भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज का वोट देते हुए फोटो लेना मीडियाकर्मियों के लिए मुसीबत बन गया है। करीब 60 मीडियाकर्मियों, जिसमें पत्रकार, फोटोग्राफर और कैमरापर्सन शामिल हैं, पर प्रशासन की तरफ से चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज करा दिया गया है। मामला 23 अप्रैल का है जब लोकसभा के लिए दूसरे चरण की वोटिंग हुई। बताया जाता है कि भोपाल के बैरागढ़ इलाके में सुषमा स्वराज वोट देने के लिए निकलीं तो मीडियाकर्मियों का हुजूम उनके पीछे दौड़ पड़ा। सुषमा ने मीडियाकर्मियों को पूरा मौका दिया और जमकर तस्वीरें खिंचवाईं। बात यहीं तक नहीं रुकी। पत्रकार, कैमरापर्सन और फोटोग्राफरों का दल पीठासीन अधिकारी की अनुमति के बगैर सुषमा के पीछे-पीछे चुनाव बूथ तक पहुंच गया।
इन लोगों ने वो तस्वीर भी खींच लीं, जिसमें भाजपा नेत्री इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के जरिए किसे वोट दे रही हैं, यह पता चल जा रहा है। बताया जाता है कि एक समाचार एजेंसी ने भाजपा को वोट देते हुए सुषमा स्वराज की तस्वीर रिलीज भी कर दी। यह फोटो कई अखबारों में प्रकाशित हो गई। तभी प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया। पता चला है कि पीठासीन अधिकारी ने बिना अनुमति बूथ के अंदर प्रवेश करने और वोट डालते वक्त फोटो खींचने के जुर्म में 60 से ज्यादा मीडियाकर्मियों पर केस दर्ज करा दिया है। उधर, विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसे अच्छा मौका देखते हुए सुषम पर हमला बोल दिया। कांग्रेस ने सुषमा स्वराज को अपना वोट सार्वजनिक करने के लिए दंडित करने की मांग की।











