नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के नए अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि कम महत्व वाले मुद्दों को मीडिया में अक्सर प्रमुखता मिलती है, जबकि वास्तविक मुद्दे नजरअंदाज हो जाते हैं। लोकतंत्र में मीडिया के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उनका प्रयास मीडिया को आत्मनियंत्रण व स्वनियमन के लिए प्रेरित करना होगा और वह दबाव बनाने के बजाय राजी करने के तरीके का पक्ष लेंगे।
पदभार ग्रहण करने के बाद न्यायमूर्ति काटजू ने कहा, देश के समक्ष गरीबी और बेरोजगारी बड़े मुद्दे हैं। किसी फिल्म अभिनेता की पत्नी का गर्भवती हो जाना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन इन दिनों ऐसी ही खबरें बड़ी बन जाती हैं। काटजू के मुताबिक, किसी फिल्म अभिनेता की पत्नी एक बच्चे को जन्म देगी या जुड़वां को, इससे आखिर राष्ट्र की कौन सी समस्या हल होगी, लेकिन पहले पृष्ठ पर यह खबर प्रमुखता से दिखाई देती है। अगर आप यह मानते हैं कि आप जनता की सेवा करने वालों में शामिल हैं तो आपको जन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
अपनी नई जिम्मेदारी के बारे में न्यायमूर्ति काटजू ने कहा, मैं दस्तावेज देख रहा था और कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि दंड तथा लाइसेंस निरस्त करने जैसे प्रावधान होने चाहिए, लेकिन मैं इस तरह के तरीकों का पक्षधर नहीं हूं। काटजू ने बताया कि वह हर दो महीने पर मीडिया के साथ अनौपचारिक बैठक करेंगे। इनमें मीडिया की जरूरतों, उसकी जिम्मेदारियों और समस्याओं पर चर्चा की जाएगी, ताकि समस्याएं दूर हों और बेहतरी आए। मीडिया से सुझाव देने को भी कहा जाएगा। वह सही मुद्दों को रेखांकित करने के बारे में आम सहमति निर्मित करने का तरीका पसंद करेंगे। साभार : एजेंसी












sanjay pandey
October 8, 2011 at 6:26 am
sir aap jese logo ki press ko bahut jarurat hai,press parisad me pej 3 ke bajaye jamin se jude log hone chahiye,aap ko sadhu bad sir ji