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युवा दिवस पर कई क्षेत्रों के दिग्गजों की जुटान

गोलमेज वार्तालाप का दृश्य

वरिष्ठ पत्रकारों ने युवाओं के भटकाव पर बात की : अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस (12 अगस्त 2009) पर संयुक्त राष्ट्र सूचना केन्द्र और इंडिया वर्ल्ड फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय परिसर (सेमिनार हॉल) में ‘शांति और विकास में युवाओं की भूमिका’ विषय पर एक गोलमेज वार्तालाप का आयोजन किया गया।

गोलमेज वार्तालाप का दृश्य

वरिष्ठ पत्रकारों ने युवाओं के भटकाव पर बात की : अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस (12 अगस्त 2009) पर संयुक्त राष्ट्र सूचना केन्द्र और इंडिया वर्ल्ड फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय परिसर (सेमिनार हॉल) में ‘शांति और विकास में युवाओं की भूमिका’ विषय पर एक गोलमेज वार्तालाप का आयोजन किया गया।

इस मौके पर भारत में संयुक्त राष्ट्र सूचना केन्द्र की निदेशक शालिनी दीवान ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून का लिखित संदेश पढ़ा। अपने संदेश में श्री मून ने विश्वभर के युवाओं से जलवायु परिवर्त्तन, प्राकृतिक आपदाओं, आतंकवाद, नस्लवाद, आर्थिक मंदी, गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से  मिलकर लड़ने की अपील की है। बान की मून ने अपने संदेश में युवाओं को पर्यावरणीय बदलावों से जुड़े विकास अभियानों में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी निभाने को कहा है। उन्होंने विश्व के चालीस फीसदी बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन की जिम्मेदारी भी कार्यशील युवकों के कंधों पर ही सौंपी है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यसभा के उपसभापति के. रहमान खान ने युवाओं को विकास का इंजन करार देते हुए उन्हें निर्बाध गति से सतत आगे बढ़ने को प्रेरित किया। रहमान ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के सिद्धांतों को आदर्श माना और कहा कि वैश्वीकरण के इस दौर में दुनियाभर की चुनौतियों और समस्याओं पर अगर शांति और विकास का साम्राज्य कायम करना है तो विश्वभर के युवाओं को गले-शिकवे भुलाकर एक मंच पर आना ही होगा। उन्होंने समाज के समग्र विकास, हिंसा और आतंक को जड़ से समाप्त करने के लिए एक कार्यबल के गठन पर भी जोर दिया।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य यास्मीन अबरार ने विषय पर चर्चा करते हुए युवाओं को जोड़ने की बात कही। उन्होंने बदलते परिवेश में गुम होती पारंपरिक पारिवारिक व्यवस्था के स्वरुप पर चिंता जाहिर की और उसके संरक्षण पर जोर दिया। अबरार के मुताबिक परिवार ही संस्कारों का स्कूल होता है, लिहाजा युवाओं की प्रारंभिक पाठशाला को मजबूत बनाए बिना उनसे विकास और शांति की अपेक्षा करना बेमानी होगी। प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष जयशंकर गुप्त ने मानवीय मूल्यों के संरक्षण की बात कही। उन्होंने युवाओं को मानवीय मूल्यों से लैस करने की वकालत की। उनके मुताबिक जब युवा संस्कारवान होंगे, तब समाजविरोधी गतिविधियों से खुद ब खुद तौबा करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक एसके साहू ने युवाओं मे गांधीवादी मूल्य और आदर्शों की स्थापना पर जोर दिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) के अध्यक्ष इमरान किदवई ने दुनियाभर के युवाओं को जमीनी हकीकत से रु-ब-रु होने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने देश, समाज को जानेगा, तब उसमें सर्जनात्मकता का विकास होगा। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने भी युवाओं को सभ्यता और संस्कारों की अच्छी तालीम देने की सिफारिश की।

ज़ी न्यूज के संपादक सतीश के सिंह ने मध्य बिहार के हालात की चर्चा करते हुए कहा कि तीन दशक पहले वो इलाका सोना उगलता था, लेकिन बाद में चलकर वहां युवाओं की ऐसी पौध जमा हुई, जिनके हाथों में हल-कुदाल की जगह एके-47 है, और आंखों में विकास के सपनों की जगह विनाश की रुपरेखा। उन्होंने गिरते कानून व्यवस्था और राजनीतिक मापदंड को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। लाइव इंडिया न्यूज चैनल के एडीटर इन चीफ सुधीर चौधरी ने युवाओं में बेरोजगारी, बेकारी की चर्चा करते हुए सरकारी नीतियों को आड़े हाथों लिया और इसे ही युवाओं के भटकाव के लिए जिम्मेदार ठहराया।

कार्यक्रम में लोकसभा के अतिरिक्त सचिव एनके साप्रा, एफआईईओ के महासचिव जीपी उपाध्याय, शिक्षा सलाहकार पी. विश्वास, भारत सरकार की प्रधान सूचना अधिकारी नीलम कपूर, भारतीय कृषक समाज के अध्यक्ष डॉ. कृष्णवीर चौधरी, एआईसीसी के सचिव विवेक बंसल, युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव महमूद प्राचा, हिन्दुस्तान टाइम्स की एसोसिएट एडीटर सरोज नागी, प्रसार भारती बोर्ड के सदस्य सुनील डांग, मशहूर कत्थक नृत्यांगना नलिनी कमलिनी, मशहूर पॉप गायक डीजे नारायण, फिल्म निर्माता-निर्देशक अनवर जमाल, फिल्म अभिनेत्री अनीता छावड़ा, काउंसलर डॉ. अनिल सेठी, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना रॉय गवई समेत कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन और विषय के औचित्य और भूमिका पर इंडिया वर्ल्ड फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक और एनई टीवी ग्रुप के सीनियर एडीटर कुमार राकेश ने प्रकाश डाला, जबकि वरिष्ठ पत्रकार अजय एन झा ने प्रस्तावना रखा। कार्यक्रम के शु्रुआत में वरिष्ठ पत्रकार वीरेन्द्र मिश्र ने आगत अतिथियों का परिचय कराया। इनके अलावा वरिष्ठ पत्रकार जोसेफ गाथिया, एचटी के केवी लक्ष्मण, डीडी न्यूज की राखी बख्शी, दैनिक पासवां के ब्यूरो चीफ एसएच शम्स, नाऊ पब्लिक कनाडा के दक्षिण एशियाई ब्यूरो चीफ संजय झा, नवभारत के ब्यूरो चीफ अनुज गुप्ता, डॉ. अनिल तोमर, एक्सचेंज फोर मीडिया के अनुराग बत्रा, हरियाणा कांग्रेस के विजेन्द्र गोयल, गुरुनानक इंस्टूच्यूट ऑफ आईटी एन्ड मैनेजमेंट के अध्यक्ष सरदार त्रिलोचन सिंह, एकेडी इन्फोटेक के एमडी आशीष दास और पत्रकार प्रमोद कुमार प्रवीण भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक, केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे, जनजातीय मामलों के मंत्री कांतिलाल भूरिया, केन्द्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री कृष्णा  तीरथ, और केन्द्रीय राज्यमंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता एस एस अहलुवालिया, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के महासचिव तारिक अनवर, भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्द्धन और भारतीय महिला प्रेस परिषद की अध्यक्ष नीरजा चौधरी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं भेजीं।


कार्यक्रम की तस्वीरें देखने के लिए क्लिक करें- गोलमेज वार्तालाप
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