प्रेस विज्ञप्ति : ”क्या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने क्वात्रोची के मामले पर देश के शर्मिंदा होने संबंधी बयान देकर सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी को शर्मिंदा नहीं किया है? क्या भारत की सरकार मलेशिया और अर्जेंटीना के कानून और कोर्ट के फैसले पर चलती है? क्या प्रधानमंत्री यह समझते हैं कि एक अभियुक्त के समर्थन में भारत सरकार के खड़े होने से दुनिया में भारत का नाम रोशन होगा, जबकि भारत की अदालत ने क्लीन चिट नहीं दी है। हम आशा करते हैं कि इन सबूतों को देखने के बाद प्रधानमंत्री अपने बयान को वापस ले लेंगे और सोनिया गांधी, कांग्रेस पार्टी और देश की जनता को शर्मिंदगी से बचा लेंगे।”
यह लिखा है और पूछा है संतोष भारतीय ने। चौथी दुनिया के 17 मई के अंक की कवर स्टोरी ”बोफोर्स घोटाले की अनकही कहानी” कुल तीन संपूर्ण पृष्ठों पर फैली हुई है। बोफोर्स घाटोले में क्वात्रोची को क्लीन चिट दिए जाने के दावे की धज्जियां उड़ाती और सुबूतों व तथ्यों की भरमार पेश करती मशहूर पत्रकार और चौथी दुनिया के एडिटर इन चीफ संतोष भारतीय की इस रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में बेचैनी पैदा कर दी है। बोफोर्स को चुका हुआ और खत्म मुद्दा मान रही
पार्टियों और मीडिया के लोगों को भी इस रिपोर्ट ने सोचने पर मजबूर किया है। इस बार की आवरण कथा में है बोफोर्स घोटाले की अनकही कहानी, घोटाले का पूरा कच्चा चिट्ठा, घोटाले का पूरा सच। कुछ भी अछूता नहीं। परत-दर-परत छानबीन। पहली बार एक जगह सारे तथ्य। बोफोर्स कांड से जुड़े उन सारे तथ्यों का ब्योरा, जो अब तक सामने नहीं आए हैं। क्यों और कैसे हुआ सौदा? कितने पैसे लिए? कैसे रची गई पूरी साजिश? किस तारीख को किस व्यक्ति के किन खातों में कितने पैसे का हुआ आदान-प्रदान? किन लोगों की थी संलिप्तता? चौथी दुनिया के इस अंक में इसका भी ब्योरा है कि अगर क्वात्रोची के कारनामों का खुलासा नहीं होता तो वह भारत में और क्या-क्या गुल खिला सकता था। संतोष भारतीय ने यह भी खुलासा किया है कि किस तरह से बोफोर्स कंपनी ने जान-बूझकर भारत सरकार को अंधेरे में रखा। इसके साथ ही, क्यों किया प्रधानमंत्री ने सीबीआई का बचाव। चौथी दुनिया दे रहा है वे सारे सुबूत जिसके बाद प्रधानमंत्री को शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं रहेगी। कैसे हुआ घोटाला, कब और किस नंबर से सीईआई ने किया मामला दर्ज और क्यों बनता है मामला क्वात्रोची के खिलाफ? इन खुलासों के बाद सुबूत न होने की बात कहने वाली सरकार खुद कठघरे में दिखाई देने लगी है। संतोष भारतीय का सीधा सवाल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से- सुबूत तो हैं प्रधानमंत्री जी, फिर आप शर्मसार करने वाले बयान क्यों दे रहे हैं?
चौथी दुनिया का यह अंक जरूरी है उन लोगों के लिए जो भारतीय राजनीति में रुचि रखते हैं। जो जानना चाहते हैं कि भारत में रक्षा सौदे किस तरह होते हैं। जो बोफोर्स की असलियत को जानना और समझना चाहते हैं, उनके लिए बेहद आवश्यक है चौथी दुनिया का यह अंक। चौथी दुनिया रख रहा है सारे सुबूत और तथ्य, जनता के सामने। चौथी दुनिया की टीम का दावा है कि वे इस मसले को लेकर किसी भी कोर्ट में खड़े होने और सरकार का सहयोग करने के लिए तैयार है।
बहुत दिनों बाद किसी मीडिया माध्यम में किसी एक बड़े मुद्दे पर इतनी बड़ी इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट छपी है। चुनाव के इस दौर में जब ज्यादातर मीडिया माध्यम भविष्य की रणनीति के लिहाज से सभी दलों व नेताओं से मधुर रिश्ते बनाकर चलने में यकीन कर रहे हैं, चौथी दुनिया की टीम सत्ता में बैठे और सत्ता में आने को लालायित दलों व उनके नेताओं की करनी को उजागर करने में जुटी हुई है। एक बड़े झूठ का पर्दाफाश करने वाली इस बड़ी रिपोर्ट को पढ़ने के लिए चौथी दुनिया के 17 मई के अंक को पढ़िए, जो अब बिक्री के लिए उपलब्ध है।











