22 जुलाई को संसद में भाजपा के कुछ सांसदों ने वोट के बदले नोट दिए जाने के मामले को नोटों के बंडल को दिखाते हुए उठाया और इसके लिए सत्ता पक्ष को दोषी ठहराया। बताया जाता है कि सीएनएन-आईबीएन ने वोट के बदले नोट प्रकरण को स्टिंग आपरेशन के जरिए शूट किया था। बाद में इस टेप को लेकर काफी कयास लगाए गए। सीएनएन-आईबीएन ने अब इस टेप पर आधिकारिक रूप से अपना पक्ष सामने रखा है।
एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए सीएनएन-आईबीएन ने कहा है कि स्टोरी को पूर्ण न होते देख चैनल ने इसे प्रसारित न करने का फैसला किया। विज्ञप्ति के मुताबिक, सीएनएन-आईबीएन ने अपने संपादकीय मानदंडों के अनुरूप इन टेपों को परखा। इन टेपों के जरिए जो स्टोरी तैयार हो रही थी उसमें कई तरह की विसंगतियां हैं।
इनके तथ्यों को क्रास चेक किया जाना जरूरी था। साथ में कई और इनवेस्टीगेशन जरूरी थे। इसीलिए फिलहाल इन टेपों को नहीं प्रसारित करने का निर्णय लिया गया है। चैनल ने यह भी कहा है कि सभी असंपादित फुटेज और टेप लोकसभा स्पीकर को सौंपा जा चुका है। लोकसभा अध्यक्ष ने पहले ही इन टेपों के तथ्यों व दृश्यों को देखते हुए और नोट के बदले वोट के आरोपों के चलते जांच के आदेश दे दिए हैं। यह जांच 11 अगस्त को पूरी होगी।











