नई दिल्ली : विदेश मंत्री एसएम कृष्णा को पीटीआई का यह लिखना नागवार गुजर गया कि श्रीलंका के मसले पर जब उनसे लोकसभा में बयान देने को कहा गया तो वे कहीं और मगन थे. विदेश मंत्री ने अंग्रेजी समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) को इस खबर के लिए कानूनी नोटिस भेजा है. पीटीआई की खबर में कहा गया था कि कि श्रीलंका के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने गुरुवार को जब उन्हें सदन में वक्तव्य देने को कहा तो वह कहीं और मगन थे.
पीटीआई ने खबर दी थी कि विदेश मंत्री एस एम कृष्णा को श्रीलंका के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने वक्तव्य देने के लिये कहा तो वह अपने स्थान पर मौजूद नहीं थे और गलियारे में अन्य सदस्यों के साथ बातचीत कर रहे थे .खबर में कहा गया कि कृषि मंत्री शरद पवार ने कृष्णा का ध्यान अध्यक्ष के निर्देश की ओर आकर्षित कराया. कृष्णा को उनके वक्तव्य की प्रति तुरंत उनकी फाइल में नहीं मिली और लोकसभा सचिवालय के एक कर्मचारी ने उन्हें वक्तव्य की एक प्रति मुहैया कराई.
देर रात विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई में यह बताने के लिए फोन किया कि कृष्णा राज्यसभा में सवाल निपटा रहे थे और उन्होंने उप विदेश मंत्री परनीत कौर को कुछ कागज दिए थे, जो लोकसभा में उनके वक्तव्य से संबंधित थे. जब उन्हें वक्तव्य देने को कहा गया तो उन्हें वह कागज परनीत से लेने थे. अधिकारी ने कहा कि यह मंत्री के कहीं और मग्न होने का मामला नहीं है. एजेंसी ने बाद में अपनी मूल खबर में इस तथ्य को जोड़ दिया. हालांकि कृष्णा के वकील द्वारा पीटीआई को दिए गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि पीटीआई की खबर एकदम झूठ और दुर्भावनापूर्ण थी, उन्होंने इसके लिए विज्ञापन प्रकाशित कर सार्वजनिक माफी की मांग की.












raja
August 7, 2011 at 5:19 am
सेवा नें सम्पादक जी में इस मामले में सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा की विदेश मंत्री क्या सूचना प्रसारण मंत्रालय का भी बाप हो गया हैं जोकि पीटीआई की भी कोई बखत नहीं समझ रहा हैं इसे पता नहीं हैं पीटीआई को हिंदी में प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया कहते हैं वैसे ही कांग्रेस सरकार जैसे तैसे इंडिया में काम कर रही हैं भूले से अगर तरुण तेजपाल के पल्ले पड़ गया तो नाप जाएगा साला जैसे कपड़ा मंत्री दयानिधि मारण नापा पड़ा हैं
Anil Pande
August 7, 2011 at 11:33 am
पता नहीं इस बैसाख नंदन को विदेश मंत्री क्यों बनाया .
संयुक्त राष्ट्र में इस व्यक्ति ने पुर्तगाल के विदेश मंत्री का वक्तव्य पढ़कर देश की नाक कटा दी थी . Pl. see this report-
Monday, February 14, 2011
Indian Foreign Minister S.M. Krishna’s visit last week to the United Nations was supposed to provide New Delhi with an opportunity to shine on the world stage, to show that India is a serious emerging power that deserves to sit with other world powers. It didn’t quite turn out that way. Krishna, in his first appearance before the U.N. Security Council since his country began a two-year stint in January as a temporary member of the U.N. security body, read the wrong speech. For three minutes, Krishna read from the official statement of the foreign minister of Portugal, Luis Amado.
बहुत बड़ा भकुआ है . हैदराबाद हाउस में तो पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना का तो हाथ ही नहीं छोड़ रहा था .
shravan shukla
August 7, 2011 at 3:17 pm
raja babu..PTI ko hindi me bhasha ke name se jana jata hai.. press trust of india english name hai …