आफिस में इश्क ने कइयों की जिंदगी और करियर बर्बाद किया लेकिन कमबख्त इश्क जो है, मानता ही नहीं। जाने-अनजाने आए दिन किसी न किसी को चपेट में लेता रहता है, और फिर अपने ढेरों साइड इफेक्ट के जलवे बिखेरता रहता है। ताजा मामला रांची का है। एक न्यूज चैनल में कार्यरत एक पत्रकार ने ऐसा इश्क किया कि महबूबा की नौकरी चली गई और एक तीसरे सज्जन का तबादला कर दिया गया। मामला कुछ यूं है। एक लड़की नौकरी शुरू करती है और एक रिपोर्टर उसे दिल दे बैठते हैं। आका का वरदहस्त होने के चलते वे किसी से डरते भी नहीं। उल्टे, आफिस में जिसे जी चाहे उसे वे कुछ भी सुना देते हैं। उनका तीखा-कड़वा सुन आफिस के अच्छे-अच्छों का दिल जल-भुन जाता है।
नई नवेली महिला पत्रकार संग इस पत्रकार सज्जन का उठना बैठना ज्यादा शुरू हो गया। शुरू में किसी ने बहुत ध्यान नहीं दिया। पर जब इश्क के मारे ये दोनों पत्रकार बेचारे एक दिन शहर से दूर के किसी दूसरे शहर के होटल में जाकर रुके और कई दिनों बाद लौटे तो आफिस में कानाफूसी शुरू हो गई। कानाफूसी पत्रकार तक पहुंची तो इनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। आफिस के छोटे-बड़े सभी को न सिर्फ खरी-खोटी सुनाई बल्कि गालियों से भी नवाजा और देख लेने की धमकी दे डाली। खुद को बेइज्जत महसूस करते हुए आफिसवालों ने कंपनी के मुख्यालय को शिकायती पत्र लिख मारा। चूंकि मामला आका संरक्षित पत्रकार से संबंधित था इसलिए गाज आरोपी पर गिरने की जगह, दूसरों लोगों पर गिरा दी गई। मुख्यालय के अफसरों ने सबसे पहले तो विवाद की जड़ महिला पत्रकार को बाहर कर दिया। इसके बाद गाली-गलौज वाले दिन आफिस में मौजूद रहने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार का तबादला मुख्यालय के लिए कर दिया। जिन-जिन लोगों ने कंप्लेन किया था, उन्हें कंपनी ने शो काज नोटिस जारी कर दिया। बाद में एक जांच अधिकारी भी आए तो उन्होंने शिकायत वापस लेने के लिए शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाया। अब आफिस वाले परेशान हैं कि जिस पर आरोप है, वह सबको धमकाता घूम रहा है और जो पीड़ित हैं, कंपनी उन्हें ही परेशान कर रही है। पता चला है कि बर्खास्त की गई महिला पत्रकार के पिता मामले को कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। खैर, इस प्रकरण को देखकर यही लगता है कि अगर आप पर किसी ठीकठाक आका का हाथ हो तो मजबूत से मजबूत विरोधी और बड़े से बड़ा कारनामा भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।











