पत्रकारों और गैर पत्रकारों को अंतरिम राहत देने को लेकर हाईकोर्ट के आदेश से संबंधित खबर में त्रुटिवश 90 दिन की जगह 30 दिन प्रकाशित हो गया, जिसे अब सुधार दिया गया है। इस तथ्यात्मक गलती के लिए हम माफी मांगते हैं। हाईकोर्ट ने तीन महीने अर्थात करीब 90 दिनों के भीतर पत्रकारों और गैर पत्रकारों को अंतरिम राहत प्रदान करने का जो निर्देश दिया है, उसे लागू कराने के वास्ते दबाव बनाने के लिए पत्रकार संगठन सक्रिय हो गए हैं। बनारस के पत्रकार संगठनों ने वाराणसी परिक्षेत्र के अपर श्रमायुक्त को जो ज्ञापन सौंपा है, उस ज्ञापन को यहां प्रकाशित किया जा रहा है। -एडिटर, भड़ास4मीडिया
सेवा में,
अपर श्रमायुक्त
वाराणसी परिक्षेत्र
वाराणसी
विषय :- पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों के 30 प्रतिशत अंतरिम राहत के संबंध में।
महोदय,
पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों के लिए घोषित अंतरिम राहत (मूल वेतन का 30 प्रतिशत) दिनांक 08.01.2008 से देय है। इसे लागू करवाने के संबंध में पूर्व में पत्रक व समाचार पत्रों की सूची दी गई थी, जिस पर कोई कार्रवाई न होने की वजह से माननीय उच्च न्यायालाय द्वारा रिट संख्या 27339/09 में निर्देशित किया गया कि तीन माह के अंदर अंतरिम राहत को मय एरियर के साथ दिलाने की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश की छाया प्रति साथ में संलग्न है।
अतएव आपसे अनुरोध है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अंतरिम राहत को वाराणसी से प्रकाशित समस्त दैनिक समाचार पत्र संस्थानों से मय एरियर के साथ दिलाने की उचित व आवश्यक कार्रवाई करें एवं किए गए कृत्य से अवगत कराएं।
अजय मुखर्जी
मंत्री
समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन
योगेश कुमार गुप्त
अध्यक्ष
काशी पत्रकार संघ
संलग्नक :-
1. हाईकोर्ट के आदेश की छायाप्रति
2. गजट की छायाप्रति
प्रतिलिपि :-
1. श्रम सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ
2. जिलाधिकारी, वाराणसी











