मीडिया वर्कशाप के दौरान छात्र-छात्राओं ने सीखा मीडिया में सफलता पाने के गुर : युवाओं में करियर आप्शन के रूप में जर्नलिज्म की लोकप्रियता को देखते हुए पिछले दिनों गुड़गांव के कापसहेड़ा स्थित फेयर फील्ड इन्सटीट्यूट आफ मैनेजमेंट एन्ड टेक्नालाजी (एफआईएमटी) के पत्रकारिता विभाग की तरफ से संस्थान में मीडिया वर्कशाप का आयोजन किया गया। एफआईएमटी और मीडिया मैनेजमेन्ट कम्पनी प्रोटाटेक इन्डिया की तरफ से आयोजित दो दिनी वर्कशाप में विद्यार्थियों को जर्नलिज्म से जुडे़ हर पक्ष से रूबरू कराया गया।
साथ ही प्रैक्टिकल एक्सपोजर देने के लिए विभिन्न कम्पटीटिव सेशन भी करवाये गये। प्रोटाटेक इन्डिया कम्पनी के मीडिया प्रमुख ब्रजेश श्रीवास्तव, फिल्म डायरेक्टर मयंक श्रीवास्तव, न्यूज एंकर रश्मि मिश्रा ने इस सेशन में विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए दो क्रिएटिव राउन्ड करवाए। इसमे पहला राउन्ड न्यूज रीडिंग और दूसरा क्रिएटिव एक्टिंग का रखा गया। इन दोनों राउन्ड में छात्र-छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया।


वर्कशाप का मु़ख्य उद्देश्य था छात्र-छात्राओं को एक ऐसा मंच देना जिससे वे जर्नलिज्म की बारीकियों को समझ कर अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इस उद्देश्य को देखते हुए वर्कशाप में कई मीडिया दिग्ग्जों ने शिरकत की। वर्कशाप में प्रिन्ट मीडिया का गुर सिखाया गया और एकंरिग, न्यूज रीडिंग की बारीकियां समझाई गई। कार्यशाला के दूसरे दिन भड़ास4मीडिया डॉट कॉम के एडिटर यशवंत सिंह ने छात्र-छात्राओं को मीडिया में आ रहे परिवर्तनों से परिचय कराते हुए कहा कि जर्नलिज्म के स्टूडेन्ट्स के सामने प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ-साथ वेब मीडिया जैसा नया विकल्प भी मौजूद है। आज के दौर में हर सचेत नागरिक एक पत्रकार है। वह अपने विचारों को ब्लाग के जरिए प्रकट करता है। ब्लाग की दुनिया से रूबरू कराते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना ब्लाग बनाकर किसी भी मुद्दे पर अपनी राय को सबके सामने रख सकता है। यशवंत ने विद्यार्थियों को ब्लाग बनाने के गुर भी सिखाए। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी को अपना ब्लाग बनाना चाहिए ताकि उनकी लिखने की क्षमता का विकास हो और वे खुद को तकनीकी रूप से अपग्रेड कर सकें।
कार्यशाला के अन्त में एफआईएमटी की प्रिन्सिपल वशिष्ठा ने कहा कि समय-समय पर इस तरह की वर्कशाप जरूर होनी चाहिए ताकि बच्चों को सही दिशा मिल सके। एफआईएमटी की छात्रा महिमा का कहना था कि इस वर्कशाप से उन जैसे विद्यार्थियो को काफी कुछ सीखने को मिला है। इस मौके पर संस्थान के कई टीचर मौजूद थे, जिन्होंने बच्चों को भरपूर सहयोग दिया।











