जैन स्टूडियो लिमिटेड के न्यूज चैनल जैन टीवी न्यूज के उत्तराखंड में कार्यरत कर्मचारी परेशान हैं. कर्मचारियों का तीन महीने का सेलरी अब तक नहीं मिला है. देहरादून में जैन टीवी का ऑफिस बंद हो गया है, जबकि कर्मचारियों का अब तक बकाया क्लीयर नहीं किया गया है. हालांकि इस संदर्भ में प्रबंधन के लोगों का कहना है कि उत्तराखंड बुलेटिन अब चैनल पर नए स्वरूप में आ रहा है, लिहाजा देहरादून ऑफिस बंद किया जा रहा है. अब यह दिल्ली से रिलांच किया जाएगा.
अपने कर्मचारियों के तीन महीने का बकाया ना देने के लेकर चर्चा में आए जैन टीवी के बारे में खबर है कि अब यह उत्तराखंड से अपना बोरिया बिस्तर समेट रहा है. यहां के आफिस को बंद कर दिया गया है. पिछले दो दिनों से यहां ताला लटक रहा है. कर्मचारी परेशान हैं कि उनका बकाया कंपनी ने अब तक चुकता नहीं किया. साथ ही कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं. उनके सामने स्थिति भी स्पष्ट नहीं है कि आगे उन्हें क्या करना है या कंपनी उनके साथ क्या करेगी.
इस संदर्भ में जब जैन टीवी के वरिष्ठ अधिकारी श्री बाजपेयी जी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हम जैन टीवी के उत्तराखंड बुलेटिन को फिर से नए योजना के साथ लांच करने की तैयारी कर रहे हैं. यह नए फ्लेवर में दर्शकों के सामने होगा. अब तक इसका प्रसारण देहरादून से किया जा रहा था, परन्तु अब प्रबंधन इसको दिल्ली से लांच करने की तैयारी कर रही है. हम सभी कर्मचारियों का पैसा चुकता करेंगे. हम नए स्टाफ की भर्ती नहीं करेंगे बल्कि अपने पुराने कर्मचारियों से ही सेवा लिया जाएगा. जो लोग हमारे साथ काम नहीं करना चाहेंगे उनका हिसाब किताब कर दिया जाएगा. कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी.












manish dubey
August 13, 2011 at 9:00 am
jain tv to choro ka adda hai
manish dubey kanpur
sanjay Rathi
August 19, 2011 at 3:47 pm
यह तीन टीवी का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा जब -जब यह सही रास्ते पर चलने की कोशिस करता है इसके अधिकारी ही इसकी गति मै ब्रेक लगा देते हैं, उत्तराखंड जैन टीवी तो बानगी भर है, छह -छह महीने से तनख्वाह न मिलने के बाद भी कर्मचारी वहाँ काम करते रहे, लेकिन इस टीवी के तथाकथित ग्रुप एडिटर तथा जैन विडियो आन व्हील का एक कर्मचारी के कारन ऐसा हुआ, वो अपने एक शराबी मित्र को देहरादून जैन टीवी मै घुसना चाहता था जिसका वहाँ के कर्मचारियों ने विरोध किया, विरोध सिर्फ विरोध के लिए नहीं किया गया बल्कि इसके पीछे कई कारन थे, जिस थोमस नाम के आदमी को वे यहाँ लाना चाह रहे थे वाह देहरादून मै पहले टीवी १०० मैं था इसके कारन टीवी १०० के मालिकों को यह चेनल नॉएडा ले जाना पड़ा, वही जब यह वोइस ऑफ नेसन मै आया तो यहाँ भी इसे चेनल के मालिक ने मार-मार कर बहार किया वही अब इसके पैर पड़ते ही देहरादून ऑफिस बंद हो गया, और कर्मचारियों सहित मकान मालिक व कई और भी अपने पैसे के लिए भटक रहे है , जिनको जैन टीवी ने चैक दिए थे वे बाउंस हो गए, वे अब जैन टीवी पर क़ानूनी कारवाही करने वाले हैं, लेकिन उन निर्दोष कर्मचारियों का क्या होगा<
saurabh Mishra
August 21, 2011 at 11:44 am
No Comment!
Mahipal Singh Bisht
August 22, 2011 at 5:44 am
वाह ये भी क्या पत्रकारिता है जैन टीवी अपनी आई डी बेचने लगा है बेरोजगार युवकों को बेवकूफ बनाकर बीस से चालीस हज़ार तक मै बेचीं जा रही है अब वे क्या करेंगे लोगों को ब्लैक मेल नहीं करेंगे तो क्या करेंगे, हमारे कुमोऊ एरिया मै तो ऐसा ही हो रहा है,
kisi se naa kehna
August 24, 2011 at 12:07 pm
jain tv ke kaarnaamon ke bhugat bhogi sabse jyaadaa hai.7 saal pehle jab mei is chanl me kaam karta tha to bhi yahi haal the.sach to ye hai ki ye chnl “CHORO KI NAANI” hai aur tankha nahi dene kaa fandaa isi ne sikhaayaa hai
rafi khan
October 14, 2011 at 2:44 pm
[b]जैन टीवी को लेकर आज जो धारडाए आज बन रही है मे समझता हु सब निराधार है
कियोकी कोई स्वामी अपनी बिल्डिंग को कमजोर पिलरो पर खड़ा नहीं करता बनाते समय
जैन टीवी को भी एक मजबूत बिल्डिंग के रूप मे तामीर किया गया था जिसकी अपनी एक पहचान है
पर हा कभी कही न कही स्टापर ने पलास्टर छुटा कर इस बिल्डिंग को कमजोर करने जेसा काम किया होगा
उससे जैन टीवी की साख पर कुछ असर पड़ा है पर बिल्डिंग आज भी बेहद मजबूत है बस जरुरत भर है उसपर रंग-रोगन
कर उसे चमकाने की………[/b]….