पत्रकारिता अगर गुण्डे बदमाशों का हथियार बन जाये तो पत्रकारिता का सत्यनाश होना तय है वहीं हो रहा है आजकल दैनिक ‘‘प्रदेश टुडे’’ में, जो भोपाल से प्रकाशित होता है। चोरी फिर ऊपर से सीना जोरी। प्रदेश टुडे प्रबन्धन अपने विज्ञापनदाताओं के साथ धोखाधड़ी कर रहा है। वहीं अपने लुटेरेपन की हरकतों पर पर्दा डालने के लिए धमकाने, जान से मारने, उठा लेने और गाली गलौज पर उतर आया है।
वाकया ऑल इण्डिया स्माल न्यूज पेपर्स ऐसोसिएशन ‘‘आइसना’’ पत्रकारों के समूह के पैंतालीस हजार रुपये लेकर विज्ञापन नहीं छापने का है, जो सीधे-सीधे विश्वासघात है। वहीं विज्ञापन नहीं छापा गया तो ईमानदारी इस बात की होनी चाहिए कि रुपया वापस कर दिया जाए। परन्तु जब नियत में खोट हो तो ‘‘राम नाम जपना पराया माल अपना’’ लगता है। तो सीधे सीधे यही बताना चाहता हूं कि वेश्या भी रकम लेकर अपना वचन ईमानदारी से निभाती है, ये तो उनसे भी गये बीते हैं, जो माल भी ले लिया और पेट पर हाथ फेरते गर्राते हुए डकारे ले रहे हैं। परन्तु उनको यह जान लेना चाहिये कि विज्ञापनदताओं के साथ लूट ज्यादा दिन नहीं चलेगी बदहजमी हो गई तो, कहीं न कहीं औंकना भी पड़ेगा।
सतीश पीम्पले के गुण्डे की धमकी : ‘‘प्रदेश टुडे’’ के पत्रकार नितिन दुबे का कहना है कि ‘‘मैं पहले गुण्डा हूं फिर पत्रकार‘‘ यह उन्होंने विनय डेविड के मोबाइल पर धमकी देते हुए कहा, क्योंकि वो अपने ‘‘प्रदेश टुडे’’ के कर्मकांडों में उलझ गया है और थाना एम.पी.नगर में शिकायत होने पर छटपटा रहा है। वो भी जानता है कि प्रबन्धन ने कहीं न कहीं विश्वासघात किया है। परन्तु जो उसने किया वो गलत है। उसने दिनांक 01 अक्टूबर 2011 को दोपहर 2.50 मिनिट पर मोबाइल पर, फोन न. 0755- 3095500 जो ‘‘प्रदेश टुडे’’ का नम्बर है, से गालियां दी और हाथ-पैर तोडऩे, उठा लेने की धमकी दी, वही सतीश पिम्पले द्वारा सुपारी लेने की बात कहीं। त्वरित जिसकी शिकायत विनय डेविड ने थाना एम.पी.नगर को लिखित में दी और उक्त गुण्डे बनाम पत्रकार नितिन दुबे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञात हो कि ‘‘प्रदेश टुडे’’ को 11 सितम्बर 2011 को ‘‘आइसना सम्मान समारोह 2011’’ का विज्ञापन प्रकाशित करने को दिया था, जो प्रदेश टुडे के सतीश पिम्पले द्वारा प्रकाशित नही किया गया, जिसके लिये ‘‘प्रदेश टुडे’’ को पैंतालीस हजार रुपये नगद दिये गये, जो वापस मांगे गए तो उन्होंने देने से इनकार कर दिया। वहीं दबंगई दिखाते हुए सुपारी लेने और निपटाने की धमकियां दी, जिसके लेन-देन में नितिन दुबे, उपदेश अवस्थी, विभूति शामिल हैं।
भोपाल से अजय शर्मा की रिपोर्ट.












B.L.Baghela
October 3, 2011 at 2:47 pm
Patrkaro par Kalank Hai Bhai Janha Parkaro ko Nirbhik hoker Logo dh seva Karna chahiye vahi dusri or esi harkate inko biradri se bahar Kar dena chahiye
B.L.Baghela ([email protected])
tabrez khan
October 5, 2011 at 7:29 am
Jo Aap Ne Khabeer Likhe He Wo Galet He
Or Hum Nitin Bhai Ko Aaj Se Nahi Bahut Time Se Jante He ……………
Wo Esa Natcher Nahi Rakhte He..