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आईएएनएस महिलाकर्मियों का टेंशन कम होगा

आईएएनएस में काम करने वाली महिलाकर्मी अब कम टेंशन में जियेंगी। उनकी सुरक्षा को लेकर प्रबंधन ने ठीक-ठाक इंतजाम करने का दावा किया है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और यौन हिंसा की शिकार महिला को न्याय देने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से संस्थानों / कंपनियों आदि के लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इन दिशा-निर्देशों को मीडिया संस्थानों ने भी लागू करना शुरू कर दिया है। मीडिया संस्थान गाइडलाइन के हिसाब से अपनी आंतरिक प्रणाली ठीक करने में लग गए हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस के प्रबंधन ने पिछले दिनों एक आंतरिक मेल जारी कर यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों की त्वरित व न्यायपूर्ण सुनवाई के लिए उचित मैकेनिज्म विकसित किए जाने की बात कही है।

आईएएनएस में काम करने वाली महिलाकर्मी अब कम टेंशन में जियेंगी। उनकी सुरक्षा को लेकर प्रबंधन ने ठीक-ठाक इंतजाम करने का दावा किया है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और यौन हिंसा की शिकार महिला को न्याय देने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से संस्थानों / कंपनियों आदि के लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इन दिशा-निर्देशों को मीडिया संस्थानों ने भी लागू करना शुरू कर दिया है। मीडिया संस्थान गाइडलाइन के हिसाब से अपनी आंतरिक प्रणाली ठीक करने में लग गए हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस के प्रबंधन ने पिछले दिनों एक आंतरिक मेल जारी कर यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों की त्वरित व न्यायपूर्ण सुनवाई के लिए उचित मैकेनिज्म विकसित किए जाने की बात कही है।

आंतरिक मेल में कहा गया है कि अगर कोई भी यौन हिंसा का मामला सामने आता है तो सबसे पहले पीड़ित को मौखिक या लिखित शिकायत एचआर विभाग में दर्ज करानी होगी। एचआर डिपार्टमेंट की ओर से शिकायत की जांच के लिए दो वरिष्ठ महिलाओं के नेतृत्व में टीम गठित की जाएगी। एक महिला आफिस की होंगी और दूसरी बाहर से नामित की जाएंगी। प्रबंधन द्वारा जारी मेल को पढ़ने के बाद कहा जा सकता है कि आईएएनएस ने अपने यहां काम करने वाली महिलाकर्मियों को न सिर्फ सुरक्षा कवच मुहैया कराया है बल्कि कभी यौन हिंसा की दुर्भाग्यशाली घटना हो जाने पर पीड़िता को तुरंत न्याय व आरोपी को तुरंत दंड दिलाने की व्यवस्था भी कर दी है।

आईएएनएस प्रबंधन द्वारा जारी आंतरिक मेल इस प्रकार है-


Date: Saturday, 1 August, 2009

As mandated by the Supreme Court, IANS has instituted a proper mechanism to look into cases of sexual harassment and appropriate redressal.

The complainant should first lodge a verbal or written complaint to the Human Resources Department or their supervisors, detailing the offending incident/s. The supervisors should in turn inform the HR Department.

The HR Department will constitute a committee of two senior staff, a senior woman staff member, and a woman representative of an appropriate NGO to hear both parties.

A decision on the action to be taken against the perpetrator will be taken on the basis of the submissions. This action will be implemented within a week.

Penal action can range from filing of a police complaint, dismissal from service, disciplinary action within the organization, a written rebuke that will be placed with the perpetrator’s confidential records, or any combination of the above.

Support services/professional guidance will be made available to the victim, and any other organizational assistance that is reasonable and within the capacity of IANS to provide.

Arun Chacko


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