: भड़ास पर देखें पूरा वीडियो : डीएम-एसपी तक पहुंची सीडी पर कार्रवाई नहीं : अन्ना के आंदोलन का असर सचमुच हरओर दिख रहा है. बड़े-बूढ़े तो क्या, अब बच्चे भी करप्शन को कोढ़ मानकर इसके खिलाफ उठ खड़े हुए हैं. सिटिजन जर्नलिज्म और न्यू मीडिया के ट्रेंड ने अन्नागिरी को बढ़ावा दिया है. तभी तो एक किशोर ने अपने मोबाइल से वो कर दिखाया जिसे करने का साहस बड़े बूढ़े तक नहीं कर पाते.
उसने अपने मोबाइल से गांव में वसूली कर रहे लेखपाल को कैद कर लिया. ताजी घटना यूपी के जिला कांशीरामनगर की है. इन दिनों सरकार की तरफ से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया जा रहा है और इसे बनाने के नाम पर सरकारी कर्मचारी किसानों से पैसे वसूल कर रहे हैं. अवैध वसली का पैसा उपर तक बंट रहा है. कांशीरामनगर के कासगंज तहसील क्षेत्र के गांव दोकेली में लेखपाल प्रभात सक्सेना ने किसानों से हिस्सा प्रमाण, खसरा के लिये 500 से लेकर 1000 रुपये तक वसूले.
समस्त ग्रामीण लेखपाल के भ्रष्टाचार से काफी परेशान थे. इसकी शिकायत जिलाधिकारी और एसडीएम से कई बार की गई लेकिन इस लेखपाल के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रही थी. कार्यवाही तो बहुत बड़ी बात है, इसका तबादला तक नहीं हो रहा था. कहने वाले कहते हैं कि यह लेखपाल पैसा उपर तक पहुंचाता था जिसके कारण उसका कोई बाल बांका न कर पा रहा था. लेखपाल ने ग्रामीणों से कई बार कहा कि तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे, मेरे संबंध तहसीलदार से हैं. लेखपाल महोदय एक दिन गांव में चौपाल पर बैठकर किसानों से हिस्सा प्रमाण पत्र और खसरा बनाने के नाम पर अवैध वसूली करने लगे.
इस दौरान गांव के ओमवीर सिह के पुत्र 14 वर्षीय मानवेन्द्र ने चुपके से पैसे के लेनदेन की वीडियो क्लीपिंग अपने मोबाइल से बना ली. रिश्वत लेते हुए वीडियो फिल्म बनने की जानकारी जब लेखपाल को लगी तो वह बौखला गया. उधर, मानवेन्द्र डटा हुआ है. उसका कहना है कि वह अन्ना हजारे के बताये रास्ते पर चलना चाहता है, इसीलिए उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ पहल की है.
चौदह वर्षीय मानवेंद्र द्वारा फिल्माई गई वीडियो देखने के लिए क्लिक करें-
गांव के ही उमेश, रामवीर, सत्यदेव, राजवीर, कान्ति आदि लोगों ने वीडियो क्लीपिंग की सीडी जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे और एस.पी. रत्न कुमार श्रीवास्तव तक पहुंचा दी है. बड़े अफसरों के पास सीडी पहुंचने के बाद भी लेखपाल का बाल बांका नहीं हो पाया है. फिर भी, गांव के लोग खुश हैं कि एक भ्रष्टाचारी उनके चंगुल में फंस चुका है और आगे भी वे लोग घूस मांगने वालों का यही हश्र करने वाले हैं.
कासगंज (कांशीरामनगर) से विपिन शर्मा की रिपोर्ट












rajkumar
September 22, 2011 at 3:54 pm
bhai es desh me adhikari chor hai………….kya kroge………rajkumar firozabad
raju
September 22, 2011 at 4:47 pm
very good, yu hi lage raho, aise logo ko sabak sikhana jaruri hai.