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दुख-दर्द

चला गया महुआ न्यूज का एक चमकता हुआ सितारा

[caption id="attachment_21169" align="alignleft" width="94"]मुकुंद भाईमुकुंद भाई[/caption]: भयानक सड़क हादसे में पैनल प्रोड्यूसर मुकुंद झा का निधन : रविवार का दिन महुआ परिवार के लिए बहुत बुरी खबर लेकर आया। महुआ न्यूज के होनहार पीसीआर प्रोड्यूसर मुकुंद का निधन हो गया। मुकुंद सुबह 11 बजे बाइक से दफ्तर आ रहे थे। फिल्म सिटी के पास पीछे से आ रहे एक डम्फर ने उन्हें कुचल दिया।

मुकुंद भाई

मुकुंद भाई

: भयानक सड़क हादसे में पैनल प्रोड्यूसर मुकुंद झा का निधन : रविवार का दिन महुआ परिवार के लिए बहुत बुरी खबर लेकर आया। महुआ न्यूज के होनहार पीसीआर प्रोड्यूसर मुकुंद का निधन हो गया। मुकुंद सुबह 11 बजे बाइक से दफ्तर आ रहे थे। फिल्म सिटी के पास पीछे से आ रहे एक डम्फर ने उन्हें कुचल दिया।

यही नहीं डम्फर उन्हें घसीटते हुए करीब दस मीटर तक ले गया। लिहाजा मुकुंद का तन दो हिस्सों में बंट गया। मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डम्फर चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने उनकी बाइक पर महुआ न्यूज का स्टिकर देखकर फोन किया। पल भर में ये खबर सबके पास थी। जो जहां था दौड़ा चला आया।

उनका क्षत विक्षत शव नोएडा सेक्टर 94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। वहां पूरे दफ्तर के लोग मौजूद थे। हर आंख नम, हर आंख में आंसू थे। दफ्तर के कई साथी दहाड़ें मारकर रो रहे थे। इसी दौरान मुकुंद की बहन वहां अपने पति के साथ पहुंचीं। मुकुंद अपनी बहन के घर पर ही रहते थे। भाई का यूं जाना बहन के लिए सबसे बड़ा सदमा था। उनकी हालत देखकर और उनका रोना सुनकर भला कौन पत्थर होगा, जिसकी आंखों से आंसू नहीं निकले होंगे। वहां पर मौजूद हर शख्स के पास मुकुंद से जुड़ीं अपनी यादें थीं।

सुबह ही आउटपुट हेड रंजीत कुमार की उनसे बात हुई थी। नए दफ्तर के स्टूडियो से एक घंटे का लाइव जाना था चार बजे। मुकुंद ने उनसे कहा-सर आप दफ्तर पहुंचिए, आपसे पहले मैं पहुंच जाऊंगा..। यही याद करके बार बार रो पड़ रहे थे रंजीत..। पीसीआर में उनके साथी संतोष और शैलेंद्र का बुरा हाल है। कल शाम ही मुकुंद ने इनके साथ चाय पी थी, सुबह इनसे मुलाकात भी हुई थी।

मुकुंद महुआ न्यूज में तीन साल से थे। लम्बा कद…31 साल उम्र थी और अभी शादी नहीं हुई थी। वे बिहार के भागलपुर के रहने वाले थे। यहां अपनी बहन और बहनोई के साथ रहते थे। बच्चे की तरह मानती थीं उनकी दीदी। स्वभाव से बेहद सरल और हंसमुख मुकुंद झा हर किसी के प्रिय थे। किसी विवाद से उनका कभी कोई नाता नहीं रहा। कोई भी समस्या फंसने पर मुकुंद का जवाब होता था-टेंशन मत लीजिए सर, ये हम कर लेंगे। जो काम सौंपा जाता, मुकुंद सौ प्रतिशत पूरा करते थे। पीसीआर में वो पैनल प्रोड्यूसर थे, लेकिन न्यूज के शो में पीटीसी भी पूरी लगन से करते थे साथ ही बबली की चुगली जैसे इंटरटेनमेंट के प्रोग्राम में कई बार उन्होंने ऐक्टिंग भी की थी।

दोपहर में कोई रिकार्डेड प्रोग्राम होता था तो मुकुंद मेरे कमरे में आ जाते थे। हाथ में चाय का प्याला होता था, बगल में बैठते थे। कुछ मैथिल साथियों से मैथिली में बात करते थे, चांदनी झा से मैथिली में खूब चख-चख होती थी। पांच-दस मिनट में माहौल बनाकर चले जाते थे। मैं खुद उनसे बहुत जुड़ाव महसूस करता था। अभी कल ही एक नया शो लांच किया था। सुबह रिकॉर्डिंग थी। मुकुंद ने फोन किया, सर सेट ठीक नहीं लग रहा है, कहिए तो मैं ठीक कराऊं। वो उनका काम नहीं था, फिर भी पेन लेकर मुकुंद ने ग्राफिक्स में सब ठीक करवाया और प्रोग्राम की रिकॉर्डिंग की। यही बात उनकी उन्हें सबसे अलग करती थी। मुकुंद की बातें, उनका अंदाज.. उनकी सरलता और उनका यूं जाना…ऐसा लग रहा है जैसे ऊपर वाले ने अपना एक फरिश्ता भेज रखा हो, जिसके पास धरती पर गुजारने के लिए सिर्फ 31 साल थे।

मुकुंद भाई

मुकुंद झा के निधन के बाद महुआ परिवार ने एक कर्मठ, ईमानदार और शानदार साथी खो दिया है। हम सभी ने एक दोस्त, एक प्यारा साथी खो दिया है। सबका अंतर्मन आहत है, सबके मन में पीड़ा टीस मार रही है। लेकिन जरा उस बहन की सोचिए, जिन्होंने बेटे की तरह मुकुंद को अपने साथ रखा। उस छोटे भाई की पीड़ा सोचिए, जिसे बड़ा अफसर बनाने का सपना देखा था मुकुंद ने। उस बड़े भाई का दर्द समझने की कोशिश कीजिए, जिन्होंने छोटे भाई को गोद में उठाकर बरसों प्यार किया और अब वो भाई हमेशा-हमेशा के लिए विकास मिश्रउनसे दूर चला गया। मुकुंद के परिवार का दुख बहुत बड़ा है। ईश्वर मुकुंद की आत्मा को शांति दे, उनके परिवार को ये दुख उठाने की ताकत दे।

लेखक विकास मिश्र दैनिक जागरण, अमर उजाला, आजतक, न्यूज24 आदि चैनलों-अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं. वे इन दिनों महुआ न्यूज चैनल में प्रोग्रामिंग हेड के पद पर कार्यरत हैं. उनसे संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.

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0 Comments

  1. ashish pratap singh ptc news

    September 18, 2011 at 6:06 pm

    मेरी यही प्रार्थना है भगवान मुकुंद झा के आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इतना बड़ा दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे

  2. fazal imam mallick

    September 18, 2011 at 6:18 pm

    sachmuch stabdh hun is samachar ko padhne ke baad. Mukund ka jaana saal raha hai. unke parivar ke liye meri samvednayein.

  3. kuldeep Bhardwaj

    September 18, 2011 at 7:13 pm

    अत्यंत दुखद है …पत्रकारिता जगत के लिए हरदिल अजीज मुकुंद भाई जी का यु अचानक बिछुड़ जाना ह्रदयविदारक क्षति है …ईश्वर भाईजी की आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इतना बड़ा दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे

  4. Dibyanshu

    September 18, 2011 at 7:28 pm

    यह खबर पढ़कर समझ नहीं पा रहा हूं क्या लिखूं, मुकुंद को कैसे याद करूं करीब एक साल से कोई बात नहीं हुई थी। मैं बार बार नंबर तलाश करता रहा, सोचा था अक्टूबर में दिल्ली जाउंगा तो सरप्राइज दूंगा। मुकुंद मेरे साथ दुमका में पढ़ाई के दौरान रुमेट रहा था । दिल्ली में हम दोनों करीब दो साल साथ साथ रहे। दीदी नीचे रहती थी और हमलोग ऊपर> सालभर पहले मैं रांची आ गया और नंबर का आदान प्रदान हो नहीं पाया> चलिए आप तो चले गए अब वहीं मुलाकात होगी।

  5. Harishankar Shahi

    September 19, 2011 at 3:02 am

    इस अचानक प्राप्त सूचना में बिलकुल अजीब से लग रहा है. कल देर रात इसकी जानकारी दिल्ली से मिली, तब से मन में बहुत दुःख है. मुकुंद भाई जैसे इंसान का इस प्रकार जाने की कल्पना नहीं की जा सकती थी. परन्तु अब इस बहुत दुखद दुर्घटना के बाद सारे परिजनो और मित्रों को दुःख को बर्दाश्त करने की छमता प्रदान करे. मुकुंद भाई की आत्मा को शांति मिले.

  6. dhanish sharma

    September 19, 2011 at 3:18 am

    sunkar dhukh hua.bhagwan unki atma ko shanti da..

  7. Shailesh Singh,Mahuaa News

    September 19, 2011 at 3:46 am

    मुकुंद भाई बार-बार ध्यान बांटने के बावजूद भी जेहन से हट नहीं पा रहे हैं, एसाईंमेंट डेस्क पर होने के कारण उनसे हमारा बार बार वास्ता पड़ता था, उनकी एक एक बातें याद कर आंखें नम हो जाती है…मुकुंद भाई आप बहुत याद आओगे…ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें…

  8. PATHAK

    September 19, 2011 at 4:04 am

    यही प्रार्थना है भगवान मुकुंद झा के आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इतना बड़ा दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे

  9. rajni

    September 19, 2011 at 6:07 am

    भगवान मुकुंद झां की आत्मा को शांति दें..।

  10. माजिद आज़मी, असिस्टेंट प्रोड्यूसर, स्पोर्ट्स

    September 19, 2011 at 6:21 am

    मैं और मुंकुंद झा भाई बहुआ न्यूज़ की शुरुआत से ही साथ काम कर रहे थे..मेरा करियर भी यहीं से शुरु हुआ..लेकिन खुशकिस्मती से इतने अच्छे इंसान से मुलाकात हुई..हम अकसर महुआ न्यूज़ की पैंट्री में बाते किया करते थे..वो हंसमुख थे हिमानी पूजा और मैं उनके साथे कुछ हंसी मज़ाक भी किया करते थे..कुछ महीनों से नाइट कर रहा हूं इस लिए मुलाकात कम हो पा रही थी..उन्होने जब पीटीसी करना शुरू किया तो मैने उनको मुबारकबाद भी दी..चाय की चुस्कियां लेते वो सबसे मुलाकात कर लेते थे..आज उनका जाने का हमे बेहद दुख है..एक आखिरी मुलाकात भी नहीं हो सकी..ऊपर वाला उनकी आत्मा को शांति दे…

  11. digvijay singh

    September 19, 2011 at 6:38 am

    अजीत भाई बोल रहे हैं ?
    हां कौन ?
    मैं दिग्विजय बोल रहा हूं… दादा…वो मुकुंद भाई का एक्सीडेंट हो गया है आप फिल्म सिटी आ जाइए ?
    क्या…!!! भइय्या ठीक तो हैं ना…
    हां ठीक हैं बस आप आ जाइए
    भाई मैं जेएनयू में हूं तुरंत निकल रहा हूं…आप बताइए भैय्या ठीक है ना…

    ये बात मुकुंद भाई के छोटे भाई अजीत से मेरी तब हुई जब मुझपर ये पहाड़ गिर चुका था कि मुकुंद भाई नहीं रहे…

    बेहद सरल और सौम्य मुस्कुराहट वाले जिंदादिल मुकुंद भाई नहीं रहे. सोचकर घबराहट होने लगती है…मुकुंद वो नाम था जो रोते को हंसा देता था. बहुत यादें जुड़ी है उनके साथ…उनके इस तरह जाने से दिल कचोट रहा है. उनके छोटे भाई उनके जीजा जी का हाल देख अभी भी रोना आ जाता है. बहुत सपने थे उनके चाय की दुकान पर एक बार क्रिकेट वर्ल्डकप के दौरान लंबी बात हुई थी. अहा…सोचता हूं आखिर उन सपनों को साकार करने का भगवान ने मुकुंद को मौका क्यों नहीं दिया. अच्छे इंसान को भगवान क्यों जल्दी बहुत जल्दी बुला लेते हैं ?

  12. sugandha

    September 19, 2011 at 6:49 am

    ye ek hirdayavidarak ghatna hai, mukund ka u ham sab ko chod kr chale jana wakaee dukhad hai, bhagwan mukund ki aatma ko shanti de or unki familly ko dukh sehne ki taqat de,

  13. सत्यप्रकाश "आजाद"

    September 19, 2011 at 7:18 am

    भगवान उनकी आत्मा को शांति दें

  14. Rakesh sinha

    September 19, 2011 at 7:47 am

    अत्यंत ही ह्रदय द्रावक समाचार .मुकुंद झा नेक इन्सान थे . इश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे और उनके परिवार को इस आघात को सहने का साहस.

  15. चंदन सिंह

    September 19, 2011 at 9:52 am

    मुकंद झा से कभी मुलाकात नहीं हुई मेरी…लेकिन जाने क्यों उनकी मौत पर आंखें भर आई हैं…जिसने भी मुकुंद के निधन के बारे में सुना, अवाक रह गया…जितने लोग भी उन्हें जानते थे… इस हादसे के बाद सदमे में हैं…मीडिया में मुकुंद जैसे अच्छे लोग बेहद कम हैं…जो ना सिर्फ अपना काम लगन से करते हैं…बल्कि आसपास के लोगों की भी हौसला अफजाई करते रहते हैं…उनकी मौत एक बड़ा सदमा है…मुकुंद को अश्रुपूरित विदाई…

  16. अतुल गंगवार

    September 19, 2011 at 11:08 am

    मेरा कोई परिचय नही है मुकुन्द भाई से पर मीडिया में होने के कारण मैं उनके परिवार के दर्द से खुद को जुड़ा महसूस कर रहा हूं, ईश्वर उनको इस दर्द को सहने की शक्ति दे एवं मुकुन्द भाई की आत्मा को शांति दे.

  17. Tarkeshwar Mishra

    September 19, 2011 at 11:49 am

    कुछ ही महीनों का साथ रहा था हमारा महुआ में, लेकिन मुकुंद जी के वो समर्पित कर्मभाव आज भी हमें इस कटु सत्य को स्वीकार नहीं करने दे रहे कि वो अब हमारे बीच नहीं रहे.
    ईश्वर उनकी आत्मा को एक कर्मयोगी की तरह की सदगति प्रदान करें.

  18. bablu buxar

    September 19, 2011 at 11:55 am

    bagwan atma ko santi de mukind je se ek bar jab mahuaa news me tha to train me mulaket buxar se patna jane ke bach houie the patkareta ka ek suraj ka anta ho gaya .

  19. shail

    September 19, 2011 at 12:01 pm

    bhagwan unki aatma ko shanti de.

  20. ashish gaur unnao mahuaa news

    September 19, 2011 at 12:14 pm

    मेरी यही प्रार्थना है भगवान मुकुंद झा के आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इतना बड़ा दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे

  21. faisal khan

    September 19, 2011 at 1:19 pm

    mukund jha ki durghatna mai hui maut ne sach much hila diya.is tarah se itni kam umar mai chala jana kisi dushman ko bhi rula jata hai,bas upar wale se yahi dua hai ki unki atma ko shanti mile aur unke behnoi behan ve ghar walon ko is dukh ko sehne ki shakti mile,,m faisal khan(channel one news)saharanpur,9412230786

  22. shyaam negi

    September 19, 2011 at 1:26 pm

    मुकुंद भाई आप बहुत याद आओगे…..

  23. Abhishek Shukla

    September 19, 2011 at 2:11 pm

    may god bless his soul and give his family the power and courage at the moment.

  24. Abhishek Shukla

    September 19, 2011 at 2:12 pm

    ईश्वर भाईजी की आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इतना बड़ा दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे

  25. minakshi soni

    September 19, 2011 at 2:15 pm

    मुकुंद सर बेहद ही नेकदिल और जिंदादिल इंसान थे…उनके काम में जो परफेक्शन था वो तो था ही लेकिन उनके हेल्पिंग नेचर ने उन्हें हर दिल अजीज बना दिया….उनका इस तरह चले जाना इस पर यकीन कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा……भगवान से यहीं प्रार्थना है उनकी आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को हिम्मत ताकी वे इस दर्द को झेल सके….मुकुंद सर आप यादों में हमेशा जिंदा रहेंगे….

  26. Neeraj jha

    September 19, 2011 at 2:42 pm

    हर बिहारी अपने कम के प्रति इमानदार होता है इसका जीता जगता मिसाल है मुकुंद भाई जो हर पल आयेगे,भगवान उनके परिबार को इस दुख की घरी से लरने की शक्ति दे

  27. shah alam

    September 19, 2011 at 4:45 pm

    Mukund jaise honihar yuvak ki kami puri media ko mahsoos hogi ——— allah unki aatma ko shanti de —aur uske parivar ko is gham ko sahne ki taaqat de ________
    shah alam anchor taaza tv kolkata

  28. suman pandey

    September 19, 2011 at 4:53 pm

    मुकुंद सर आप बहुत याद आओगे….मेरी आखिरी बातचीत आपसे हुई जब राणा सर को बेस्ट एक्सीलेंट अवॉर्ड मिला था…उसके बाद मेरा आपसे कोई इंट्रैक्शन नई हो पाया….आपके पास जब भी पीटीसी लेकर आती थी आपने कभी मना नहीं किया always ready…कभी किसी पर प्रेसर नहीं डालते थे…पीटीसी देती थी तो उसको injust भी करा कर देते थे…मैं बोलती थी कि सर आपने क्यों injust कराया तो हमेशा बोलते थे पहले से ही आपके पास इतना काम है मैं और प्रेसर नहीं डालना चहाता….आपकी ये सारी बातें बहुत याद आएंगी सर……भगवान आपकी आत्मा को शांती दे…… we ll really miss u MUKUND SIR………

  29. RAM PRAKASH TIWARI

    September 19, 2011 at 5:49 pm

    mukund bhai ki mrityu ki khabar mujhe aaj hi pata lagi. sahsa yakin nahi hua to ek do logon se pucha bhi ki office yani ki mahuaa ki kya khabar hai. sabne yahi bataya ki mukund bhai nahi rahe. majid or anya logon ki tarah hi maine bhi mahuaa mein apna carrier shuru kiya tha or takriban ek saal wahan raha is darmyan meri mukund bhai se hamesha hi baatchit ho jaya karti thi kyonki main waha input mein tha or mukund bhai pcr mein. mahuaa se hatne ke baad bhi main jab bhi film city ki taraf gaya to mukund bhai se mila hoon. hamesha hanste rahna or kisi bhi mushkil mein aapki madad karne ko taiyyar rahne wale shakshiyat ka naam mukund jha tha. bhagwan unki aatma ko sadgati aur shanti de tatha pidit parivar ko iss asim dukh ko sahne ki shakti de.
    !!om shanti shanti shanti om!!
    ram prakash tiwari

  30. Kumud Patel

    September 20, 2011 at 8:29 am

    bhagwan unki aatma ko shanti de. bhagwan ne achha nahi kiya.

  31. akhlaque abdullah

    September 20, 2011 at 5:09 pm

    Mukund ne mere sath 1 saal S1 news channel mai kam kia..bahut hi accha sath tha hum logo ka..bahut hi seedha insaan or saccha bhi..mera ek dost mujhse bichud gaya..jab ye khabar mili mere aankho se aansu nikal pade yaqeen hi nahi hua ke aisa kaise hogya..foran gaya mai postmartm house..bahut dukh hua mujhe sabhi panel ke purane saathi waha maujood the..humne ek accha saathi or apne sath ka panel producer kho diya.11 september ko hi chai ki dukan pe meri mulaqat hui thi..Mukund ke rooh ko sukoon mile.Ameen

  32. ajay yadav frm deoghar (prabhat khabar)

    September 24, 2011 at 7:28 am

    mukund bhai ce mai mila nahi tha magar mai apne brother in law(santosh ji), sister $ renuka ji(mahua) se jitna unke bare me suna. usse dil rona chahta hai. aakhir bhagwan ache insan ko jald apne pas kyon bula leta hai. jabki haqiqat yah hai ki ache insan ki dunia ko jyada jarurat hai. bhagwan unki aatma ko santi den. aur unke bhai(ajit), didi & parijno ko is sankat se ubrne ka sahas den.. unke sath kam karne walon ko housla de…

  33. shailendra rai ( mahuaa news)

    October 15, 2011 at 3:09 am

    bhagwan unki aatma ko shanti de. bhagwan ne achha nahi kiya.

  34. shalin

    October 13, 2012 at 7:39 pm

    भगवान उनकी आत्मा को शांति दें

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