मध्य प्रदेश के जिला रीवा में वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ दीपक मिश्र की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। उधर, गुजरात जिले के आनंद में द हिंदू के ब्यूरो के डिप्टी चीफ 52 वर्षीय अरूण भट्ट की मौत हो गई। वे आनंद अपनी मां से मिलने के लिए आए हुए थे। दोनों पत्रकारों को भड़ास4मीडिया की तरफ से श्रद्धांजलि।
रीवा में पत्रकार दीपक मिश्र की हत्या में उनके चचेरे भाई डा. संजय मिश्रा का हाथ होना बताया जा रहा है। पुलिस ने डा. संजय मिश्रा, उनके कंपाउण्डर एवं उनके परिजनों को हिरासत में लिया है। डाक्टर के निवास से यू.पी. ७२ नंबर की बाइक जब्त की गयी है। बताया जाता है कि पत्रकार दीपक मिश्र अपनी कार से दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे जहां से डा. संजय मिश्रा के निवास पर गये।
वहां से श्री मिश्र व तीन अन्य व्यक्ति कार में सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। बाद में कलेक्ट्रेट से अपने कार्यालय की ओर लौट रहे श्री मिश्र की कार अचानक कलेक्ट्रेट मोड़ से बस स्टैंड की ओर लौट पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से पुलिस ने बताया कि मोड़ से पचास मीटर दूर कार बढऩे के साथ ही फायरिंग की आवाज सुनाई दी। जब तक लोग समझ पाते चालक सीट पर बैठा व्यक्ति कार को भगा ले गया. इस बीच बताते है कि दीपक मिश्र कार से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे नाकाम रहे। बाद में आरोपी कार छोड़ कर फरार हो गये। दीपक मिश्र के दाये कान के उपर, गर्दन व कनपटी में तीन सुराख थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो जमीनी विवाद के चलते डा. संजय मिश्रा का हाथ प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे सामने आया है। बताया जाता है कि सुपारी देकर दीपक मिश्र की हत्या करायी गयी है।
गुजरात से प्राप्त समाचार के अनुसार अरुण भट्ट की मौत आनंद जिले में हुई। वे अपनी मां से मिलने आए हुए थे। अरुण ने अपनी पीएचडी डिफेंस स्टडीज में की थी। मानसिक युद्ध पर उनकी लिखी एक किताब भी प्रकाशित हुई है। द हिंदू में वे रक्षा विषयों पर लगातार लिखते रहे हैं। रक्षा कार्यक्रमों व अभियानों में वे हमेशा शामिल होते रहे हैं। द हिंदू से पहले वे इंडियन एक्सप्रेस और द डेली में कार्य कर चुके थे। परिवार में उनकी पत्नी व एक बिटिया हैं। अरुण भट्ट की मौत पर द हिंदू प्रबंधन ने गुजरात के अपने विशेष संवाददाता को प्रतिनिधित्व करने के लिए आनंद भेजा है।











