Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

अब पत्रकारिता का हो रहा अपराधीकरण!

[caption id="attachment_15112" align="alignleft"]पत्रकैलाश चंदेल के लिखित बयान का एक अंश[/caption]घायल फोटोग्राफर ने दो पत्रकारों का लिया नाम : राजनीति के अपराधीकरण पर पत्रकारों ने खूब लिखा और इस मुद्दे पर देश भर में काफी बातें हुईं लेकिन अब जब खुद पत्रकारिता अपराधीकरण की राह की ओर बढ़ चुकी है तो इसकी चर्चा कहीं नहीं हो रही है। राजस्थान में पिछले दिनों जो हुआ वह पत्रकारों और अपराधियों के गठजोड़ को साबित करने के लिए पर्याप्त है। दैनिक वीर अर्जुन के फोटोग्राफर कैलाश चंदेल पर 19 जून, 2009 की सुबह राजधानी जयपुर के हृदय स्थल जौहरी बाजार में चाकुओं से हमला किया गया।

पत्रघायल फोटोग्राफर ने दो पत्रकारों का लिया नाम : राजनीति के अपराधीकरण पर पत्रकारों ने खूब लिखा और इस मुद्दे पर देश भर में काफी बातें हुईं लेकिन अब जब खुद पत्रकारिता अपराधीकरण की राह की ओर बढ़ चुकी है तो इसकी चर्चा कहीं नहीं हो रही है। राजस्थान में पिछले दिनों जो हुआ वह पत्रकारों और अपराधियों के गठजोड़ को साबित करने के लिए पर्याप्त है। दैनिक वीर अर्जुन के फोटोग्राफर कैलाश चंदेल पर 19 जून, 2009 की सुबह राजधानी जयपुर के हृदय स्थल जौहरी बाजार में चाकुओं से हमला किया गया।

नकाबपोश हमलावर घायल चंदेल को मरा समझ कर छोड़ भागा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। सौभाग्य से चंदेल बच गये। पुलिस ने जब चंदेल से पूछा कि क्या किसी पर उन्हें शक है तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। चंदेल ने बताया कि उन्हें एक जमीन विवाद को लेकर दो बड़े पत्रकारों ने फोन कर धमकी भरे अंदाज में खबर‘समझाया’ था। इन दोनों पत्रकारों के नाम चंदेल ने पुलिस को अपने बयान में बता दिए हैं। इनमें से एक पिंक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राठौड़ हैं और दूसरे पत्रकार हैं प्रदेश के एक बड़े समाचार समूह के सांध्य दैनिक ‘न्यूज टुडे’ के संपादक राजेश शर्मा। चंदेल ने पुलिस को लिखित बयान में बताया है कि उनके एक परिचित व्यक्ति के पास बड़ी जमीन है, जिसको लेकर जमीन मालिक और उसके पुत्र में विवाद चल रहा है। जमीन के दलाल और खरीदार इस जमीन का सौदा करना चाहते थे। उन्होंने जमीन विवाद हल कराने के लिए कैलाश चंदेल पर बहुत दबाव डाला और किसी भी सूरत में विवाद समाप्त कर सौदा कराने की मांग की। जब चंदेल ने उनसे साफ कह दिया कि वे इस मामले में कुछ नहीं कर सकते तो सौदागरों ने मीडिया में बैठे अपने पत्रकारों से कैलाश चंदेल को समझाकर मामला निपटाने की कोशिशें कराईं, लेकिन कोई बात नहीं बनी, क्योंकि पिता-पुत्र के मामले में चंदेल कुछ नहीं कर सकते थे।

बाद में भू-माफियाओं और दलालों ने चंदेल को धमकाने-समझाने के लिए दोनों पत्रकारों वीरेंद्र सिंह राठौड़ और राजेश शर्मा का इस्तेमाल किया। चंदेन का कहना है कि उनका किसी से कोई झगड़ा या रंजिश नहीं है। चंदेल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके परिजन दहशत में है। चंदेल भी अपनी जान को लेकर आशंकित हैं। घायल चंदेल पर प्रभावशाली पत्रकारों की ओर से बयान वापस लेने और पत्रकारों के बीच का मामला होने के कारण मिल-बैठकर इसे आपस में निपटा लेने का दबाव डाला जा रहा है। उधर, जयपुर पुलिस राठौड़ और शर्मा को कई बार थाने बुला चुकी है लेकिन इनके पत्रकार होने के कारण कोई भी कदम फूंक-फूंक कर उठा रही है। पुलिस अभी तक हमलावरों का भी पता नहीं लगा सकी है।

 

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...