लखनऊ से राजेंद्र मोहन सक्सेना 1996 से 2003 तक ‘खास बात’ नाम से एक मैग्जीन निकालते थे। बाद में वृद्धावस्था के चलते उन्हें मैग्जीन का प्रकाशन बंद करना पड़ा। मैग्जीन का मालिकाना हक राजेंद्र मोहन सक्सेना की पत्नी शिखा राजे के पास था। अब यह मैग्जीन फिर से पाठकों के समक्ष आ चुकी है। इसे पुनर्जीवित किया है मनीष सरन और पुनीत निगम ने। इन दोनों ने मैग्जीन का अधिकार खरीद कर इसे कानपुर से प्रकाशित करने लगे हैं। मनीष सरन जो मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर हैं और पत्रकारिता का शौक रखते हैं, मैग्जीन के प्रबंध निदेशक हैं। कई अखबारों में काम कर चुके पुनीत निगम पत्रिका के प्रकाशक, संपादक और मुद्रक का दायित्व निभा रहे हैं।
सात अन्य पत्रकारों को जोड़कर पत्रिका के संचालन के लिए एक समिति का गठन कर लिया गया है। ‘खास बात’ अभी मासिक है और इसे साप्ताहिक करने की योजना है। मूल्य है 10 रुपये। जल्द ही इसका वेब एडिशन भी लांच किया जाएगा। मैग्जीन का रजिस्टर्ड आफिस 475-सी ब्लाक, पनकी, कानपुर में और संपादकीय कार्यालय 117/137, ओ-ब्लाक, गीतानगर, कानपुर में है। मैग्जीन के बारे में ज्यादा जानकारी 09839067621 और 09936967331 के जरिए हासिल की जा सकती है।











