उड़ीसा के मलकानगिरि जिले में पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ 24 जुलाई को तीन प्रदेशों के सैकड़ों पत्रकारों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के पत्रकारों ने मलकानगिरि जिले के बस स्टैंड से लेकर कलेक्टर आफिस तक रैली निकालकर अपने गुस्से का इजहार किया। बाद में कलेक्टर आफिस के सामने सभा की। इसमें उड़ीसा पुलिस के दोषियों को दंडित करने और पीड़ित पत्रकारों को मुआवजे की मांग की गई।
मामला कुछ इस प्रकार है। बारूदी सुरंग विस्फोट के चलते शहीद हुए 17 लोगों की अंतिम यात्रा के दौरान उमड़ी पब्लिक के साथ पत्रकारों व फोटोग्राफरों का दल घटना की कवरेज के लिए जा रहा था। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों व फोटोग्राफरों पर हमला बोल दिया और इनके कैमरे वगैरह तोड़ डाले। सभा में पत्रकारों ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री के लिए पांच सूत्रीय मांग पत्र कलेक्टर को सौंपा। सभी ने एक सुर से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई। कलेक्टर एनबी जवाले ने सभा स्थल पर पहुंचकर घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने दोषियों को दंडित करने व पीड़ितों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इस मौके पर अजय साहू, एनयूजे के प्रमोद सामंत्रे, ओयूजे के रत्नाकर दास आदि मौजूद थे।











