल के कई दर्जन कर्मचारियों ने कई महीने तक सेलरी नहीं मिलने के बाद हंगामा कर दिया था. जिसके बाद वे चैनल से हटा दिए गए या उन्होंने खुद इस्तीफा दे दिया था. इन लोगों के पीएफ का पैसा भी प्रबंधन ने डकार लिया है.
मतंग सिंह केवल चैनल ही नहीं बल्कि अपनी पत्नी के साथ तलाक के विवाद को लेकर भी काफी चर्चा में रहे थे. चैनलों के स्वामित्व को लेकर भी काफी विवाद था, जिसके चलते अच्छे लोग चैनल को छोड़ गए. इंटर्नों और असिस्टेंट प्रोड्यूसरों को प्रमोट करके किसी तरह चैनल का संचालन किया जा रहा है. तमाम राज्यों में चैनलों की दृश्यता गायब है. यूपी, बिहार और झारखंड के भोजपुरी भाषियों को ध्यान में रखकर लांच किया गया हमार टीवी तो यूपी में कहीं दिखता ही नहीं है. अन्य राज्यों में भी कहीं कहीं दिख जाता है. फोकस टीवी का हाल भी ऐसा ही है.
वैसे चर्चा ये भी है कि लगातार घाटे में चल रहे चैनलों को इसलिए खींचखांच कर चलाया जा रहा है ताकि काले को सफेद किया जा सके. यहां काम करने वाले कर्मचारियों को अभी तक उनकी जून माह की सेलरी नहीं मिली है. अब चैनल पर छापे के बाद वो और भी घबराहट में आ गए हैं कि पता नहीं अब सेलरी मिलेगी भी या नहीं. कई पत्रकारों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि यहां काम करने का माहौल बिल्कुल खराब हो गया है और लोग नए आशियानों की तलाश में हैं, परन्तु हमार और फोकस टीवी का नाम सुनते ही सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं.












ajay
July 20, 2011 at 9:43 am
भड़ास टीम को विस्तार से ख़बर देने के लिए पूर्व कर्मचारियों की ओर से धन्यवाद…इसी तरीके से मतंग का पोल खोलते रहना है..ताकि हमलोग के साथ जो नाइंसाफी की गयी है…उसका सामना मतंग सिंह को करना पड़े.यशवंतजी एक बार फिर से आपको इस खबर के लिए शुक्रिया…
EK KAABIL PATRKAAR
July 20, 2011 at 1:53 pm
जनाब सादर नमस्कार,
इज्जत बख्श्ने की वजह तो मालूम नहीं….लेकिन डायन भी चार घर छोड़ के ही बदला लेती है…अगर आपकी यादाश्श्त सही है, तो बता दूं, कि आपको उस समय मीडिया का म भी नहीं मालूम था, जब कि हमार में आपको अपना छत दिया….वो भी आपने पांच बार टेस्ट दिया…लेकिन कहते है, लिख लोढ़ा अउर पढ़ पत्थर की औकाद सामने आ ही जाती है….वो तो खैर मनाइये कांति सिंह का जिसके रहमो करम पर आपको अपनी किस्मत सुधारने का मौका मिला….अउर अब सुनने में आया है, कि आप किसीतथाकथित चैनल में सड़ रहे है….उम्मीद है, आगे भी सड़ेगें….और हमार ने जितना दिया बहुत दिया …..या कहे औकाद से बढ़ के दिया….समझ में बात आई….अजय कुमार….सा कुछ और बतायें….
Ek Nakaabil Patrakaar
July 20, 2011 at 6:37 pm
काबिल पत्रकार साहब…नमस्कार…
वाह…एक तो चोरी…ऊपर से सीनाजोरी…काबिल पत्रकार साहब… मुझे लगता है कि मीडिया का म तो आपको पैदा होने के पहले से ही मालूम था…इसलिए यहाँ आपको तो कुछ सीखने की ज़रुरत रही नहीं होगी…आप तो इतने टैलेंटेड लग रहे हैं कि आपको तो किसी के रहमोकरम की ज़रुरत भी नहीं पड़ी होगी…मगर मतंग की चाटुकारिता की ज़रुरत क्यों पड़ी ये बात कुछ समझ में नहीं आई… आपको एक बात और बता दूँ कि मीडिया में नौकरी की शुरुआत इस चैनल से करना उन सभी नए लोगों के लिए बहुत दुर्भाग्य की बात थी…जो मीडिया में कुछ काम सीखने आये थे…आप क्या सीखने आये थे…ये पता नहीं…जहाँ तक किसी की औकात या किस्मत की बात है तो आप मतंग जैसे आदमी का साथ देकर उसकी किस्मत और अपनी औकात बढ़ाइए……किसी की क्या किस्मत या औकात है…इसको बस आगे देखते जाइए…जो आदमी अपनी बीवी को कुछ नहीं दे सकता वो पत्रकारों को क्या देगा…मगर लगता है आपको उसने कुछ बड़ी चीज़ ज़रूर दी है…
anam
July 21, 2011 at 3:32 am
वाकई मातंग की कट गई पतंग
कीट पतंगा मातंगा……
बेचारे मातंग… पता चला कि कांग्रेस में शामिल होने की खुशी अपने चैनल में मिठाई बांट कर व्यक्त की… लेकिन उसको इतनी जल्दी पोल खुलने की उम्मीद कतई नहीं थी…
पता नहीं मिठाई की दुकान वाले को पैसा दिया कि नहीं… वैसे कर्मचारियों को तो नही दिया है और कुछ कर्मचारियों का तो पेट तक खराब हो गया है इस खबर को सुनने के बाद…
वाकई मातंग की कट गई पतंग
ajay
July 21, 2011 at 8:41 am
भाई साहब…मेरी औकात क्या है शायद जब इतना जानते हैं तो ये भी जानते होंगे…शायद आप अपनी औकात भूल गये हैं…..एक लाइन शुद्व हिंदी नहीं लिख पाये हैं…और आप मेरी औकात दिखा रहे हैं….हिन्दी में कांमेंट लिखते-लिखते भोजपुरी की मां को भी आपने नहीं छोड़ा…शायद आपकी औकात रहती to बेनाम कांमेंट नहीं लिखते…चाटुकारिता करके शायद आप मतंग का पोंछने में लगे हैं…तो ये आपकी औकात होगी…जहां तक बात म सिखने की है…तो साहब आप अपना नाम बताते …तो आपसे .मेरी खुली चुनौती है….कि अगर शायद आप अपनी मां का दूध पीया hai.. तो सामने आ जाइये…किसकी क्या औकात है पता चल jayega…शायद आप पहले स्टिंगर थे.. …..