16 मई के दिन हुई लोकसभा चुनावों की मतगणना ने कई तरह के अ-राजनीतिक रिकार्ड भी कायम किए हैं। ये रिकार्ड आनलाइन और इलेक्ट्रानिक मीडिया से संबंधित हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट को तीन लाख हिट्स प्रति सेकेंड मिले तो आज तक जैसे न्यूज चैनल की व्यूवरशिप में ढाई सौ फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ। पहले बात करते हैं आनलाइन माध्यम की। ताजे चुनाव नतीजे जानने के लिए लोग इतनी बड़ी संख्या में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर टूटे की साइट जाम हो गई और सर्वर बोल गया। चुनाव आयोग की साइट की देख-रेख कर रहे सरकारी अधिकारियों ने करीब तीन हजार हिट्स प्रति सेकेंड की उम्मीद करते हुए साइट के संचालन की व्यवस्था की थी लेकिन तीन लाख हिट्स प्रति सेकेंड आने से वेबसाइट ने काम करना बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि गूगल जैसी वेबसाइट को भी इतनी हिट्स नहीं मिलती। चुनाव आयोग की वेबसाइट ने ओवरलोड और हेवी ट्रैफिक की वजह से शाम साढ़ पांच बजे के आसपास बंद हो गई और कंटेंट अपलोडेशन का काम भी ठप हो गया।
नेशनल इनफारमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के सर्वर पूरी रात ठप रहे। इसे अगले दिन ही ठीक किया जा सका, तब जाकर चुनाव जीते सभी प्रत्याशियों का विवरण साइड पर अपलोड किया जा सका। उधर, हिंदी और अंग्रेजी न्यूज चैनलों की व्यूवरशिप में रिकार्ड उछाल मतगणना के दिन आया। आडियेंस मीजरमेंट एंड एनालिटिक्स लिमिटेड (एमैप) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक हिंदी टीवी न्यूज चैनलों की औसत जीआरपी (ग्रास रेटिंग प्वाइंट्स) में हफ्ते भर पहले वाले इसी दिन की तुलना में 130 प्रतिशत का उछाल आया और यह उछाल अंग्रेजी न्यूज चैनलों के लिए 80 फीसदी रहा।
आज तक ने एवरेज जीआरपी के मामले में सभी चैनलों से बहुत आगे रहा। 16 मई के दिन इस चैनल की जीआरपी 20.2 रही जो पिछले हफ्ते 11 मई रविवार की जीआरपी 5.8 की तुलना में 249 प्रतिशत ज्यादा है और 10 मई की तुलना में 130 फीसदी अधिक है। आज तक के बाद नंबर दो पर स्टार न्यूज रहा जिसकी जीआरपी 17.2 थी। 13.1 की जीआरपी के साथ इंडिया टीवी नंबर तीन पर और 6.7 की जीआरपी के साथ आईबीएन7 नंबर चार पर रहा। इसके बाद सर्वाधिक देखे जाने वाले चैनल जी न्यूज रहा जिसकी जीआरपी 5.6 थी। एनडीटीवी इंडिया 5.1 की जीआरपी के साथ छठें स्थान पर रहा। एनडीटीवी इंडिया के बाद समय का स्थान है जिसकी जीआरपी 16 मई को 2.6 थी। समय को 11 मई की जीआरपी के मुकाबले 102 फीसदी की वृद्धि 16 मई के दिन मिली। कितने लोगों ने न्यूज चैनल कितने समय तक देखा, इसका पता जीआरपी के जरिए चलता है।











