Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दुख-दर्द

दंगाइयों ने मीडिया को भी नहीं बख्शा

कई मीडियाकर्मी जख्मी : वियना में सिख धर्म गुरु की हत्या के बाद पंजाब में हुए उपद्रव को कवर करना मीडिया के लिए अब तक का सबसे बुरा अनुभव था।

कई मीडियाकर्मी जख्मी : वियना में सिख धर्म गुरु की हत्या के बाद पंजाब में हुए उपद्रव को कवर करना मीडिया के लिए अब तक का सबसे बुरा अनुभव था।

चंडीगढ़ से आई मीडिया टीमों में से कुछ की ओबी वैन तो रात के अंधेरे में जालंधर पहुंच गईं और सुरक्षित जगह पर प्लेस भी हो गईं लेकिन कई चैनल्स की ओबी रास्ते में ही फंस गई। इन ओबी को सुरक्षित जगह पर खड़ा करने के लिए मीडिया को काफी भाग-दौड़ करनी पड़ी। एनडीटीवी के चंडीगढ़ के पत्रकार अपनी ओबी को जालंधर लाने के लिए मशक्कत करते रहे। ये लोग काफी देर तक फगवाड़ा में ही फंसे रहे। अगले दिन सुबह ही उनकी गाड़ी जालंधर पहुंच सकी। जालंधर में दंगा करने वालों ने मीडिया को एक तरीके से बांध कर रख दिया। दंगे को कवर करने वाले पत्रकार दंगा करने वालों के निशाने पर थे। जो भी पत्रकार दंगाइयों की तोड़-फोड़ करते फोटो खींच रहा था या वीडियो बना रहा था,  उस पर हमला किया गया। हिंदुस्तान टाइम्स के फोटोग्राफर प्रदीप शर्मा को दंगा करने वालों ने घेर लिया। प्रदीप को एक घर में छुप कर अपनी जान बचानी पड़ी और कैमरा को भी उसी घर में सुरक्षित रखना पड़ा।

दैनिक भास्कर के फोटो जर्नलिस्ट दीपक के साथ भी यही हुआ। उन्हें भी अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। दीपक पर दंगा करने वालों ने हमला बोल दिया था। इसी कड़ी में चैनल नंबर वन के जर्नलिस्ट प्रवीन शर्मा का कैमरा और मोबाइल छीन लिया गया। यह सारा कुछ 24 मई को रविदास चौक के आस-पास पुलिस की आंखों के सामने हुआ। पुलिस तमाशा देखती रही। इसके बाद अगले दिन दिल्ली से आई टाइम्स नाऊ की टीम पर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर एक पर दकोहा गांव के निकट दंगा करने वालों ने हमला बोल दिया। इस हमले में पत्रकार को चोटें आईं। ठीक उसी वक्त जम्मू मेल को आग लगाने की घटना को कवर करने की कोशिश कर रहे आज तक के पत्रकार पर भी हमला हुआ और उनका कैमरा तोड़ा गया।

यही हालत स्टार न्यूज़ के पत्रकार और कैमरामैन की भी हुई। प्रिंट और टीवी के जो भी जर्नलिस्ट दंगाइयों की हरकतों को कैमरे में कैद करने-कराने की कोशिश में जुटे, उन्हें दंगाइयों ने निशाना बनाया। कई लोग इसे दंगा करने वालों की सुनियोजित योजना का हिस्सा करार दे रहे हैं। शासन-प्रशासन की भूमिका पूरी तरह मूकदर्शक की रही जिससे दंगाइयों को मीडिया वालों पर हमला करने के लिए उकसावा मिलता रहा। प्रशासन मीडिया पर हमला करने वालों की शिनाख्त कर उन पर कार्रवाई करने से भी बच रहा है। इस मुद्दे को लेकर जालंधर के पत्रकार गंभीर हैं। पत्रकारों ने प्रेस क्लब में एक मीटिंग का आयोजन कर हमले के शिकार हुए मीडियाकर्मियों को मुआवजा देने और दोषियों को दंडित करने की मांग की है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...