Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

बड़े मीडिया हाउस अब हिंदी वेब मीडिया का सत्यानाश करेंगे?

[caption id="attachment_14894" align="alignleft"]नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर एक ‘खबर’[/caption]प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया की तरह अब वेब मीडिया में भी हिट होने के लिए घटिया से घटिया फार्मूले आजमाए जाने लगे हैं। खासकर देश के दो बड़े हिंदी अखबारों की न्यूज वेबसाइटों मे जिस तरह से नंगापन बढ़ने लगा है, उससे संवेदनशील पत्रकारों के कान खड़े हो गए हैं। इन दोनों वेबसाइटों में जिस तरह की घटिया खबरें परोसी जाने लगी हैं, उससे खबर पढ़ने के लिए इन पोर्टलों पर जाने वाले लोग परेशान हैं। लोगों ने अपनी नाराजगी को इन पोर्टलों के घटिया समाचारों में कमेंट के रूप में डालना भी शुरू कर दिया है। लेकिन पोर्टल के संचालक इन नसीहतों, उलाहनों को भी अपनी सफलता मान रहे हैं। इनका मानना है कि जो चीज जितनी विवादित होगी, उतनी ही हिट और बिकाऊ होती है। आइए, इन दोनों वेबसाइटों का नाम भी बता देते हैं। ये हैं- भास्कर डाट काम और नवभारत टाइम्स डाट काम

प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया की तरह अब वेब मीडिया में भी हिट होने के लिए घटिया से घटिया फार्मूले आजमाए जाने लगे हैं। खासकर देश के दो बड़े हिंदी अखबारों की न्यूज वेबसाइटों मे जिस तरह से नंगापन बढ़ने लगा है, उससे संवेदनशील पत्रकारों के कान खड़े हो गए हैं। इन दोनों वेबसाइटों में जिस तरह की घटिया खबरें परोसी जाने लगी हैं, उससे खबर पढ़ने के लिए इन पोर्टलों पर जाने वाले लोग परेशान हैं। लोगों ने अपनी नाराजगी को इन पोर्टलों के घटिया समाचारों में कमेंट के रूप में डालना भी शुरू कर दिया है। लेकिन पोर्टल के संचालक इन नसीहतों, उलाहनों को भी अपनी सफलता मान रहे हैं। इनका मानना है कि जो चीज जितनी विवादित होगी, उतनी ही हिट और बिकाऊ होती है। आइए, इन दोनों वेबसाइटों का नाम भी बता देते हैं। ये हैं- भास्कर डाट काम और नवभारत टाइम्स डाट काम

इन पोर्टलों के हिट्स बटोरने के इस अनैतिक तरीके को मिलती सफलता को देखकर अब दूसरे मीडिया हाउस भी अपने न्यूज वेब पोर्टलों के संपादकों को पोर्न खबरें व तस्वीरें समाचार के रूप में परोसने के लिए दबाव बनाने लगे हैं। भड़ास4मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार वेब पोर्टलों के कई संपादकों ने प्रबंधन से पत्रकारिता के नाम पर इस तरह की छिछोरी और ओछी हरकत में शामिल होने से मना कर दिया है लेकिन यह समस्या का हल नहीं है। ये संपादक नहीं करेंगे तो उनकी जगह कोई प्रबंधन प्रिय घटिया संपादक आकर अच्छी सेलरी के लिए  इस काम को बखूबी अंजाम देगा। सवाल यह है कि आखिर मीडिया हाउसों को नान-न्यूज के जरिए आगे बढ़ने का जो चस्का लगा है, उससे मीडिया और देश का कितना नुकसान हो रहा है, इसका कोई अंदाज इन मीडिया हाउसों के कर्ता-धर्ताओं को है या बस उन्हें सिर्फ और सिर्फ रेवेन्यू व हिट्स ही दिखाई दे रहा है? हिंदी ब्लागर भी इन स्तरीय कही जाने वाली न्यूज वेबसाइटों के इस घटिया काम को गरियाने में जुट गए हैं। इस पहल का भड़ास4मीडिया स्वागत करता है और सभी हिंदी ब्लागरों से अपील करता है कि वे हिंदी वेब मीडिया में सक्रिय बड़े घरानों के इस छोटे काम का अपने-अपने स्तर पर जमकर विरोध करें और कम से कम हिंदी न्यूज पोर्टलों के अब तक कायम उच्च स्तर को बरकरार रखने में दबाव बनाने का काम करें। 

सृजन-गाथा नामक ब्लाग पर प्रवीन उपाध्याय भास्कर डाट काम की सेक्स पत्रकारिता नामक अपने लेख में इस परिघटना को मीडिया की वेश्यावृ्त्ति करार देते हैं और लिखते हैं-


”जब पत्रकारिता के मानदण्ड टूट जाते हैं तथा जब पत्रकारिता जन विरोधी तथा अपनी अस्मिता को बेंच चुकी होती है तो उसके पास अतार्किक तथा अप्रासंगिक चीजों का प्रचार-प्रसार करने के इतर कोई अन्य चारा नहीं रह जाता। दैनिक भास्कर वैसे तो काफी नामी हिन्दी न्यूज पेपर है लेकिन इसकी वेबसाइट देखने पर पता चलता है कि यह पेपर मानसिक रूप से बीमार है और नवयुवको को भी मानसिक रूप से बीमार करना चाहता है। इसीलिए दुनिया भर की वे खबरे जो बीमार लोगों और बीमार समाजों से आती हैं, वह भास्कर की साइट पर हेडलाइन बन जाती हैं। खोज-खोज कर अश्लील खबरें तथा चित्र छापे जाते हैं ताकि साइट की रेटिंग बढ जाये। इस वेबसाइट पर कोई विशेष खबर नहीं रहती, न ही कोई राजनैतिक सामाजिक लेख, जिससे पाठक जागरूक हो सकें। इस वेबसाइट की तुलना तमाम ब्लागों से की जा सकती है जो इस तरह की चीजें अपने ब्लाग पर छापते हैं। रोग तथा वायर्ड न्यूज जिस तरह से इस न्यूज पेपर मे प्रमुख रूप से छप रहा है वह निश्चय ही पत्रकारिता के बदतर होते हालात को सामने रखता है।

इस वेबसाइट में कोई नई खबर नहीं होती, जितना बड़ा यह पेपर बताया जाता है, उस हिसाब से इसके पास खबरें नहीं। गूगल हिन्दी पर प्रकट हो रही हिन्दी न्यूज वेबसाइट में बहुत सी साइटें, जो अभी कम्पनी भी नहीं हैं, तथा दो चार लोगों द्वारा चलाई जाती हैं, उनकी खबरें नई होती हैं तथा जनता से जुडी होती हैं। यहाँ तक कि कुछ ब्लाँग भी इससे अच्छे हैं, इसलिये नहीं कि वे बडे़ हैं बल्कि इसलिये कि वे अच्छी खबरें देते हैं जो इन पेपरों में नहीं छपती तथा जो जनता की खबरें होती हैं तथा सच्ची होती हैं। न्यूज पेपर के एडिटर को नंगी तस्वीरें बड़ी प्रिय हैं इसलिये वे सेक्स की हर वायर्ड न्यूज पर इन पोर्न तस्वीरों को चस्पा करवाते हैं जिससे नवयुवक आकर्षित हों तथा रेटिंग बढे। हिन्दी पत्रकारिता में इस तरह का बदलाव ऐतिहासिक है तथा जिसके सिर पर देश को मुद्दावीहीन करने का ठीकरा फोड़ा जाना चाहिये।

जनसत्ता के व्यंगकार अजदक ने जो प्रतिक्रिया इस रविवार को “सबसे उम्दा दिमाग” कालम में लिखी है, वह बहुत सटीकता के साथ तथा कथित मीडिया बुद्धिजीवियों के खोखलेपन को नंगा करता है। गलत तथा जनविरोधी परिघटनाओं को तरलीकृत कर ये लोग जनता को वायर्ड खबरों के चटखारे में लगाये रखते हैं। इसकी प्रतिक्रिया आज नहीं तो कल होनी ही है क्योंकि जब जनता के मुद्दों की अनदेखी की जाती है तो विस्फोट होता है, आतंकवाद पैर फैलाता है, माओवाद को ताकत मिलती है। मीडिया का इस तरह वेश्यावृत्ति चरित्र में बदल जाना इस देश के लिये चिन्ता जनक है। बुद्धिजीवीयों को एक मंच पर आना चाहिये तथा एक नई मीडिया का निर्माण करना चाहिए जो सम्भव है।”


आइए अब कुछ खबरें नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की वेबसाइटों की बताते हैं, जो न्यूज के नाम पर परोसी जा रही है-


नभाटा की वेबसाइट पर एक खबर है- बात सेक्स की हो तो साइज़ मैटर करता है

इस खबर पर कुछ पाठकों की टिप्पणियां इस प्रकार हैं-

Howard, India का कहना है :This substandard news is expected from NBT, It is nothing more than a cheap porn website, the writer of these news should be shot in the head immediately.

tapesh, ghaziabad का कहना है :डियर एनबीटी, आपको ऐसे बेहूदा समाचार नही छापने चाहिए, आप एक ज़िम्मेदार न्यूज़ पेपर हैं. आप ही बताइए आपकी इस न्यूज़ से क्या शिक्षा मिलती है या ये कोई न्यूज़ है

vik, USA का कहना है : NBT न्यूज़ साइट है या पॉर्न साइट है? I always see only sex /porn related news on it. Yes, size matters, but “when it somes to news, its brain size”. i think NBT should hire peoples with bigger brain SIZE and smaller (*****), so that they can write better articles.


नभाटा के न्यूज पोर्टल पर ही एक अन्य खबर है-  कामसूत्र के आसन में फंसे पति-पत्नी

इस खबर एक पाठक की टिप्पणी इस प्रकार है-

jeet, Indore का कहना है : नवभारत टाइम्स से बेकार फूहड़ अख़बार देश में कोई नहीं है. अख़बार के नाम पर इसके संपादक संस्कृति मैली कर रहे है. फॉरिन में भारतीय संस्कृति को सम्मान के साथ देखा जाता है. लेकिन इसके संपादक अपनी गंदी आंखों से पूरे समाज को नंगा देख रहे हैं. क्या एनबीटी में कोई महिला कर्मचारी नहीं है, जो साइट की सामग्री पर आपत्ति कर सके.


दैनिक भास्कर अखबार के भास्कर डाट काम पर एक खबर होम पेज पर बिलकुल टाप में बाक्स के रूप में चल रही है, शीर्षक है-

कैथोलिक फादर ने दी सेक्स टिप्स

इसी साइट पर एक अन्य खबर है- गोरे गाल देते हैं सेक्स को बढ़ावा


इन खबरों को पढ़ने-देखने के बाद अब आप ही बताइए, ये क्या न्यूज पोर्टल हैं या ज्यादा से ज्यादा हिट्स और रुपये बटोरने के प्रयास में सब कुछ परोसने-दिखाने को आतुर घटिया सेमी-पोर्न वेबसाइट्स हैं? ये ऐसी वेबसाइट बन गई हैं जो न्यूज पढ़ने के लिए आने वाले पाठकों को जागरूक करने, खबरों की भूख शांत करने, वैज्ञानिक चेतना से लैस करने की जगह सेक्स के विजुअल और गासिप परोस कर उन्हें और भ्रमित व कुंठित बनाने की ओर बढ़ा रही हैं। नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर का प्रबंधन हिंदी की अपनी न्यूज वेबसाइटों को आगे बढ़ाने के लिए जिस खतरनाक रास्ते को अपना रहे हैं, कल को इसी रास्ते पर दूसरे मीडिया हाउसों के भी न्यूज पोर्टल चल पड़ें तो आश्चर्य नहीं करना चाहिए क्योंकि इनकी नजर में आजकल बाजार और बिजनेस ही माई-बाप है। आपकी क्या राय है?

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...