जालंधर में कुछ रोज पहले दो पत्रकारों की जम कर धुनाई की गयी। मजे की बात यह है कि धुनाई करने वाले कोई और नहीं बल्कि पत्रकार बंधु ही थे। नरिंदर गुप्ता (चैनल वन) और उसी के एक अन्य साथी जतिंदर शर्मा को अपनी हरकतों के कारण टीवी पत्रकारों के हाथों पिटना पड़ा। जालंधर के पत्रकार इनकी हरकतों से लम्बे समय से परेशान थे। पंजाब प्रेस क्लब के पास नरिंदर गुप्ता के खिलाफ कई शिकायतें पहले भी पहुंच चुकी थीं। नरिंदर की पिटाई जिस वजह से हुई, उसे देखते हुए प्रेस क्लब ने नरिंदर गुप्ता के क्लब में घुसने पर आजीवन रोक लगा दी है।
ये दोनों खुद को दूसरे चैनलों का पत्रकार बताकर किरायेदार से विवाद में फंसे एक मकान मालिक को ब्लैकमेल कर पैसे उगाहने का प्रयास कर रहे थे। जानकारी के अनुसार मकसूदां थाना क्षेत्र के एक मकान मालिक ने अपने किरायेदार का सामान उठा कर बहार फिंकवा दिया था। जब इस बात की जानकारी इन दोनों पत्रकारों को मिली तो ये किरायेदार का पक्ष लेकर मकान मालिक को धमकाने लगे और बीस हजार रुपये की मांग कर डाली।
वैसे तो नरिंदर गुप्ता खुद को चैनल वन का पत्रकार बताता है लेकिन इस मामले में नरिंदर ने मकान मालिक को खुद को एमएच वन का और जतिंदर ने खुद को न्यूज़ 24 का पत्रकार बताया। इन दोनों ने थाना मकसूदां में भी खुद को इन्हीं चैनलों का पत्रकार बता कर थाने के पुलिसवालों पर दबाव डालने का प्रयास किया। मामला जब एमएच वन और न्यूज 24 के असली पत्रकारों के संज्ञान में आया तो इन दोनों ने अन्य टीवी जर्नलिस्टों को सूचित किया। नरिंदर और जतिंदर ने मामले को किरायेदार से विवाद के मामले को दबाने के लिए मकान मालिक के साथ सेटिंग की और बीस हजार रुपये की मांग की। मकान मालिक ने इस बात की जानकारी अपने करीबी पत्रकार दविंदर सिंह (फास्ट वे) को दे दी।
सभी टीवी जर्नलिस्टों ने इस मुद्दे पर एक साथ कार्रवाई की योजना बनाई और मकान मालिक को विश्वास में लेकर उनके घर में जाल बिछा दिया। दोनों ब्लैकमेलर पत्रकारों ने जैसे ही आ कर खुद को एमएच वन और न्यूज 24 का पत्रकार होने का दावा किया तो पहले एमएच वन के पत्रकार सुमित खन्ना और फिर न्यूज़ 24 के पत्रकार परमजीत सिंह रंगपुरी इन पर टूट पड़े। बाद में पंकज सोनी (लाइव इंडिया), अतुल शर्मा (टाइम्स नाऊ), सुनील रुद्रा (जी न्यूज) आदि ने भी इन दोनों की पिटाई की। नरिंदर गुप्ता पर पहले भी जालंधर में भ्रष्टाचार और ब्लैकमेलिंग के मामला दर्ज हुए थे। वह काफी दिनों तक भगोड़ा भी रहा और उसे चैनल से निकाल भी दिया गया था। लेकिन बाद में फिर वह चैनल वन में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गया। यह मामला जालंधर की मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।











