वायस आफ इंडिया का दामन फिर दागदार हुआ है। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डा. नरोत्तम मिश्रा ने वीओआई के मालिकों समेत कई वरिष्टों पर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में क्रिमिनल केस दायर किया है। दतिया इलाके से वर्तमान में विधायक डा. नरोत्तम ने ग्वालियर में कल एक पत्रकार वार्ता कर वीओआई प्रबंधन पर चरित्रहनन करने, ब्लैकमेल करने और पैसा उगाहने के आरोप लगाए। ग्वालियर के सभी अखबारों में डा. नरोत्तम के बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। दो अखबारों नई दुनिया और राज एक्सप्रेस में प्रकाशित समाचार को आप यहां क्लिक कर देख सकते हैं। भड़ास4मीडिया से बातचीत में डा. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि लोकसभा निवार्चन के दौरान मतदान से दो दिन पहले चरित्र हनन करने के वास्ते वीओआई न्यूज चैनल ने भ्रामक समाचारों की सीरिज प्रसारित की।
वे वीओआई के स्थानीय संवाददाता को विज्ञापन के लिहाज से भुगतान पहले ही कर चुके थे। पर ये लोग ज्यादा पैसे पाने के लिए ब्लैकमेल करने पर उतर आए और मेरे खिलाफ अनाप-शनाप आरोपों-अफवाहों को खबर बनाकर प्रसारित करने लगे। डा. मिश्र के मुताबिक, इस संबंध में जब मैं और मेरे शुभचिंतकों ने मधुर मित्तल से बात की तो खबर रोकने के लिए उन्होंने दस लाख रुपए की मांग की। बातचीत में सौदेबाजी होती रही और मामला पांच लाख से तीन लाख के बीच आ गया। मोबाइल पर हो रही इस सारी बातचीत को हम लोगों ने रिकार्ड कर लिया और मीडिया के इस उत्पीड़न के खिलाफ हाईकोर्ट में केस दायर कर दिया है। गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी डा. नरोत्तम मिश्र का कहना है कि न्यूज चैनल के एमडी इस हद तक नीचे उतर आएंगे, उन्हें उम्मीद नहीं थी। इन लोगों ने मतदान से पहले मेरा चरित्र हनन के लिए खुद ही पर्चे छपवाकर अपने लोगों के जरिए घर-घर बंटवाने लगे थे। उन्होंने जानकारी दी कि ब्लैकमेलिंग करने और कराने वाले न्यूज चैनल वीओआई का लाइसेंस निरस्त करने के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र भेज दिया गया है। इस चैनल के खिलाफ अलग-अलग अपराधों में तीन अन्य केस भी जल्द ही दायर किए जाएंगे।











