डा. बिनायक सेन की रिहाई के बाद अब राष्ट्रद्रोह के आरोप में उत्तराखंड की जेल में बंद पत्रकार प्रशांत राह की जमानत की अर्जी को नैनीताल हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है. जनवादी विचारधारा के प्रशांत राही दिसम्बर 2007 से जेल में हैं. उनपर हरिद्वार जेल को उड़ाने की साजिश करने, माओवादी साहित्य रखने का आरोप है. उत्तराखंड पुलिस ने इन्हें प्रतिबंधित माओवादी संगठन एमसीसीआई का जोनल कमांडर बताया है.
नासिक (महाराष्ट्र) के रहने वाले प्रशांत राही 1982 में बनारस से बीटेक करने के बाद, बीते बारह सालों से देहरादून में पत्रकारिता कर रहे थे. नैनीताल हाईकोर्ट में जस्टिस पीसी पंत ने प्रशांत राही के वकीलों की दलील को सुनने के बाद उन्हें जमानत दिए जाने का आदेश जारी कर दिया. राही इस समय पौड़ी जेल में हैं. उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार के बाद उनकी रिहाई हो जाएगी.












rupaliraj
July 30, 2011 at 10:42 pm
prashant lal salam..aapne himmat nahee haree. aap jaison se koch sekhne ko miliga, aapse mulakat ko mai shawbhagya manooga. mawowadee sahitya mere paas bhi hai. polic mooche giraftaar kare
brajesh ku.goutam
July 31, 2011 at 4:37 pm
hame aapki himmat per naaj hai.